{"_id":"5aae67154f1c1bba758b6213","slug":"criminal-cases-are-rising-against-children-and-senior-citizens-in-the-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों और वृद्धों के खिलाफ बढ़ रहा अपराध, महाराष्ट्र और एमपी सबसे आगे: NCRB","category":{"title":"India News","title_hn":"भारत","slug":"india-news"}}
बच्चों और वृद्धों के खिलाफ बढ़ रहा अपराध, महाराष्ट्र और एमपी सबसे आगे: NCRB
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Sun, 18 Mar 2018 06:50 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक चित्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देशभर में बच्चों और वृद्धों के खिलाफ अपराधों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। साल 2016 में देशभर में बच्चों के खिलाफ यौन उत्पीड़न के कुल एक लाख से अधिक मामले थे। वहीं इनमें से केवल 229 मामलों में उस साल ट्रायल कोर्ट फैसला सुना पाया। इस बीच साल 2014-16 के बीच वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ होने वाले अपराधों में से 40 फीसदी मामले केवल महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से सामने आए।
विज्ञापन
वयस्क चचेरे भाई द्वारा एक आठ महीने की बच्ची के बलात्कार के मामले में जनहित याचिका दाखिल करने वाले वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने 2016 के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों का उल्लेख करते हुए सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उस साल कुल एक लाख एक हजार 326 मामलों में से केवल 229 मामलों का फैसला ट्रायल कोर्ट कर सकी है। जबकि यौन अपराध से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत ऐसे मामलों में ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपपत्र पर संज्ञान लिए जाने के एक साल के अंदर मामले का निर्णय करना होता है।
विज्ञापन
वहीं एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में बच्चों खिलाफ होने वाले अपराधों में साल 2015-16 के बीच 11 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। वहीं बच्चों के खिलाफ होने वाले कुल अपराधों में से आधे (48.8 फीसदी) मामले अपहरण से जुड़े हैं जबकि 18 फीसदी मामले बलात्कार के हैं।
विज्ञापन
वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराध की बात की जाए तो इसमें महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सबसे ऊपर हैं जहां से साल 2014-16 के बीच उनके खिलाफ अपराध के 40 फीसदी मामले सामने आए हैं। गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, साल 2016 में दिल्ली में ऐसे मामलों में कमी आने के बावजूद देश की राजधानी उन सात राज्यों में शामिल है जहां ऐेसे अपराध होते हैं।