15 सितंबर तक भारत में फैला रह सकता है Coronavirus का पूरा प्रभाव- कैप्टन अमरिंदर सिंह
- 80 फीसदी तक प्रभावित हो सकते हैं पंजाब के लोग
- किसानों के लिए कैप्टन ने दी छूट, 3800 मंडियों में होगी खरीद
- दूसरे राज्यों के मजदूरों के राशन समेत सभी कर रहे हैं विचार
- सांसद निधि और राज्यों को दी जाने वाली सहायता पर करेंगे पीएम से बात
- लॉकडाउन पर कोई फैसला मंत्रिमंडल की बैठक के बाद लेंगे कैप्टन
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कैप्टन ने कहा कि इस रिपोर्ट पर गौर करके वह जरूरी इंतजाम, प्रयास कर रहे हैं। कैप्टन ने बताया कि पंजाब में जमात के 651 लोगों आने की सूचना मिली थी, इनमें 636 खोजे गए और 15 की तलाश जारी है।
पंजाब के मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि किसानों से अनाज की खरीद के लिए 3800 मंडियां खोली जा रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री से 11 अप्रैल को चर्चा में उठाए जाने वाले मुद्दों की भी जानकारी दी।
किसानों से खरीद शुरू
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों से अनाज की खरीद बड़ा मुद्दा है। इसके लिए राज्य सरकार ने हर गांव के पास में मंडी और इस तरह से कुल 3,800 मंडियों को खोलने का निर्णय लिया गया है। सोशल डिस्टेसिंग आदि बनाए रखने के लिए पंजाब पुलिस, एनसीसी आदि की सहायता ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसानों को परेशानी न हो, खाद्यान्न भंडारण भी ठीक रहे, ग्रामीण अर्थव्यवस्था बनी रहे और कई राज्यों के पंजाब में मजदूरों को भी परेशानी न हो। किसानों को कुछ दिन पहले ट्रेक्टर, हार्वेस्टर, उपकरण ठीक करने के लिए लॉकडाउन में छूट दे दी थी और 31 मई तक खरीदारी का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार, एफसीआई के जरिए किसानों से मंडी में अनाजों की खरीद को पूरी प्राथमिकता पर रखा जाएगा, ताकि आने वाले समय में मंहगाई दर काबू में रहे और लोगों को खाने-पीने की किल्लत न हो।
किसी प्रदेश के पास नहीं हैं कोविड-19 जांच,सुरक्षा, इलाज के पूरे संसाधन
कैप्टन ने कहा कि सरकार पंजाब में हॉटस्पॉट की पहचान कर रही हैं। होशियारपुर के 14 गांवों को क्वारंटीन किया गया है। नवाशहर, डेराबासी को भी हॉटस्पॉट वाले गांवों को क्वारंटीन किया गया है। कैप्टन ने इस दौरान माना कि देश के किसी राज्य या दुनिया के किसी देश के पास कोविड-19 से निपटने की पूरी तैयारी नहीं है।
कैप्टन ने कहा कि अमेरिका, जर्मनी, इटली, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड समेत दुनिया के सभी देशों को देख लीजिए। कैप्टन ने कहा कि पूरे देश में जिस तरह की जांच और उपाय होने चाहिए, संसाधनों की कमी के कारण नहीं हो पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार तैयार है और जब जंग का समय आता है तब विशेष तैयारी की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने लुधियाना समेत पंजाब के दो निजी मेडिकल कालेजों में कोविड-19 के जांच की अनुमति मांगी है, लेकिन अभी मिली नहीं है।
फिलहाल अभी कोविड-19 की जांच पीजीआई चंडीगढ़, अमृतसर और पटियाला मेडिकल कालेज में हो रही है। 2877 (इनमें 481 तब्लीगी जमात) सैंपल एकत्र किए गए, 132 लोगों में संक्रमण पाजिटिव मिला है, इनमें 41 तब्लीगी समाज से जुड़े हैं।
11 लोगों की कोविड-19 के चलते मृत्यु हुई है। सोमवार, मंगलवार से राज्य सरकार की बड़े पैमाने पर लोगों के बीच में जाकर जांच करने की तैयारी है।
पूरा पंजाब अलर्ट पर
कैप्टन ने कहा कि पूरा पंजाब कोविड-19 को लेकर अलर्ट पर है। 81 सरकारी अस्पताल में से 76 ऑपरेशनल हैं। 358 वेंटिलेटर हैं और 100 का ऑर्डर दिया गया है। सोमवार तक 25 एंटीजेन आधारित टेस्ट किट आ जाएंगी। इस तरह की एक लाख किट का ऑर्डर दिया है।
डेढ़ करोड़ किट केंद्र सरकार मंगवा रही है और उसमें से कुछ पंजाब को मिलेगी। 62 हजार एन-95 मास्क आ रहे हैं। कुल 66 हजार ऐसे और 32 लाख अन्य मास्क की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में ही पीपीई किट बनती है।
14 हजार के करीब हमारे पास हैं। दो हजार पीपीई किट्स एक-दो दिन में आ जाएंगी और 5 हजार किट्स का अगला ऑर्डर दे दिया गया है। आक्सीजन के सिलिंडर पर्याप्त मात्रा में हैं।
विदेश से पंजाब में बहुत से लोग आए
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से कोविड-19 का प्रकोप फैला है, दुनिया के देशों में रहने वाले बड़ी संख्या में पंजाबी राज्य में आए हैं। मोहाली, चंडीगढ़ एयरपोर्ट से करीब 90 हजार पंजाबी आए। 40 हजार दिल्ली में इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर उतरे।
इनकी चेकिंग और जो एहतियात बरते जा सकते थे, बरते गए। हम आगे भी कर रहे हैं। इसी तरह से अकेले लुधियाना में ही दूसरे राज्यों के करीब 10 लाख मजदूर लेबर क्लास के लोग हैं।
दूसरे राज्यों के लाखों की संख्या में मजदूर, किसानी, उद्योग समेत अन्य में लगे हैं। सब खाली बैठे हैं। दिहाड़ी मजदूरों के पास जब काम नहीं होगा, तो वे खाएंगे क्या? यह एक बड़ी समस्या है और राज्य सरकार की इसके प्रति जिम्मेदारी भी है।
सांसद निधि के फैसले से सांसद दुखी
कैप्टन अमरिंदर सिंह 11 अप्रैल को प्रधानमंत्री से तीन-चार मुद्दों पर चर्चा करने वाले हैं। वह राज्य सरकार के लिए वित्तीय संसाधन और सहयोग की मांग करेंगे। कैप्टन ने कहा कि 15 हजार करोड़ रुपये की राज्यों के लिए सहायता अपर्याप्त है।
उन्होंने कहा कि ऐसे संक्रमण की लड़ाई राज्य बिना केंद्र के सहयोग के नहीं लड़ सकते। राज्य के सांसद भी सांसद निधि के दो साल तक डायवर्ट होने से दु:खी हैं। इसे वह क्षेत्र में न तो निधि का उपयोग कर पाएंगे और न विकास में सहायता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री से बात करेंगे। पंजाब में दूसरे राज्य के लाखों मजदूर रहे हैं। इन्हें खाना देना सरकार की जिम्मेदारी है। हालांकि अभी एनजीओ आदि के सहयोग से राज्य सरकार 10 लाख पैकेट खाना बंटवा रही है, लेकिन इस पर भी वह चर्चा करेंगे।