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CPI: 'कांग्रेस के अंदर भाजपा की स्लीपर सेल में जगह तलाश रहे थरूर', भाकपा सचिव बिनॉय विश्वम ने साधा निशाना
Sun, 18 May 2025 12:01 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 18 May 2025 12:01 PM IST
सार
CPI: भाकपा की केरल ईकाई के सचिव बिनॉय विश्वम ने कांग्रेस नेता शशि थरूर पर निशाना साधते हुए कहा कि वह कांग्रेस में भाजपा के 'स्लीपिंग सेल' में शामिल होने के लिए जगह तलाश रहे हैं। थरूर ने पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के मुद्दे पर केंद्र के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने का निमंत्रण स्वीकार किया था, जबकि कांग्रेस ने उनका नाम नहीं भेजा था।
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बिनॉय विश्वम
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के केरल सचिव बिनॉय विश्वम ने रविवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि थरूर कांग्रेस में 'भाजपा के स्लीपिंग सेल' का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहे हैं।
विश्वम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि लोकभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की यह चिंता कि कांग्रेस में भाजपा के स्लीपर सेल हो सकते हैं, मामूली बात नही है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि शशि थऱूर इन स्लीपर सेल में अपनी जगह ढूंढ रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का इस्तेमाल अपने राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।
ये भी पढ़ें: Sansad Ratna: 'संसद रत्न' से सम्मानित होंगे 17 सांसद; जानें सुप्रिया-निशिकांत समेत किस-किस को मिलेगा पुरस्कार
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राहुल गांधी की कांग्रेस में भाजपा के स्लीपर सेल की चिंता मामूली बात नहीं है। लगता है कि शशशि थरूर उसमें अपनी जगह ढूंढ रहे हैं। भाजपा को पता है कि ऐसे लोगों का उपोयग कैसे करना ह। उनके लिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई राजनीतिक लाभ के लिए है।
थरूर पर यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब उन्होंने केंद्र सरकार के उस निमंत्रण को स्वीकार किया है, जिसमें उन्हें एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने को कहा गया। इस प्रतिनिधिमंडल का मकसद पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को दुनिया के सामने उजागर करना है। थरूर का यह फैसला इसलिए विवादों में है, क्योंकि केंद्र के आग्रह पर कांग्रेस ने जिन चार सांसदों के नाम भेजे थे, उनमें थरूर का नाम नहीं था।
ये भी पढ़ें: Operation Sindoor: 'एक भी कश्मीरी पंडित नहीं...', सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल की सूची पर विवेक तन्खा ने साधा निशाना
थरूर ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसमें कोई राजनीति नहीं है। उन्होंने कहा, जब देश संकट में हो और केंद्र सरकार एक नागरिक से मदद मांगे, तो उसका जवाब क्या होगा? उन्होंने बताया कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उन्हें विदेश मामलों के अनुभव को देखते हुए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया और उन्होंने तुरंत इसे स्वीकार कर लिया।
कांग्रेस ने जिन चार नामों को केंद्र सरकार को भेजा था, उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, लोकसभा में पार्टी के उप नेता गौरव गोगोई, राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन, लोकसभा सांसद राजा बरार के नाम शामिल थे। इनमें थरूर का नाम शासमिल नहीं था।
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विश्वम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि लोकभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की यह चिंता कि कांग्रेस में भाजपा के स्लीपर सेल हो सकते हैं, मामूली बात नही है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि शशि थऱूर इन स्लीपर सेल में अपनी जगह ढूंढ रहे हैं। उन्होंने भाजपा पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई का इस्तेमाल अपने राजनीतिक लाभ के लिए कर रही है।
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राहुल गांधी की कांग्रेस में भाजपा के स्लीपर सेल की चिंता मामूली बात नहीं है। लगता है कि शशशि थरूर उसमें अपनी जगह ढूंढ रहे हैं। भाजपा को पता है कि ऐसे लोगों का उपोयग कैसे करना ह। उनके लिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई राजनीतिक लाभ के लिए है।
थरूर पर यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब उन्होंने केंद्र सरकार के उस निमंत्रण को स्वीकार किया है, जिसमें उन्हें एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने को कहा गया। इस प्रतिनिधिमंडल का मकसद पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को दुनिया के सामने उजागर करना है। थरूर का यह फैसला इसलिए विवादों में है, क्योंकि केंद्र के आग्रह पर कांग्रेस ने जिन चार सांसदों के नाम भेजे थे, उनमें थरूर का नाम नहीं था।
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थरूर ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि इसमें कोई राजनीति नहीं है। उन्होंने कहा, जब देश संकट में हो और केंद्र सरकार एक नागरिक से मदद मांगे, तो उसका जवाब क्या होगा? उन्होंने बताया कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने उन्हें विदेश मामलों के अनुभव को देखते हुए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया और उन्होंने तुरंत इसे स्वीकार कर लिया।
कांग्रेस ने जिन चार नामों को केंद्र सरकार को भेजा था, उनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, लोकसभा में पार्टी के उप नेता गौरव गोगोई, राज्यसभा सांसद सैयद नसीर हुसैन, लोकसभा सांसद राजा बरार के नाम शामिल थे। इनमें थरूर का नाम शासमिल नहीं था।
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