कोरोना संकट: सरकार की केंद्र शासित प्रदेशों को सलाह, जांच बढ़ाएं और व्यवस्था मजबूत करें
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस महामारी की स्थिति को लेकर देश के सभी केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों के साथ केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला और केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना महामारी की स्थिति, प्रबंधन और रणनीति पर चर्चा और समीक्षा की गई।
भारत सरकार ने बताया कि केंद्रीय गृह सचिव ने केंद्र शासित प्रदेशों में कोविड की परिस्थिति को लेकर लगातार नजर बनाए रखने की सलाह दी। बैठक के दौरान कोविड के अनुरूप व्यवहार का पालन सुनिश्चित किए जाने के साथ आवागमन प्रतिबंध, भीड़ जमा होने पर रोक और बाजार के लिए समय निर्धारित करने जैसे बिंदुओं पर जोर दिया गया।
Union Home Secy urged constant vigilance regarding the evolving situation of COVID in UTs. Strict enforcement of COVID appropriate behavior was stressed along with stricter enforcement of movement restrictions&prohibition of large gatherings, regulated timings for markets etc:GoI
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 20, 2021
बैठक के दौरान नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने अगले कोविड प्रतिक्रिया मानकों के लिए अगले तीन सप्ताहों को काफी गंभीर बताया। केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासकों को सलाह दी कि अगले तीन सप्ताहों के लिए पहले से योजना बनाएं। उन्होंने कहा कि संक्रमितों की तुरंत पहचान करने के लिए एक सर्वेक्षण किया जाना चाहिए।
During the meeting, Dr VK Paul pointed out the criticality of the next 3 weeks for COVID response measures. UT administrators were advised to plan in advance for 3 weeks. A survey to promptly identify COVID positive people should be taken up, he stated: GoI
— ANI (@ANI) April 20, 2021
जांच बढ़ाने और अस्पतालों के ढांचे को मजबूत करने को कहा
केंद्र ने सलाह दी कि केंद्र शासित कोविड-19 के लिए जांच बढ़ाएं और गंभीर हालात को देखते हुए अगले तीन सप्ताह के लिहाज से अपनी प्रयोगशालाओं तथा अस्पतालों के ढांचों को मजबूत करें। भल्ला ने केंद्रशासित प्रदेशों को सलाह दी कि आरटी-पीसीआर जांच बढ़ाई जाए। केंद्र ने क्लीनिकल प्रबंधन की तत्काल समीक्षा की सिफारिश भी की है।