भारत में कोरोना की रफ्तार दुनिया के सबसे प्रभावित अमेरिका-ब्राजील से भी ज्यादा तेज
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- विशेषज्ञों ने तैयार की रिपोर्ट, संक्रमण की तेज रफ्तार की ओर किया इशारा
- देश में 3.3 फीसदी की दर से संक्रमण बढ़ रहा, दोनों देशों से दोगुना
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विस्तार
देश में कोरोना के तेजी से बढ़ते मामले संक्रमण की तेज रफ्तार की ओर इशारा करने लगे हैं। विशेषज्ञ भी गणितीय मॉडल के आधार पर बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। भारत में संक्रमण की रफ्तार सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका और ब्राजील से भी ज्यादा है।
भारत में दोनों देशों से दोगुना यानी 3.3 फीसदी वृद्धि दर है। अमेरिका में यह दर 1.8 और ब्राजील में 1.9 फीसदी है। विश्व में सबसे ज्यादा वृद्धि दर 4.7 फीसदी दक्षिण अफ्रीका में दर्ज हुई है। जोधपुर आईआईटी के पूर्व प्रोफेसर रीयो एम जॉन के मुताबिक, भारत में संक्रमण की वृद्धि दर गंभीर स्थिति की ओर इशारा कर रही है।
आम तौर पर संक्रामक रोग विशेषज्ञ कोरोना पीक की बात कर रहे हैं। अमेरिका और ब्राजील में काफी हद तक पीक देखने को मिल चुका है, लेकिन भारत में अभी पीक को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है। फिलहाल सबसे ज्यादा दैनिक औसत मरीज अमेरिका में 52,221, ब्राजील (30,628) और भारत में 23,084 मामले दर्ज किए जा रहे हैं।
वहीं, हर दिन मौतों में सबसे आगे ब्राजील है। ब्राजील में रोज औसतन 825, अमेरिका में 601 और भारत में 549 लोगों की मौत हो रही है। प्रो. रीयो एम जॉन ने बताया कि पांच-पांच दिन के आंकड़ों के गणितीय आकलन के आधार पर वृद्धि दर आंकी जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कोरोना का टेस्ट पॉजिटिविटी रेट 9.34 फीसदी के आसपास है। 21वें दिन में मरीजों की संख्या दोगुना हो रही है। विशेषज्ञों का यहां तक कहना है कि बीते 20 दिन में राजधानी दिल्ली में दैनिक मामलों में तेजी से कमी आई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 35 प्रभावित राज्यों में से 27 में एक हजार से अधिक मामले अब तक मिल चुके हैं लेकिन इनमें मणिपुर इकलौता ऐसा राज्य है, जहां एक हजार से अधिक मरीज होने के बाद भी एक भी मौत नहीं हुई है। इसके बाद त्रिपुरा है, जहां 1776 केस पर एक मरीज की मौत दर्ज हुई है।
अब दक्षिण अफ्रीका में बढ़ रहे संक्रमित मरीज
वहीं संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. टी जैकब जॉन का कहना है कि अभी तक अमेरिका, ब्राजील, भारत, इटली, यूके, फ्रांस, स्पेन जैसे देशों में कोरोना की भयावह स्थिति देखने को मिल रही थी, लेकिन अब धीरे-धीरे कुछ देशों में संक्रमण नियंत्रण में दिखाई दे रहा है, तो दक्षिण अफ्रीका में मामले बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। यह दुनिया का चौथा ऐसा देश है, जहां सबसे ज्यादा रोजाना मरीज मिल रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार यहां रोजाना औसतन 9,293 मामले सामने आ रहे हैं।
कहर देख चुका इटली अब सुधार की ओर
जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार दुनिया में फिलहाल कोरोना वायरस की सबसे कम ग्रोथ इटली में देखने को मिल रही है। यहां 0.1 फीसदी ग्रोथ रेट है। कोरोना वायरस का एक बड़ा कहर देखने के बाद इटली अब इस संक्रामक रोग से बाहर निकलने की स्थिति में नजर आ रहा है। इटली में रोजाना औसतन 15 लोगों की वायरस से मौत हो रही है। जबकि यहां 179 केस सामने आ रहे हैं।
भारत के तीन राज्यों में कोरोना का पीक
विशेषज्ञों के अनुसार महाराष्ट्र, दिल्ली और तमिलनाडु अब कोरोना वायरस के पीक की ओर बढ़ चले हैं। प्रो. जॉन ने अपने गणितीय मॉडल का हवाला देते हुए बताया कि फिलहाल गुजरात एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां वायरस का ग्राफ कर्व ले चुका है।
जबकि दिल्ली, तमिलनाडु और महाराष्ट्र में ग्राफ एक निश्चित गति से आगे बढ़ रहा है। गुजरात के अलावा राजस्थान, मध्यप्रदेश और आंध्र प्रदेश में आगामी दिनों में कर्व नीचे की ओर जा सकता है।