कोरोना संकट: तीन जिलों में 14 दिन राहत रही, फिर सामने आने लगे नए मरीज
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संक्रमण जहां देश के 32 राज्यों तक पहुंच चुका है वहीं इनमें 23 राज्य ऐसे हैं जिनके 45 जिलों में नए मरीज नहीं मिले हैं। 14 दिन से इन जिलों में एक भी नया मरीज नहीं मिला है। इनमें से 12 राज्य के 22 जिलों की घोषणा शनिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने की।
मंत्रालय के अनुसार, इन 22 जिलों में बिहार के लखीसराय, गोपालगंज और भागलपुर, राजस्थान में धौलपुर और उदयपुर, जम्मू-कश्मीर में पुलवामा, मणिपुर में तोबल, कर्नाटक में चित्रदुर्ग, पंजाब में होशियारपुर, हरियाणा में रोहतक और चरखी दादरी, अरुणाचल प्रदेश में लोहित, ओडिशा में भारक और पुरी, असम में करीमगंज, गोलाघट्टा, कामरूपुरल, नलबाड़ी और दक्षिण समलाराम, पश्चिम बंगाल में जलपाइगुड़ी और कालिम्पोंग और आंध्र प्रदेश का विशाखापत्तनम शामिल है।
इससे पहले महाराष्ट्र के गोङ्क्षदया, छत्तीसगढ़ में दुर्ग, राजनांदगांव और बिलासपुर, उत्तराखंड में पौढ़ी गढ़वाल, हरियाणा में करनाल, पंजाब में एसबीएस नगर, बिहार में मुंगेर, राजस्थान में प्रतापगढ़, तेलंगना में भद्रादि कोठगुदेम, पांडिचेरी में माहे, कर्नाटक में दावणगिरी, कोडगु, तुमकुरु और उडुपी, गोवा में दक्षिण गोवा, केरल में वायनाड और कोट्टायम, मणिपुर में पश्चिम इंफाल, जम्मू और कश्मीर में राजौरी और मिजोरम में आइजवाल पश्चिम में भी नए केस सामने नहीं आए हैं।
हर दिन जीतनी है यह लड़ाई
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश के तीन जिले ऐसे भी हैं जहां 14 दिन कोई भी नया केस नहीं मिला लेकिन इसके बाद फिर नए मरीज सामने आने लगे हैं। इनमें हरियाणा के पानीपत, बिहार के पटना और पश्चिम बंगाल का नादिया जिला शामिल है। स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि यह एक लड़ाई है जिसमें हर दिन हम जीत रहे हैं। हर जिले में इस वक्त लॉकडाउन और सोशल डिस्टैसिंग के नियमों का पालन करना है।