लॉकडाउन के दौरान रोजाना औसतन 301 नए मामले, 25 मार्च से यूं बढ़ते गए कोरोना के मरीज
- देश में 25 मार्च से जारी 21 दिन का लॉकडाउन
- लॉकडाउन के दौरान सामने आए 4225 नए मामले
- पिछले 24 घंटे में 508 नए केस और 13 लोगों की मौत
- 76 प्रतिशत पुरुष और 24 फीसद महिलाएं कोरोना से संक्रमित
- 60 वर्ष से अधिक आयु के 63 प्रतिशत मृतक
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विस्तार
24 मार्च की रात 8 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे देश में 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा कर दी थी। अगले तीन हफ्ते यानी 14 अप्रैल तक लोगों को अपने घरों के भीतर ही रहने कहा गया। जरूरी सेवाओं को छोड़कर सरकारी-निजी सभी दफ्तर, व्यवसाय पर ताला लटका दिया गया। मकसद था देश में पैर पसारते कोरोना वायरस की रोकथाम। इसे पीएम का कोरोना के खिलाफ मास्टरस्ट्रोक बताया गया, क्योंकि यह बात सौ फीसदी सही पाई गई कि इस अनजान बीमारी को सोशल डिस्टेंसिंग से रोका जा सकता है।
इस बीच दिहाड़ी मजदूरों के पलायन की भयावह तस्वीरों ने डराया तो 'ताली-थाली' और '9 बजे, 9 मिनट' जैसी मुहिम ने विकट हालातों में देश को एकजुट बनाया। अब जब लॉकडाउन खत्म होने में महज हफ्ते भर का समय शेष है, ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि यह लॉकडाउन कितना कारगर रहा। क्या सोशल डिस्टेंसिंग से कोविड-19 भारत में वो तबाही नहीं मचा पाया, जैसा रूप उसने यूरोपियन देशों में दिखाया।
आइए एक नजर डालते हैं 25 मार्च से लेकर अबतक तारीख-दर-तारीख कोरोना से कितनी मौत हुई? लॉकडाउन के पहले दिन कितने संक्रमित थे और आज की तारीख में क्या स्थिति है? औसत रोजाना कितने प्रतिशत मरीज बढ़े?
देश में रोजाना बढ़ रहे 301 मरीज
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में कोरोना से 13 लोगों की मौत हुई, साथ ही 508 नए मामले आए। वहीं, कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 4421 हो गई है। इनमें 3981 सक्रिय हैं, 325 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 114 लोगों की मौत हो चुकी है। 6 अप्रैल यानी सोमवार को सर्वाधिक 704 नए मामले सामने आए थे और 28 मौतें भी हुईं थीं, जो अबतक की सबसे बड़ी वृद्धि है। इसके मुकाबले आज कोरोना के नए केस में कमी देखी गई।
अभी तक देश में कोविड-19 के 1,07,006 टेस्ट किए गए हैं। 136 सरकारी और 59 निजी लैबों को टेस्ट की अनुमति दी गई है।
| तारीख | संक्रमितों की संख्या | रोजाना नए मरीज |
| 25 मार्च | 606 | 42 |
| 26 मार्च | 694 | 88 |
| 27 मार्च | 724 | 30 |
| 28 मार्च | 918 | 194 |
| 29 मार्च | 1024 | 106 |
| 30 मार्च | 1251 | 227 |
| 31 मार्च | 1397 | 146 |
| 01 अप्रैल | 1834 | 437 |
| 02 अप्रैल | 2069 | 235 |
| 03 अप्रैल | 2547 | 478 |
| 04 अप्रैल | 3072 | 525 |
| 05 अप्रैल | 3577 | 505 |
| 06 अप्रैल | 4281 | 704 |
| 07 अप्रैल | 4789 | 508 |
आंकड़े: स्वास्थ्य मंत्रालय
इस रिपोर्ट से पता लगता है कि लॉकडाउन के पिछले 14 दिन के दौरान यानी 25 मार्च से 7 अप्रैल के बीच देश में कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 4225 पहुंच गई। देश में औसतन एक दिन में लगभग 301 नए मामले सामने आए। मरीजों का विश्लेषण करते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये भी कहा कि कोरोना वायरस के पुरुषों में 76 प्रतिशत और महिलाओं में 24 प्रतिशत मामले सामने आए हैं। 63 प्रतिशत मौत 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की हुई हैं। 30 प्रतिशत मौत 40 से 60 आयु वर्ग के बीच और 7 प्रतिशत मौत 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों की हुई।
पिछले 24 घंटों में 704 #COVID19 मामले सामने आए हैं और 28 मौतें हुई हैं, यह अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि है; भारत में कुल मामले बढ़कर 4281 हो गए हैं, 3851 सक्रिय मामले हैं, ठीक / विस्थापित / विस्थापित मामलों की संख्या 318 है, 111 मौतें हुई हैं: स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय pic.twitter.com/v8zqcRE68A
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 6, 2020
चौगुनी रफ्तार से बढ़ रहे मरीज
कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित दुनिया के टॉप 10 देश
- अमेरिका- 378,289 मामले, 11,830 मौतें
- स्पेन- 140,511 मामले, 13,897 मौतें
- इटली- 132,547 मामले, 16,523 मौतें
- जर्मनी- 105,519 मामले, 1,854 मौतें
- फ्रांस- 98,984 मामले, 8,926 मौतें
- चीन- 82,718 मामले, 3,335 मौतें
- ईरान- 62,589 मामले, 3,872 मौतें
- यूनाइटेड किंगडम- 52,302 मामले, 5,385 मौतें
- तुर्की- 34,109 मामले, 725 मौतें
- स्विट्जरलैंड- 22,242 मामले, 787 मौतें
- बेल्जियम- 22,194 मामले, 2,035 मौतें
- नीदरलैंड- 19,703 मामले, 2,108 मौतें