कोरोनावायरस: भारत से खतरा टला! मुंबई में भर्ती दो लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव
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मुंबई के सिविक अस्पताल में भर्ती दो लोगों के टेस्ट नेगेटिव आए हैं। इन दोनों के कोरोनावाइरस की चपेट में होने की आशंका थी। इनकी रिपोर्ट्स नेगेटिव आई हैं। अधिकारियों का कहना है कि तीसरे व्यक्ति के खून के नमूने को जांच के लिए पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) भेजा जाएगा।
जिन दो लोगों के टेस्ट नेगेटिव आए हैं उन्हें बृहन्मुंबई महानगर पालिका के कस्तूरबा अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में निरंतर निगरानी में रखा जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि उनके डिस्चार्ज को लेकर फैसला शनिवार को किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह दोनों अब भी निगरानी में हैं।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने कहा, 'उन्हें डिस्चार्ज करने का फैसला शनिवार को होगा। यह उनके स्वास्थ्य की स्थिति पर निर्भर करता है। तीसरे व्यक्ति के खून के नमूने को शनिवार को एनआईवी भेजा जाएगा।' रविवार तक रिपोर्ट आने की संभावना है। जिन दो लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव है वह चीन की यात्रा पर गए थे। उन्हें 23 जनवरी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
वहीं तीसरा व्यक्ति हांगकांग से लौटा है और उसे शुक्रवार को भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के अनुसार 19 जनवरी से शुक्रवार रात तक कोरोनोवायरस को लेकर छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कुल 2,056 यात्रियों ने थर्मल स्क्रीनिंग की। इनमें से सात यात्री महाराष्ट्र से थे।
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री ने लोगों से कहा- घबराए नहीं
महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शुक्रवार को नागरिकों से न घबराने की अपील की क्योंकि देश में अब तक कोरोनोवायरस संक्रमण का कोई मामला नहीं पाया गया है। वहीं किसी भी देश की यात्रा से लौटने वाले यात्री की जांच की जा रही है।
निदान और उपचार के लिए बनाया गया अलग वार्ड
बृहन्मुंबई महानगरपालिका की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर पद्मजा केस्कर ने बताया कि ऐसे लोगों के निदान और उपचार के लिए एक अलग वार्ड बनाया गया है जिनके कोरोनावायरस से संक्रमित होने की आशंका है। मुंबई के छत्रपति शिवाजी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पांच दिन के भीतर 2,056 यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है।
डॉक्टरों को निर्देश, चीन से आने वाले लोगों को वार्ड में भेजा जाए
मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर नियुक्त डॉक्टरों से कहा गया है कि चीन से आने वाले किसी भी यात्री में अगर कोरोनावायरस के लक्षण नजर आते हैं तो उन्हें निगरानी के लिए बनाए गए वार्ड में भेज दिया जाए। सभी चिकित्सकों को भी इस तरह के लक्षण वाले लोगों को वार्ड में भेजने की हिदायत दी गई है।
दरअसल चीन में कोरोनावायरस से बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हैं और इसके चलते कई लोगों की मौत हो चुकी है। यह देखते हुए बीएमसी ने चिंचपोकली के कस्तूरबा अस्पताल में एक अलग वार्ड बना दिया है। कस्तूरबा अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस बारे में दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
कोरोनावायरस विषाणुओं का एक बड़ा समूह जो सामान्य जुकाम से लेकर श्वास तंत्र की गंभीर समस्या तक पैदा कर सकता है। चीन में जिस वायरस से संक्रमित होकर लोगों की जान जा रही है, वह इससे अलग किस्म का है और इसे पहले कभी नहीं देखा गया। कोरोनावायरस से संक्रमित होने पर व्यक्ति में बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, हांफना आदि लक्षण नजर आते हैं।
फ्रांस में दो लोग चपेट में, यूरोप में सामने आया पहला मामला
फ्रांस ने चीन में कहर बरपा रहे नये जानलेवा वायरस से दो लोगों के चपेट में आने की शुक्रवार को घोषणा की। यह यूरोप में वायरस का पहला मामला है। स्वास्थ्य मंत्री एग्निस बुजिन ने दो मामलों की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि दोनों बीमार लोगों ने चीन की यात्रा की थी। मंत्री ने कहा कि उन्हें और मामले सामने आने की आशंका है। उन्होंने कहा कि हमारे पास दो मामले हैं। और मामले आने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि उनका मानना है कि इस वायरस की पुष्टि करने वाला फ्रांस इसलिए पहला यूरोपीय देश है कि उसने बीमार लोगों का फौरन पता लगाने वाली जांच विकसित की है। फ्रांस में इस वायरस की चपेट में आया 48 वर्षीय एक व्यक्ति बुधवार को यहां आने से पहले वुहान से होकर गुजरा था। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अन्य व्यक्ति पेरिस में अस्पताल में भर्ती है। मंत्री ने बताया कि वह व्यक्ति भी चीन गया था।