अदालत सुनेगी शशि थरूर के पीएम मोदी को बिच्छू कहने का मामला
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए बिच्छू शब्द के इस्तेमाल वाली कथित टिप्पणी के लिए पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की परेशानियां बढ़ती दिखाई दे रही हैं। अदालत ने इस मामले में पीएम की मानहानि के आरोप वाली याचिका का संज्ञान लेते हुए सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव बब्बर की तरफ से दाखिल शिकायत पर पटियाला हाउस अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने 22 दिसंबर को सुनवाई की तारीख तय की है। कोर्ट ने भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष को अगली तारीख पर अपने बयान दर्ज कराने और थरूर की टिप्पणी से जुड़े साक्ष्य पेश करने का निर्देश दिया है।
शिकायत में कहा, थरूर की बयान से भाजपा कार्यकर्ताओं की भावनाएं हुईं आहत
कोर्ट में पेश शिकायत में कहा गया है कि शशि थरूर के इस बयान से भाजपा कार्यकर्ताओं, आरएसएस कार्यकर्ताओं और प्रधानमंत्री मोदी के समर्थकों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 2014 का लोकसभा चुनाव और उसके कई बाद कई विधानसभा चुनाव भाजपा ने जीते हैं। उनके बारे में इस तरह की अभद्र टिप्पणी पूरी तरह गलत व अशोभनीय है।
दरअसल मामला बंगलूरू में थरूर की नई किताब ‘द पैराडॉक्सिकल प्राइम मिनिस्टर’ पर उठे विवाद से जुड़ा है। थरूर ने बातों ही बातों में पीएम मोदी पर निशाना साधा था। उन्होंने आरएसएस के किसी अज्ञात शख्स की बात का हवाला देते हुए कथित रूप से कह दिया कि मोदी शिवलिंग पर बैठे बिच्छू की तरह हैं। इसके बाद उन्होंने बिच्छू को हटाने की जरूरत को लेकर आपत्तिजनक बात कही थी।