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कोल ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व सांसद विजय दर्डा समेत 7 पर आरोप तय

Thu, 10 Nov 2016 10:14 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 10 Nov 2016 10:14 PM IST
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Court frames charges against Vijay Darda
- फोटो : demo pic

छत्तीसगढ़ में कोल ब्लॉक आवंटन में अनियमितता के मामले में आरोपी पूर्व राज्यसभा सांसद विजय दर्डा, उनके बेटे देवेंद्र दर्डा, पूर्व कोयला सचिव एचसी गुप्ता समेत सात लोगों के खिलाफ बृहस्पतिवार को विशेष सीबीआई कोर्ट ने आरोप तय कर दिए। मामले की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को होगी। 

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पटियाला हाउस स्थित विशेष जज भरत पाराशर ने विजय दर्डा, देवेंद्र दर्डा, एचसी गुप्ता, दो नौकरशाहों केएस क्रोफा व केसी समारिया, मैसर्स जेएलडी यवतमाल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशक मनोज कुमार जायसवाल के खिलाफ आपराधिक साजिश, विश्वासघात, धोखाधड़ी व भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के तहत आरोप तय किए हैं। विशेष सीबीआई अदालत ने पेशी के बाद 20 अगस्त 2015 को इन आरोपियों को जमानत प्रदान कर दी थी। अदालत ने सीबीआई की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद बतौर आरोपी पेश होने का निर्देश दिया था। 
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सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को अदालत ने 20 नवंबर 2014 को खारिज कर आगे जांच का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि पूर्व सांसद ने पूर्व प्रधानमंत्री को लिखे अपने पत्र में गलत तथ्य पेश किए थे। लोकमत समूह के चेयरमैन विजय दर्डा ने छत्तीसगढ़ में फतेहपुर ईस्ट कोल ब्लॉक जेएलडी यवतमाल को दिलाने के लिये ऐसा किया था। पहली नजर में ऐसा लगता है कि निजी लोगों ने सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर धोखाधड़ी की है। 
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सीबीआई ने एफआईआर में कहा था कि जेएलडी यवतमाल ने अपने समूह की कंपनियों को 1995-2005 के बीच चार कोल ब्लॉक आवंटन की बात छिपाई थी। दूसरी ओर सीबीआई ने क्लोजर रिपोर्ट में कहा कि जेएलडी यवतमाल को कोल ब्लॉक आवंटन में कोई अनियमितता या पक्षपात नहीं किया गया।

पूर्व मंत्री शिबू सोरेन व राव को आरोपी बनाने से इनकार

Court frames charges against Vijay Darda
शिबू सोरेन

पूर्व कोयला मंत्री शिबू सोरेन व पूर्व कोयला राज्यमंत्री दसारी नारायण राव को कोल आवंटन मामले में बतौर आरोपी समन करने से विशेष अदालत ने इनकार कर दिया। कोल ब्लॉक आवंटन मामले में आरोपी कंपनी मेसर्स जेएलडी यवतमाल एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड ने अर्जी दायर कर इन पूर्व मंत्रियों को आरोपी बनाने की मांग की थी। 

पटियाला हाउस स्थित सीबीआई जज भरत पाराशर ने जेएलडी यवतमाल एनर्जी की अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जेएलडी ने पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख की पुस्तक में दिए गए विवरण के आधार पर शिबू सोरेन व डीएन राव को आरोपी बनाने की मांग की थी। 

कोर्ट के समक्ष अर्जी पर बहस करते हुए अधिवक्ता विजय अग्रवाल ने कहा था कि पीसी पारेख ने अपनी किताब में मौजूदा आवंटन प्रक्रिया के सही नहीं होने और यह जानकारी तत्कालीन मंत्री शिबू सोरेन व डीएन राव की जानकारी में लाने की बात कही है। पूरे फसाद के पीछे यही दोनों मंत्री थे।

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