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डीएसपी बस्सी के तबादले को चुनौती देने वाली अपील पर न्यायालय ने सीबीआई से मांगा जवाब

Fri, 01 Feb 2019 01:24 PM IST
Avdhesh Kumar भाषा, नई दिल्ली
भाषा, नई दिल्ली Published by: Avdhesh Kumar Updated Fri, 01 Feb 2019 01:24 PM IST
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Court asks to CBI appeal against challenging transfer of DSP Bassi
सीबीआई
उच्चतम न्यायालय ने सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक ए के बस्सी की उस अपील पर शुक्रवार को, केंद्रीय जांच एजेंसी से जवाब मांगा जिसमें बस्सी ने अपना तबादला पोर्ट ब्लेयर किए जाने को चुनौती दी है। देश के प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने केंद्रीय जांच एजेंसी को एक नोटिस जारी कर छह सप्ताह में जवाब मांगा है। बस्सी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने कहा कि यह मामला सीबीआई के प्रशासन पर सवाल उठाता है। उन्होंने कहा कि इस मामले से जांच की पवित्रता भी प्रभावित होगी।
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बस्सी ने 21 जनवरी को अपने तबादले को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देते हुए कहा था कि यह दुर्भावना से प्रेरित है और इससे सीबीआई के पूर्व विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के खिलाफ जांच प्रभावित होगी।
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बस्सी के तबादले का आदेश 11 जनवरी को जारी हुआ था। इस आदेश को चुनौती देते हुए बस्सी ने कहा कि पूर्व सीबीआई निदेशक आलोक कुमार वर्मा की अपील पर शीर्ष अदालत ने जो आदेश जारी किए थे, यह उसका उल्लंघन है।
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अस्थाना के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले के जांच अधिकारी बस्सी ने कहा कि सीबीआई के वर्तमान अंतरिम निदेशक एम नागेश्वर राव उन्हें निशाना बना रहे हैं। राव सीबीआई में मौजूद उन तत्वों का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं जो नहीं चाहते कि वह अस्थाना के खिलाफ प्राथमिकी की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच करें।

बस्सी ने कहा कि राव ने 24 अक्तूबर 2018 को एक आदेश जारी कर उनका तबादला पोर्ट ब्लेयर कर दिया। राव के ही कहने पर उन्हें, सीबीआई के पूर्व निदेशक आलेाक वर्मा के मामले में इस अदालत के फैसले को नजरअंदाज कर अंडमान निकोबार द्वीपसमूह भेजा जा रहा है। वर्मा से हालांकि एक उच्चाधिकार प्राप्त चयन समिति ने सीबीआई निदेशक के दायित्व ले लिए और अग्निशमन सेवा महानिदेशक के पद पर उनका तबादला कर दिया।

बस्सी ने कहा कि ऐसी आशंका है कि यह तबादला या तो उन्हें झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने या उनके खिलाफ विभागीय जांच की दिशा में पहला कदम है क्योंकि उन्होंने अस्थाना के खिलाफ प्राथमिकी के मामले में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच की थी।

उन्होंने कहा कि यह एक अधिकारी के तबादले का सामान्य मामला नहीं है। वर्मा के मामले में दिए गए आवेदन में उन्होंने कहा था कि उनका तबादला उस गहरी साजिश के तहत है जिसका उद्देश्य अस्थाना के खिलाफ जांच को प्रभावित करना है और मामले में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष तरीके से जांच करने के लिए उन्हें परेशान करना है।


बस्सी ने कहा कि सीबीआई में काम करते हुए वह किसी भी गुट या धड़े का हिस्सा नहीं रहे और केंद्रीय जांच एजेंसी में उठे कथित विवादों से उनका कोई लेनादेना नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने ऐसे किसी भी मामले में जांच दल का हिस्सा बनने का अधिकार नहीं मांगा जिसकी जांच सीबीआई कर रही है या जो टीम अस्थाना के खिलाफ प्राथमिकी की जांच कर रही है।
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