नंदीग्राम: सीपीआईएम ने मीनाक्षी मुखर्जी को मैदान में उतारा, क्या ममता-सुवेंदु को देंगी कड़ी टक्कर?
- सीपीआईएम की यूथ विंग डीवाईएफआई की अध्यक्ष हैं मीनाक्षी
- पश्चिम बंगाल में छात्रों और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय
- मीनाक्षी को मैदान पर उतारकर कांग्रेस-लेफ्ट ने खेला महिला कार्ड
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पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर कांग्रेस-सीपीआईएम गठबंधन ने मीनाक्षी मुखर्जी को मैदान में उतार दिया है। इस सीट पर पहले टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी और भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही थी, लेकिन मीनाक्षी मुखर्जी के आने से मुकाबला रोमांचक होता नजर आ रहा है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या मीनाक्षी वाकई ममता और सुवेंदु को कड़ी टक्कर दे पाएंगी?
कौन हैं मीनाक्षी मुखर्जी?
बता दें कि मीनाक्षी मुखर्जी सीपीआईएम की यूथ विंग डीवाईएफआई यानी डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया की पश्चिम बंगाल यूनिट की अध्यक्ष हैं। छात्रों और युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ है। ऐसे में माना जा रहा है कि कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन ने उन्हें मैदान में उतारकर महिला कार्ड खेल दिया है। बता दें कि इस सीट से भाजपा ने सुवेंदु अधिकारी को उतारा है, जो 2016 में इस सीट पर जीते थे। हालांकि, उस वक्त वह ममता बनर्जी के सिपहसालार होते थे। टीएमसी के टिकट पर उन्हें 67 फीसदी वोट मिले थे। अब वह खुद को भूमिपुत्र बताते हुए चुनावी समर में उतरे हैं।
ममता बनर्जी ने भरा नामांकन
गौरतलब है कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज (10 मार्च) ही नंदीग्राम सीट से अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि मैं नंदीग्राम सीट से जीत हासिल करूंगी। मैं आसानी से भवानीपुर सीट से चुनाव लड़ सकती थी। मैं जब जनवरी में नंदीग्राम आई थी, तब यहां से कोई विधायक नहीं था, क्योंकि तत्कालीन विधायक ने इस्तीफा दे दिया था। मैंने आम लोगों के चेहरे को देखा और यहां से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
सुवेंदु ने ममता को ऐसे घेरा
उधर, भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। उन्होंने ममता बनर्जी को नंदीग्राम में बाहरी बताया। साथ ही, कहा कि राज्य में जिन लोगों के साथ चिटफंड कंपनियों ने धोखा किया है, भाजपा की सरकार बनने के बाद उन्हें उनके पैसे लौटाए जाएंगे। अधिकारी ने बनर्जी पर चुनाव से पहले धर्म के आधार पर लोगों को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि टीएमसी प्रमुख ने मंगलवार को चंडीपाठ 'गलत तरीके से' किया। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी की सरकार के कारण चिटफंड घोटाला हुआ और उसके नेताओं ने 'जनता का पैसा' लूटा। सुवेंदु ने कहा कि ममता बनर्जी नंदीग्राम में बाहरी हैं। वह यहां पर मतदान भी नहीं करतीं। मैं न केवल भूमिपुत्र हूं, बल्कि इस इलाके का नियमित मतदाता भी हूं। मैं वर्षों से इस इलाके के लोगों के साथ हूं, जबकि बनर्जी केवल चुनाव के दौरान यहां आती हैं। बता दें कि नंदीग्राम विधानसभा सीट पर एक अप्रैल को दूसरे चरण में मतदान होगा।