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कम हो रहा कोरोना का खतरा?: दो हफ्ते लगातार बढ़ने के बाद फिर गिरी 'आर वैल्यू', आईआईटी मद्रास का विश्लेषण
Sun, 16 Jan 2022 05:20 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 16 Jan 2022 05:20 PM IST
सार
आईआईटी के डिपार्टमेंट ऑफ मैथमैटिक्स एंड सेंटर फॉर एक्सिलेंस फॉर कम्प्यूटेशन मैथमैटिक्स एंड डेटा साइंस के प्रोफेसर नीलेशन एस उपाध्याय और प्रोफेसर एस सुंदर के विश्लेषण में भारत के चार मेट्रो शहरों के आर वैल्यू के बारे में भी बताया गया है।
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जम्मू में कोरोना बढ़ते केसों के बीच मास्क लगाकर चलते लोग।
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
भारत में पिछले 15 दिनों में कोरोनावायरस के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 2.71 लाख नए मामले सामने आए। यह एक दिन पहले मिले नए केसों से महज तीन हजार ही ज्यादा रहे। ऐसे में ज्यादातर विश्लेषक मान रहे हैं कि भारत में कोरोना की पीक जल्द ही आ सकती है। इस बीच आईआईटी मद्रास के विश्लेषण ने एक और राहतभरी खबर दी है। इसके मुताबिक, दिसंबर 2020 और जनवरी 2021 के दो हफ्तों में देश में 'आर वैल्यू' के लगातार बढ़ने के बाद पिछले हफ्ते यानी 7 से 13 जनवरी को पहली बार इसमें गिरावट दर्ज की गई। फिलहाल देश में औसत आर वैल्यू 2.2 पर ठहर गई है।
आसान वैज्ञानिक भाषा में समझें तो आर वैल्यू (R Value) किसी संक्रमित द्वारा दूसरों को संक्रमित करने क्षमता का आंकड़ा है। यानी अगर किसी कोरोना संक्रमित की आर वैल्यू एक है, तो उसकी ओर से किसी एक और व्यक्ति को संक्रमित किए जाने का खतरा है। उधर अगर किसी व्यक्ति की आर वैल्यू तीन है, तो वह तीन लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। आमतौर पर कोरोना के बड़े स्तर पर फैलने के दौरान इंसानों की आर वैल्यू ज्यादा होती है और लगातार बढ़ते इस आंकड़े को रोकने के लिए सरकारें प्रतिबंधों- कर्फ्यू या लॉकडाउन जैसे कदम उठाती हैं।
आईआईटी के डिपार्टमेंट ऑफ मैथमैटिक्स एंड सेंटर फॉर एक्सिलेंस फॉर कम्प्यूटेशन मैथमैटिक्स एंड डेटा साइंस के प्रोफेसर नीलेशन एस उपाध्याय और प्रोफेसर एस सुंदर के विश्लेषण में भारत के चार मेट्रो शहरों के आर वैल्यू के बारे में बताया गया है। इसके मुताबिक, मौजूदा समय में मुंबई में आर वैल्यू 1.3 है, जबकि दिल्ली में यह 2.5 है। उधर चेन्नई में आर वैल्यू फिलहाल 2.4 और कोलकाता में यह आंकड़ा 1.6 का है।
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बताया गया है कि 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक पूरे भारत में आर वैल्यू 2.9 तक पहुंच गई थी, जबकि एक जनवरी से छह जनवरी तक यह आंकड़ा चार तक पहुंच गया था। यानी इस दौरान कोई एक पीड़ित औसत तौर पर अपने साथ चार और को कोरोना संक्रमित कर सकता था। विशेषज्ञों के मुताबिक, हर एक नमूने की जीनोम सीक्वेंसिंग करना संभव नहीं है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि वायरस की यह लहर मुख्यत: ओमिक्रोन के कारण ही है।
गौरतलब है कि भारत में शनिवार को कोरोना के 2,71,202 नए मामले आने के बाद देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 3,71,22,164 हो गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार के जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक इनमें कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के 7,743 मामले भी शामिल हैं। देश में पिछले 24 घंटों में ओमीक्रोन के 1,702 नये मामले सामने आए, जो अब तक एक दिन में सामने आए मामलों के लिहाज से सर्वाधिक हैं और शनिवार से इसमें 28.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
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आसान वैज्ञानिक भाषा में समझें तो आर वैल्यू (R Value) किसी संक्रमित द्वारा दूसरों को संक्रमित करने क्षमता का आंकड़ा है। यानी अगर किसी कोरोना संक्रमित की आर वैल्यू एक है, तो उसकी ओर से किसी एक और व्यक्ति को संक्रमित किए जाने का खतरा है। उधर अगर किसी व्यक्ति की आर वैल्यू तीन है, तो वह तीन लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकता है। आमतौर पर कोरोना के बड़े स्तर पर फैलने के दौरान इंसानों की आर वैल्यू ज्यादा होती है और लगातार बढ़ते इस आंकड़े को रोकने के लिए सरकारें प्रतिबंधों- कर्फ्यू या लॉकडाउन जैसे कदम उठाती हैं।
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आईआईटी के डिपार्टमेंट ऑफ मैथमैटिक्स एंड सेंटर फॉर एक्सिलेंस फॉर कम्प्यूटेशन मैथमैटिक्स एंड डेटा साइंस के प्रोफेसर नीलेशन एस उपाध्याय और प्रोफेसर एस सुंदर के विश्लेषण में भारत के चार मेट्रो शहरों के आर वैल्यू के बारे में बताया गया है। इसके मुताबिक, मौजूदा समय में मुंबई में आर वैल्यू 1.3 है, जबकि दिल्ली में यह 2.5 है। उधर चेन्नई में आर वैल्यू फिलहाल 2.4 और कोलकाता में यह आंकड़ा 1.6 का है।
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बताया गया है कि 25 दिसंबर से 31 दिसंबर तक पूरे भारत में आर वैल्यू 2.9 तक पहुंच गई थी, जबकि एक जनवरी से छह जनवरी तक यह आंकड़ा चार तक पहुंच गया था। यानी इस दौरान कोई एक पीड़ित औसत तौर पर अपने साथ चार और को कोरोना संक्रमित कर सकता था। विशेषज्ञों के मुताबिक, हर एक नमूने की जीनोम सीक्वेंसिंग करना संभव नहीं है, लेकिन इस बात पर जोर दिया कि वायरस की यह लहर मुख्यत: ओमिक्रोन के कारण ही है।
गौरतलब है कि भारत में शनिवार को कोरोना के 2,71,202 नए मामले आने के बाद देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 3,71,22,164 हो गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार के जारी हुए आंकड़ों के मुताबिक इनमें कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के 7,743 मामले भी शामिल हैं। देश में पिछले 24 घंटों में ओमीक्रोन के 1,702 नये मामले सामने आए, जो अब तक एक दिन में सामने आए मामलों के लिहाज से सर्वाधिक हैं और शनिवार से इसमें 28.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई।