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आदेश: केरल हाईकोर्ट का केंद्र को निर्देश, नए आईटी नियमों का पालन नहीं करने पर एनबीए के सदस्यों के खिलाफ ना हो दंडात्मक कार्रवाई

Fri, 09 Jul 2021 04:57 PM IST
Prashant Kumar प्रशांत कुमार
Updated Fri, 09 Jul 2021 04:57 PM IST
सार

न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार ने केन्द्र को नोटिस जारी कर एनबीए की याचिका पर जवाब मांगा है। याचिका में नए आईटी नियम अधिकारियों को मीडिया की अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ‘‘ अनुचित रूप से प्रतिबंधित करने’’ की ‘शक्ति’’ प्रदान करते हैं।

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court should not take punitive action against nba members for not following the new it rules
केरल हाईकोर्ट

विस्तार

केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को केन्द्र को नए आईटी नियमों का पालन न करने पर ‘न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन’ (एनबीए) के सदस्यों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया। एनबीए कई समाचार चैनलों का प्रतिनिधित्व करता है। न्यायमूर्ति पीबी सुरेश कुमार ने केन्द्र को नोटिस जारी कर एनबीए की याचिका पर उससे जवाब मांगा है। इस याचिका में दलील दी गई है कि नए आईटी नियम सरकारी अधिकारियों को मीडिया की अभिव्यक्ति और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को ‘‘ अनुचित रूप से प्रतिबंधित करने’’ की ‘‘अत्यधिक शक्ति’’ प्रदान करते हैं।
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स्व-नियामक निकायों का गठन
एनबीए की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने कहा कि नए आईटी नियम के तहत एक संयुक्त सचिव निरीक्षण तंत्र का नेतृत्व करेगा, जो एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में स्व-नियामक निकाय की निगरानी करेगा। जबकि इन नियमों के तहत मीडिया घरानों या उनके संघों को स्व-नियामक निकायों का गठन करना होगा, जिसकी अध्यक्षता शीर्ष अदालत या उच्च न्यायालयों के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या एक प्रतिष्ठित व्यक्ति करेगा। सिंह ने दलील दी कि इस तरह संयुक्त सचिव सेवानिवृत्त न्यायाधीश के फैसलों की निगरानी करेगा।
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वकील निशा भंभानी के जरिए दायर याचिका में एनबीए ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021... संविधान के अनुच्छेद 14 (कानून के समक्ष समानता) और 19(1)(जी) (किसी भी पेशे का अभ्यास करने, या किसी भी व्यवसाय, व्यापार या व्यवसाय को करने की स्वतंत्रता का अधिकार) के उल्लंघन के अलावा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 से परे है।
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