{"_id":"5dfc9e088ebc3e87c56e97f5","slug":"countrywide-protest-over-citizenship-amendment-act-2019-timeline-cab-in-india","type":"story","status":"publish","title_hn":"नागरिकता कानून 2019: देशभर में कई जगहों पर हो रहा बवाल, एक क्लिक में पढ़ें अब तक क्या-क्या हुआ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
नागरिकता कानून 2019: देशभर में कई जगहों पर हो रहा बवाल, एक क्लिक में पढ़ें अब तक क्या-क्या हुआ
Fri, 20 Dec 2019 04:19 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 20 Dec 2019 04:19 PM IST
विज्ञापन
citizenship Law 2019
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भारत के कई हिस्सों में नए नागरिकता कानून को लेकर विरोध प्रदर्शनों का दौर जारी है। पूर्वोत्तर के बाद प्रदर्शन की आग ने राजधानी दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश में हिंसक रूप ले लिया। इस कानून को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन और आगजनी देखने को मिल रही है।
विज्ञापन
12 दिसंबर गुरुवार को देर रात राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद जारी अधिसूचना के मुताबिक यह कानून गजट प्रकाशन के साथ लागू हो गया। इसके साथ ही नागरिकता अधिनियम 1955 में बदलाव भी हो गया है। इसके तहत 31 दिसंबर, 2014 तक धर्म के आधार पर प्रताड़ना के चलते पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई धर्म के लोगों को अवैध घुसपैठिया नहीं माना जाएगा, बल्कि उन्हें भारतीय नागरिकता दी जाएगी।
विज्ञापन
जानिए भारत के नए नागरिकता कानून ने कैसे पूरा किया सफर
- 19 जुलाई 2016: मोदी सरकार ने पहली बार नागरिकता कानून में संशोधन को लेकर एक विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया।
- 12 अगस्त 2016: विपक्ष के दबाव के कारण सरकार ने इस विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को सौंप दिया।
- जनवरी 2019: संयुक्त संसदीय समिति ने नागरिकता कानून संशोधन विधेयक पर अपनी रिपोर्ट पेश की।
16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने के कारण यह विधेयक स्वत निष्क्रिय हो गया। 2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में आने के बाद नागरिकता विधेयक को पेश करने को लेकर तैयारियां शुरू कर दी।
विज्ञापन
- नौ दिसंबर 2019: नया नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश किया गया। जहां विपक्ष के भारी हंगामें के बावजूद देर रात तक चली कार्यवाही के बाद यह विधेयक ध्वनिमत से पारित हो गया। विधेयक के पक्ष में 311 तो इसके विपक्ष में 80 मत पड़े।
- 11 दिसंबर 2019: लोकसभा से पारित होने के बाद इस विधेयक को राज्यसभा में पेश किया गया। वहां भी विपक्षी दलों ने खूब विरोध किया लेकिन वोटिंग के बाद यह विधेयक राज्यसभा से भी पारित हो गया। विधेयक के पक्ष में 125 और विरोध में 105 वोट पड़े।
- 12 दिसंबर 2019: लोकसभा और राज्यसभा से पारित होने के बाद राष्ट्रपति ने इस विधेयक पर हस्ताक्षर किया। जिसके बाद यह विधेयक कानून बन गया।
- 12 दिसंबर 2019: पूर्वोत्तर के कई राज्यों में नागरिकता कानून के विरोध में हिंसा भड़की। गुवाहाटी और शिलांग में तोड़फोड़ और धरना प्रदर्शन किया गया।
- 13 दिसंबर 2019: कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नागरिकता संशोधन कानून को असंविधानिक करार दिया। उन्होंने कहा कि इसे पंजाब में लागू नहीं किया जाएगा।
- 13 दिसंबर 2019: नागरिकता कानून के विरोध के कारण गुवाहाटी में भारत-जापान शिखर बैठक टाल दी गई। जापानी प्रधानमंत्री शिजो आबे ने अपनी भारत यात्रा रद्द की। अमित शाह ने शिलांग दौरा रद्द किया।
- 13 दिसंबर 2019: नागरिकता बिल पर पूर्वोत्तर में बवाल। असम-त्रिपुरा के बाद मेघालय में भी इंटरनेट बंद। पुलिस फायरिंग में दो की मौत। टीएमसी, कांग्रेस और पीस पार्टी ने नागरिकता कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका।
- 13 दिसंबर 2019: नागरिकता कानून को लेकर यूपी में भी तनाव, अलीगढ़ में जिला प्रशासन ने प्रदर्शन पर लगाई रोक। दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने भी किया विरोध प्रदर्शन।
- 14 दिसंबर 2019: बांग्लादेश के विदेशमंत्री ने भारत की यात्रा टाली। अल्पसंख्यकों को प्रताड़ित करने के आरोप पर जताई नाराजगी।
- 15 दिसंबर 2019: जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय के छात्रों के प्रदर्शन के बाद सभी परीक्षाएं स्थगित, यूनिवर्सिटी में छुट्टियों का एलान।
- 16 दिसंबर 2019: जामिया हिंसा के बाद विरोध-प्रदर्शन देश के कई हिस्सों में तेज हो गया। दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया।विरोध में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा इंडिया गेट पर सांकेतिक दो घंटे के धरने पर बैठीं। उग्र विरोध के चलते उत्तर प्रदेश के मेरठ, बुलंदशहर, कासगंज, बागपथ, सहारनपुर और बरेली में धारा 144 लगा दी गई। गृह मंत्रालय नागरिकता कानून पर फैली भ्रांतियों को दूर करने के मकसद से कुछ तथ्य सामने लाया। गृह मंत्रालय ने बताया, नागरिकता संशोधन अधिनियम से कितने लोग लाभान्वित होंगे इसकी संख्या अभी निर्धारित नहीं की गई है। इनकी संख्या नियमों के निर्धारण के बाद स्पष्ट होगी। इसके लिए जल्द ही नियम तैयार किए जाएंगे। भारतीय नागरिकता प्राप्त करने वाले आवेदक को आवश्यक दस्तावेजों के साथ नागरिकता के लिए आवेदन करना होगा। कोई भी व्यक्ति अपने आप ही भारतीय नागरिक नहीं बन जाएगा।
- 17 दिसंबर 2019: नागरिकता संशोधन कानून पर मचे बवाल को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय और गृह मंत्री अमित शाह ने भी केंद्र का रुख स्पष्ट किया। दिल्ली में एक कार्यक्रम में अमित शाह ने कहा कि जिसे भी राजनीतिक विरोध करना है वो करो, लेकिन मोदी सरकार विरोध से नहीं झुकेगी वह नागरिकता कानून पर अडिग है। उन्होंने कहा कि शरणार्थियों को नागरिकता मिलेगी। शरणार्थी भारत के नागरिक बनेंगे और सम्मान के साथ दुनिया में रहेंगे।
- 18 दिसंबर 2019: नागरिकता कानून के विरोध में उर्दू लेखक और पद्मश्री से सम्मानित मुजतबा हुसैन ने पुरस्कार सरकार लौटाने की घोषणा की। दिल्ली समेत पश्चिम बंगाल से लेकर मुंबई, चेन्नई, कर्नाटक और केरल में विरोध-प्रदर्शन तेज।
- 19 दिसंबर 2019: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान योगेंद्र यादव, उमर खालिद, संदीप दीक्षित, सीताराम येचुरी सहित सैकड़ों की संख्या में अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया। वहीं, बंगलूरू में इतिहासकार रामचंद्र गुहा को भी हिरासत में लिया गया। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना और केरल में कई जगहों पर विरोध-प्रदर्शन हुआ। कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने गुरुवार को दावा किया कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान मंगलूरू में हुई हिंसा की घटनाओं के पीछे पड़ोसी राज्य केरल के लोग हैं।
- 20 दिसंबर 2019: नागरिकता संशोधन कानून को लेकर देश के कई राज्यों में लगातार छठे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी है। दिल्ली, यूपी, पश्चिम बंगाल, गुजरात, केरल और कर्नाटक में कई संगठनों द्वारा विरोध प्रदर्शन की खबरें आ रही हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एलान किया कि बिहार में एनआरसी लागू नहीं होगा। असम में शुक्रवार को मोबाइल इंटरनेट सेवा को चालू कर दिया गया, वहीं गुजरात में आठ हजार लोगों पर हत्या की साजिश और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है साथ ही 49 लोगों को हिरासत में लिया गया है। उत्तर प्रदेश के कई शहरों में प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है।