Covid-19 Bulletin: बेहतर हो रही है स्थिति, देश में रिकवरी रेट 93 फीसदी से ज्यादा
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देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) की ओर से मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। यहां स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव प्रशांत भूषण ने बताया कि भारत में कोरोना की वजह से प्रति 10 लाख की आबादी पर 94 मौतें दर्ज की गई हैं। उन्होंने कहा कि कई विकसित देश ऐसे हैं जहां प्रति 10 लाख की आबादी पर 500 से 600 तक मौतें दर्ज की गई हैं। कोरोना से ठीक होने की दर 93 फीसदी से ज्यादा हो गई है।
#WATCH Health Ministry's press briefing on COVID19 (17th Nov) https://t.co/lW8L8J5JRx
— ANI (@ANI) November 17, 2020विज्ञापन
10 राज्यों में देश के 76.7 फीसदी मामले
मंत्रालय ने बताया कि देश के कुल मामलों का 76.7 फीसदी हिस्सा 10 राज्यों से है। इन राज्यों में महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, दिल्ली, केरल और पश्चिम बंगाल शामिल हैं। बाकी राज्यों में देश के कुल मामलों का 23.3 फीसदी हिस्सा है। महाराष्ट्र में 18.83 फीसदी, केरल में 15.67, दिल्ली में 8.85, बंगाल में 6.15, कर्नाटक में 5.67, यूपी में 4.99, हरियाणा में 4.27, राजस्थान में 4.12, छत्तीसगढ़ में 4.10 और आंध्र प्रदेश में 3.95 फीसदी मामले हैं।
रिकवरी रेट 93 फीसदी से ज्यादा हुआ
राजेश भूषण ने कहा कि देश में प्रति 10 लाख की आबादी पर कोरोना वायरस संक्रमण के 6430 मामले हैं। उन्होंने बताया कि पिछले सात दिनों में प्रति 10 लाख की आबादी पर देश में 211 नए मामले सामने आए हैं। कई देशों में यह संख्या 2500 से भी ज्यादा है। देश में अभी तक 12 करोड़ 65 लाख कोरोना जांच की जा चुकी हैं। भूषण ने कहा कि कुल मिलाकर पॉजिटिविटी रेट (सकारात्मकता दर) सात फीसदी है। वहीं, कोरोना वायरस से ठीक होने की दर (रिकवरी रेट) 93 फीसदी से ज्यादा है।
सक्रिय मामले घटे, ठीक होने वाले बढ़े
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने कहा कि देश में पिछले 45 दिनों में कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक होने वाले मामलों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है और सक्रिय मामलों में कमी देखी गई है। जांच की आवश्यकता पर जोर डालते हुए उन्होंने कहा कि महामारी को देखते हुए लोगों को हर स्थिति में यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अगर उनमें कोई कोरोना वायरस महामारी का कोई भी लक्षण दिख रहा है, तो वे अपनी जांच जरूर करवाएं। उन्होंने कहा कि जांच करवाने को लेकर झिझकें नहीं और संकोच न करें।
दिल्ली में केंद्र सरकार ने उठाए ये कदम
वार्ता में भूषण ने राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदमों पर बात की। उन्होंने कहा कि केंद्र ने निर्णय लिया है कि दिल्ली में कोरोना की स्थिति को काबू में करने के लिए आईसीयू बेड समेत सभी बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। कोरोना जांच की संख्या को दोगुना करने का प्रयास किया जाएगा और इसे एक से 1.2 लाख जांच रोजाना किया जाएगा। इसके साथ ही कोरोना से संबंधित दिशा-निर्दशों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
राजेश भूषण ने कहा कि सरकार की ओर से निर्धारित मानक संचालन प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दिल्ली के करीब 4000 कंटेनमेंट जोन में मैनपावर बढ़ाई जाएगी। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हाल ही में स्वास्थ्य मंत्रालय और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ एक बैठक की थी। इस बैठक में राजधानी में कोरोना की स्थिति से निपटने के लिए फैसले लिए गए थे, जिसमें एक यह भी था कि मंत्रालय की ओर से गठित दल दिल्ली के सभी निजी अस्पतालों का निरीक्षण करेंगे।
अक्तूबर के बाद दिल्ली में बढ़े मामले
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव ने कहा कि नई दिल्ली में कोरोना वायरस की दैनिक जांच के औसत में जून के बाद बढ़ोतरी हुई थी। इसके साथ ही यहां अगस्त मध्य में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी दर्ज की गई थी। लेकिन, अक्तूबर के बाद से दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के नए मामलों में रिकॉर्ड बढ़त देखी गई थी। उन्होंने कहा, हालांकि पिछले 48 घंटे में कोरोना संक्रमण के काफी कम नए मामले दर्ज किए गए हैं लेकिन केवल इसके आधार पर हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकते हैं।
दिल्ली: कंटेनमेंट जोन में घर-घर सर्वे
वहीं, प्रेस वार्ता में मौजूद नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने नई दिल्ली में कोरोना संक्रमण से निपटने के इंतजामों की जानकारी देते हुए कहा कि यहां फिलहाल 3500 आईसीयू बेड उपलब्ध हैं। आईसीयू बेड की संख्या को आने वाले कुछ दिनों में बढ़ाकर 6000 किया जाएगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली के सभी कंटेनमेंट जोन में घर-घर सर्वे होगा। महामारी को लेकर गंभीर अन्य जोन में भी यह सर्वे किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुल सात से आठ हजार टीमों को इस काम में लगाया जाएगा।