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मणिपुरी संगीतकार की हत्या: राहुल बोले- शाह का गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस क्या कर रहे; सीसीटीवी में क्या?
Tue, 08 Sep 2026 12:05 PM IST
राकेश कुमार
एएनआई, नई दिल्ली।
एएनआई, नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 08 Sep 2026 12:05 PM IST
सार
मणिपुर के चर्चित संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की दिल्ली में कथित पीट-पीटकर हत्या के बाद मामला गरमा गया है। राहुल गांधी ने पूर्वोत्तर के लोगों की सुरक्षा को लेकर गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस से सवाल किया है। सीसीटीवी फुटेज में कथित आरोपी हमले के बाद इमारत से निकलते दिखाई दे रहे हैं और सात लोगों के साथ एक नाबालिग को पकड़ा गया है। पुलिस ने मामले में हत्या और साझा मंशा से जुड़े प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया है।
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राहुल गांधी , नेता प्रतिपक्ष, लोकसभा
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चोंगथम विक्रम सिंह मणिपुर के एक प्रसिद्ध संगीतकार, अपने घर के बाहर कुछ लोगों से शोर कम करने के लिए कहने नीचे गए थे। उन्हें इसके लिए पीट-पीटकर मार डाला गया। एक पिता की अपने ही घर के बाहर, अपने ही देश की राजधानी में हत्या कर दी गई। ऐसी कई घटनाओं के बाद आज दिल्ली में रहने वाला हर पूर्वोत्तर परिवार एक ही सवाल पूछ रहा है कि क्या हम यहां सुरक्षित हैं?
राहुल गांधी ने कहा कि पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ बढ़ती अराजकता को रोकने के लिए शाह का गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस क्या कर रहे हैं? मामले की तेजी से जांच होनी चाहिए और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। विक्रम जी के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। राहुल गांधी ने यह बात मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कही।
विक्रम सिंह की मौत कैसे हुई?
54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह दिल्ली के किलोकरी गांव में रहते थे। वह पिछले 17 साल से दिल्ली में निजी संगीत शिक्षक के तौर पर काम कर रहे थे। रविवार रात करीब 11:30 बजे वह कचरा फेंकने के लिए नीचे गए थे। वहां उन्होंने अपने किराए के फ्लैट के बाहर आठ लोगों को शोर और हंगामा करते देखा। ये लोग आसपास के दो ढाबों से जुड़े कर्मचारी बताए गए हैं। विक्रम ने उनके व्यवहार पर आपत्ति जताई। आरोप है कि इसके बाद विवाद हुआ और वह अपने घर की तरफ भागे। समूह ने उनका पीछा किया और तीसरी मंजिल तक पहुंच गया। आरोप है कि वहां गलियारे में उन्हें घेरकर बुरी तरह पीटा गया।
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सीसीटीवी में क्या दिखा?
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें कथित आरोपी हमले के बाद इमारत से नीचे जाते दिखाई दे रहे हैं। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी यह फुटेज साझा किया है। विक्रम के परिवार ने उन्हें ओखला के एक निजी अस्पताल पहुंचाया था। वहां सोमवार सुबह करीब सात बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, सनलाइट कॉलोनी थाने को सोमवार तड़के 1:38 बजे हमले की सूचना मिली थी।
यह भी पढ़ें: शोर रोकने निकले थे विक्रम, लौटकर नहीं आए: दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की पीट-पीटकर हत्या, आखिर हुआ क्या?
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक 15 वर्षीय लड़के को भी पकड़ा गया है। गिरफ्तार आरोपियों में भारत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, विजय, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा और मन्नू शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें चार लोग डिलीवरी वर्कर और दो ढाबों में पैकेजिंग का काम करते थे। मन्नू एक पिज्जा कियोस्क पर काम करता था। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।
पड़ोसी ने क्या कुछ कहा?
विक्रम सिंह की पड़ोसी और प्रत्यक्षदर्शी संदहम नेरोदा देवी ने बताया कि घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। उन्होंने कहा कि विक्रम को वह करीब आठ साल से जानती थीं। वह बहुत अच्छे इंसान थे और बेवजह किसी से विवाद नहीं करते थे। नेरोदा के मुताबिक, शोर-शराबे को लेकर विक्रम ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद कुछ लोग ऊपर गए और उनके साथ मारपीट की।
पूर्व मणिपुर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने विक्रम सिंह की मौत पर दुख जताया और दिल्ली पुलिस से मामले में तेजी से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, 'प्रसिद्ध मणिपुरी गिटारिस्ट और पश्चिमी संगीत के अग्रणी श्री चोंगथम विक्रम सिंह के दुखद निधन से बेहद दुखी हूं और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में उनके घर के पास कथित तौर पर उन पर हुए हमले को लेकर बेहद चिंतित हूं। विक्रम सिंह का संगीत में अमूल्य योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनका असमय निधन उनके परिवार, संगीत जगत और मणिपुर के लोगों के लिए बड़ी क्षति है।' उन्होंने आगे कहा, “घटना से जुड़े सबूत अब सामने आ रहे हैं। मैं दिल्ली पुलिस से जल्द और उचित कार्रवाई करने, मामले की पूरी जांच करने और जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं।'
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राहुल गांधी ने कहा कि पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ बढ़ती अराजकता को रोकने के लिए शाह का गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस क्या कर रहे हैं? मामले की तेजी से जांच होनी चाहिए और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए। विक्रम जी के परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं। राहुल गांधी ने यह बात मंगलवार को सोशल मीडिया पोस्ट में कही।
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विक्रम सिंह की मौत कैसे हुई?
54 वर्षीय चोंगथम विक्रम सिंह दिल्ली के किलोकरी गांव में रहते थे। वह पिछले 17 साल से दिल्ली में निजी संगीत शिक्षक के तौर पर काम कर रहे थे। रविवार रात करीब 11:30 बजे वह कचरा फेंकने के लिए नीचे गए थे। वहां उन्होंने अपने किराए के फ्लैट के बाहर आठ लोगों को शोर और हंगामा करते देखा। ये लोग आसपास के दो ढाबों से जुड़े कर्मचारी बताए गए हैं। विक्रम ने उनके व्यवहार पर आपत्ति जताई। आरोप है कि इसके बाद विवाद हुआ और वह अपने घर की तरफ भागे। समूह ने उनका पीछा किया और तीसरी मंजिल तक पहुंच गया। आरोप है कि वहां गलियारे में उन्हें घेरकर बुरी तरह पीटा गया।
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सीसीटीवी में क्या दिखा?
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। इसमें कथित आरोपी हमले के बाद इमारत से नीचे जाते दिखाई दे रहे हैं। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने भी यह फुटेज साझा किया है। विक्रम के परिवार ने उन्हें ओखला के एक निजी अस्पताल पहुंचाया था। वहां सोमवार सुबह करीब सात बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक, सनलाइट कॉलोनी थाने को सोमवार तड़के 1:38 बजे हमले की सूचना मिली थी।
यह भी पढ़ें: शोर रोकने निकले थे विक्रम, लौटकर नहीं आए: दिल्ली में मणिपुरी संगीतकार की पीट-पीटकर हत्या, आखिर हुआ क्या?
पुलिस ने अब तक क्या कार्रवाई की?
पुलिस ने मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। एक 15 वर्षीय लड़के को भी पकड़ा गया है। गिरफ्तार आरोपियों में भारत कुमार, प्रमोद, रमजान खान, विजय, दीपांशु, मोहन विश्वकर्मा और मन्नू शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें चार लोग डिलीवरी वर्कर और दो ढाबों में पैकेजिंग का काम करते थे। मन्नू एक पिज्जा कियोस्क पर काम करता था। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(2) और 3(5) के तहत केस दर्ज किया गया है।
पड़ोसी ने क्या कुछ कहा?
विक्रम सिंह की पड़ोसी और प्रत्यक्षदर्शी संदहम नेरोदा देवी ने बताया कि घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। उन्होंने कहा कि विक्रम को वह करीब आठ साल से जानती थीं। वह बहुत अच्छे इंसान थे और बेवजह किसी से विवाद नहीं करते थे। नेरोदा के मुताबिक, शोर-शराबे को लेकर विक्रम ने आपत्ति जताई थी, जिसके बाद कुछ लोग ऊपर गए और उनके साथ मारपीट की।
विक्रम के परिवार के साथ मौजूद संगीता देवी ने बताया कि घटना से परिवार सदमे में है। उन्होंने कहा कि करीब सात-आठ लोग विक्रम के पीछे ऊपर तक गए और घर के बाहर उन पर हमला किया। परिवार के लोगों ने दरवाजा खोलकर शोर मचाया तो हमलावर वहां से भाग निकले। संगीता ने कहा कि इस घटना के बाद नॉर्थ-ईस्ट के लोगों की सुरक्षा को लेकर डर बढ़ गया है और दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए।
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री ने क्या कहा?पूर्व मणिपुर मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने विक्रम सिंह की मौत पर दुख जताया और दिल्ली पुलिस से मामले में तेजी से कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा, 'प्रसिद्ध मणिपुरी गिटारिस्ट और पश्चिमी संगीत के अग्रणी श्री चोंगथम विक्रम सिंह के दुखद निधन से बेहद दुखी हूं और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में उनके घर के पास कथित तौर पर उन पर हुए हमले को लेकर बेहद चिंतित हूं। विक्रम सिंह का संगीत में अमूल्य योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उनका असमय निधन उनके परिवार, संगीत जगत और मणिपुर के लोगों के लिए बड़ी क्षति है।' उन्होंने आगे कहा, “घटना से जुड़े सबूत अब सामने आ रहे हैं। मैं दिल्ली पुलिस से जल्द और उचित कार्रवाई करने, मामले की पूरी जांच करने और जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित करने का आग्रह करता हूं।'