महाराष्ट्र: लोगों की लापरवाही से अमरावती में बढ़े कोरोना मामले, वायरस में बदलाव भी जिम्मेदार
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महाराष्ट्र के अमरावती जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय लोगों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि जिले में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के सबसे बड़े कारण कोरोना वायरस के प्रकार में बदलाव आना और लोगों द्वारा बरती गई लापरवाही है। स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
जिले में तेजी से बढ़ रहे संक्रमित
जानकारी के मुताबिक, अमरावती में इस हफ्ते संक्रमितों की संख्या राज्य में सबसे ज्यादा रही। जिले में नए मामलों की संख्या मंगलवार को 82 थी, जबकि बुधवार को 230 नए मामले सामने आए। इसके बाद जिले में 20 फरवरी को रात आठ बजे से 22 फरवरी की सुबह तक लॉकडाउन लगाने का एलान कर दिया गया।
वायरल के बदले रूप से बढ़ा खतरा
राज्य में कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग चिंतित है। महाराष्ट्र सरकार के तकनीकी सलाहकार डॉ. सुभाष सालुंके ने बताया कि अमरावती जिले में मिले नमूनों से पता चला है कि वायरस में रूप में आए बदलाव से संक्रमण बढ़ रहा है। ऐसे में उन लोगों के लिए खतरा काफी बढ़ गया है, जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि वायरस का नया रूप बेहद खतरनाक है, जिससे लोगों को न्यूमोनिया हो रहा है। ऐसे में अगर किसी व्यक्ति को पहले से कोई बीमारी है तो इस तरह के संक्रमण से खतरा बढ़ सकता है। फिलहाल, यह केवल आशंका है, क्योंकि जिले में अभी तक मृतकों की संख्या नहीं बढ़ी है।
लोगों को ठहराया जिम्मेदार
डॉ. सालुंके ने कहा कि जिले में कोरोना के मामले बढ़ने के पीछे सबसे बड़ा कारण लोगों की तरफ से बरती गई लापरवाही है। कई मामलों में एक ही परिवार के लोग संक्रमित पाए गए हैं। इसका मतलब है कि ऐसे सार्वजनिक कार्यक्रमों और भीड़भाड़ के दौरान वे संक्रमित हुए, जहां कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगा रही है और संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी से निपटने के लिए आरटी-पीसीआर जांच बढ़ा रही है।