कोरोना संकट पर सरकार का मंथन, राजनाथ की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रियों की बैठक
कोरोना वायरस संकट के बीच सरकार लगातार इससे निपटने और लोगों को राहत देने के उपायों पर मंथन कर रही है। शनिवार को इसे लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह की बैठक हुई। बैठक में पीयूष गोयल, प्रकाश जावड़ेकर, स्मृति ईरानी, धर्मेंद्र प्रधान, रमेश पोखरियाल निशंक, गिरिराज सिंह, संतोष गंगवार, रामविलास पासवान समेत कई मंत्री मौजूद रहे।
राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रियों के समूह (जीओएम) की बैठक हुई जिसमें लॉकडाउन के दौरान देशभर में लोगों के समक्ष आने वाली कठिनाइयों को दूर करने के उपायों पर विचार किया गया ।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि कोरोना वायरस संकट पर जीओएम ने 20 अप्रैल के बाद संक्रमण की अत्यधिक चपेट वाले इलाकों (हॉटस्पॉट) की श्रेणी में नहीं आने वाले इलाकों में आंशिक आर्थिक गतिविधियां चलाने की अनुमति देने को लेकर संबंधित मंत्रालयों द्वारा की गई पहल की भी समीक्षा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाले जीओएम की यह पांचवीं बैठक थी।
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने अपने ट्वीट में कहा, जीओएम में कोविड-19 की स्थिति की समीक्षा की। हमने लोगों को पेश आ रही परेशानियों को दूर करने के उपायों और लोगों को राहत देने के संबंध में मंत्रालयों की भूमिका पर चर्चा की।
Interacted with the GoM on the COVID-19 situation. We discussed ways to mitigate the hardships faced by the people and the role ministries can play in providing relief to people.
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) April 18, 2020
The guidelines to allow limited activities and the measures announced by RBI were also appreciated. pic.twitter.com/xUGfaSmV8L
बता दें कि लॉकडाउन के दौरान ऐसे दृश्य सामने आए हैं जब भारी संख्या में प्रवासी मजदूर शहरों से पैदल ही अपने गांवों के लिए निकल गए थे और ये घटनाएं सुर्खियों में रही थीं।
कई विपक्षी दलों ने भी सरकार से मांग की है कि वह लॉकडाउन के कारण नौकरियों के संभावित नुकसान और आर्थिक गतिविधियों में व्यवधान को देखते हुए गरीब लोगों के लिए कल्याणकारी कदमों की घोषणा करे।
बहरहाल, राजनाथ सिंह ने कहा कि सीमित गतिविधियां शुरू करने के दिशा निर्देश और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की घोषणाएं सराहनीय पहल हैं।