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MHA: 'जांच अधिकारियों को लाभ पहुंचाने के लिए डेटा समृद्ध मंच बनाएं एनसीआरबी', गृह मंत्री अमित शाह का निर्देश
Tue, 24 Dec 2024 05:22 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Tue, 24 Dec 2024 05:22 PM IST
सार
इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, एनसीआरबी के निदेशक और गृह मंत्रालय, एनसीआरबी और एनआईसी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक के दौरान गृह मंत्री ने एनसीआरबी से आग्रह किया कि नए आपराधिक कानूनों को आईसीजेए 2.0 में पूरी तरह लागू किया जाए
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एनसीआरबी को गृह मंत्री का निर्देश
- फोटो : ANI
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) को एक डेटा-समृद्ध प्लेटफॉर्म विकसित करने का निर्देश दिया है, जो जांच अधिकारियों और आपराधिक न्याय प्रणाली के अन्य हितधारकों की मदद करेगा।
तीन नए आपराधिक कानूनों की समीक्षा
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह निर्देश नई दिल्ली में एनसीआरबी के साथ तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिया। इस बैठक में अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क और प्रणाली (सीसीटीएनएस 2.0), राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (एनएएफआईएस), जेल, अदालत, अभियोजन और फॉरेंसिक्स को अंतर-संचालित आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस 2.0) के साथ अखिल भारतीय स्तर पर एकीकृत करने की प्रगति की समीक्षा की गई।
केंद्रीय गृह सचिव समेत तमाम अधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, एनसीआरबी के निदेशक और गृह मंत्रालय, एनसीआरबी और एनआईसी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक के दौरान गृह मंत्री ने एनसीआरबी से आग्रह किया कि नए आपराधिक कानूनों को आईसीजेए 2.0 में पूरी तरह लागू किया जाए और हर राज्य व केंद्र शासित प्रदेश में ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, ई-साइन और ई-समन जैसे एप्लिकेशन का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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केंद्रीय गृह मंत्री ने तकनीक के उपयोग पर दिया जोर
तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए अमित शाह ने कहा कि सभी आपराधिक मामलों में पंजीकरण से लेकर मामले के निपटान तक पूर्व-निर्धारित चरणों और समय-सीमाओं पर अलर्ट जनरेट होने चाहिए, ताकि पीड़ितों और शिकायतकर्ताओं को लाभ मिल सके। गृह मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, 'पूर्व-निर्धारित समय-सीमा के अनुसार जांच अधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अलर्ट भेजने से जांच प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद मिलेगी।'
अमित शाह ने एनसीआरबी के प्रयासों की सराहना की
उन्होंने सुझाव दिया कि गृह मंत्रालय और एनसीआरबी के अधिकारियों की एक टीम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर तकनीकी परियोजनाओं को अपनाने में वृद्धि करे और हर संभव सहायता प्रदान करे। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वरिष्ठ पुलिस इकाइयों के साथ नियमित बातचीत करने पर जोर दिया, ताकि अपराध, सीसीटीएनएस और आईसीजेएस की प्रगति की निगरानी की जा सके और परियोजना को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों और एनएएफआईएस के तकनीकी कार्यान्वयन में एनसीआरबी के प्रयासों की सराहना की।
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तीन नए आपराधिक कानूनों की समीक्षा
केंद्रीय गृह मंत्री ने यह निर्देश नई दिल्ली में एनसीआरबी के साथ तीन नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिया। इस बैठक में अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क और प्रणाली (सीसीटीएनएस 2.0), राष्ट्रीय स्वचालित फिंगरप्रिंट पहचान प्रणाली (एनएएफआईएस), जेल, अदालत, अभियोजन और फॉरेंसिक्स को अंतर-संचालित आपराधिक न्याय प्रणाली (आईसीजेएस 2.0) के साथ अखिल भारतीय स्तर पर एकीकृत करने की प्रगति की समीक्षा की गई।
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केंद्रीय गृह सचिव समेत तमाम अधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव, एनसीआरबी के निदेशक और गृह मंत्रालय, एनसीआरबी और एनआईसी के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इस बैठक के दौरान गृह मंत्री ने एनसीआरबी से आग्रह किया कि नए आपराधिक कानूनों को आईसीजेए 2.0 में पूरी तरह लागू किया जाए और हर राज्य व केंद्र शासित प्रदेश में ई-साक्ष्य, न्याय श्रुति, ई-साइन और ई-समन जैसे एप्लिकेशन का उपयोग सुनिश्चित किया जाए।
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केंद्रीय गृह मंत्री ने तकनीक के उपयोग पर दिया जोर
तकनीक के उपयोग पर जोर देते हुए अमित शाह ने कहा कि सभी आपराधिक मामलों में पंजीकरण से लेकर मामले के निपटान तक पूर्व-निर्धारित चरणों और समय-सीमाओं पर अलर्ट जनरेट होने चाहिए, ताकि पीड़ितों और शिकायतकर्ताओं को लाभ मिल सके। गृह मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, 'पूर्व-निर्धारित समय-सीमा के अनुसार जांच अधिकारियों और वरिष्ठ अधिकारियों को अलर्ट भेजने से जांच प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद मिलेगी।'
अमित शाह ने एनसीआरबी के प्रयासों की सराहना की
उन्होंने सुझाव दिया कि गृह मंत्रालय और एनसीआरबी के अधिकारियों की एक टीम राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर तकनीकी परियोजनाओं को अपनाने में वृद्धि करे और हर संभव सहायता प्रदान करे। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की वरिष्ठ पुलिस इकाइयों के साथ नियमित बातचीत करने पर जोर दिया, ताकि अपराध, सीसीटीएनएस और आईसीजेएस की प्रगति की निगरानी की जा सके और परियोजना को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने नए आपराधिक कानूनों और एनएएफआईएस के तकनीकी कार्यान्वयन में एनसीआरबी के प्रयासों की सराहना की।