प्रधानमंत्री मोदी का एक ही मंत्र, घर में रहें... घर में रहें... और बस घर में रहें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए देशवासियों को एक मंत्र दे दिया। यह मंत्र है घर में रहें.. घर में रहें.. और बस घर में रहें। जी हां, पीएम मोदी ने इसके साथ ही आज रात 12 बजे से पूरे देश में लॉकडाउन की घोषणा भी कर दी। उन्होंने अपने संबोधन में साफ कहा कि आने वाले 21 दिन हमारे यानि भारत देश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। कोरोना से बचाव का इसके अलावा कोई और तरीका नहीं है। प्रधानमंत्री मोदी अपने संबोधन में इसके पीछे की वजहें भी बताईं। आइए जानते हैं प्रधानमंत्री मोदी ने और क्या-क्या कहा और क्यों कहा..
नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियों कहकर पीएम ने शुरू किया संबोधन
नमस्कार, मेरे प्यारे देशवासियों 22 मार्च को जनता कर्फ्यू का जो संकल्प हमने लिया था, एक राष्ट्र के नाते उसकी सिद्धि के लिए हर भारतवासी ने पूरी संवेदनशीलता के साथ, पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया।
हर कोई इस घड़ी में साथ आया: पीएम
बच्चे-बुजुर्ग, छोटे-बड़े, गरीब-मध्यम वर्ग-उच्च वर्ग, हर कोई परीक्षा की इस घड़ी में साथ आया।
जनता कर्फ्यू से भारत ने दिखा दिया: मोदी
एक दिन के जनता कर्फ्यू से भारत ने दिखा दिया कि जब देश पर संकट आता है, जब मानवता पर संकट आता है तो किस प्रकार से हम सभी भारतीय मिलकर, एकजुट होकर उसका मुकाबला करते हैं।
समर्थ देशों को भी महामारी ने बेबस किया: मोदी
साथियों, आप कोरोना वैश्विक महामारी पर पूरी दुनिया की स्थिति को समाचारों के माध्यम से सुन भी रहे हैं और देख भी रहे हैं। आप ये भी देख रहे हैं कि दुनिया के समर्थ से समर्थ देशों को भी कैसे इस महामारी ने बिल्कुल बेबस कर दिया है।
प्रभावी मुकाबले का एकमात्र विकल्प बताया
इन सभी देशों के दो महीनों के अध्ययन से जो निष्कर्ष निकल रहा है, और एक्सपर्ट्स भी यही कह रहे हैं कि कोरोना से प्रभावी मुकाबले के लिए एकमात्र विकल्प है।
कोरोना से बचने का कोई तरीका नहीं: पीएम
कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा।
सोशल डिस्टेंसिंग ही एकमात्र विकल्प: मोदी
कुछ लोग इस गलतफहमी में हैं कि सोशल डिस्टेंसिंग केवल बीमार लोगों के लिए आवश्यक है। ये सोचना सही नहीं। सोशल डिस्टेंसिंग हर नागरिक के लिए है, हर परिवार के लिए है, परिवार के हर सदस्य के लिए है।
लापरवाही हमें मुश्किल में झोंक देगी: पीएम
कुछ लोगों की लापरवाही, कुछ लोगों की गलत सोच, आपको, आपके बच्चों को, आपके माता पिता को, आपके परिवार को, आपके दोस्तों को, पूरे देश को बहुत बड़ी मुश्किल में झोंक देगी।
लॉकडाउन को गंभीरता से लें
साथियों, पिछले 2 दिनों से देश के अनेक भागों में लॉकडाउन कर दिया गया है। राज्य सरकार के इन प्रयासों को बहुत गंभीरता से लेना चाहिए।
आज रात 12 बजे से संपूर्ण लॉकडाउन
आज रात 12 बजे से पूरे देश में, ध्यान से सुनिएगा, पूरे देश में, आज रात 12 बजे से पूरे देश में, संपूर्ण लॉकडाउन होने जा रहा है। हिंदुस्तान को बचाने के लिए, हिंदुस्तान के हर नागरिक को बचाने के लिए आज रात 12 बजे से, घरों से बाहर निकलने पर, पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है।
पूरे देश में लॉकडाउन: मोदी
देश के हर राज्य को, हर केंद्र शासित प्रदेश को, हर जिले, हर गांव, हर कस्बे, हर गली-मोहल्ले को अब लॉकडाउन किया जा रहा है।
देश को आर्थिक कीमत उठानी पड़ेगी: मोदी
निश्चित तौर पर इस लॉकडाउन की एक आर्थिक कीमत देश को उठानी पड़ेगी। लेकिन एक-एक भारतीय के जीवन को बचाना इस समय मेरी, भारत सरकार की, देश की हर राज्य सरकार की, हर स्थानीय निकाय की, सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
लॉकडाउन 21 दिन का होगा: पीएम
इसलिए मेरी आपसे प्रार्थना है कि आप इस समय देश में जहां भी हैं, वहीं रहें। अभी के हालात को देखते हुए, देश में ये लॉकडाउन 21 दिन का होगा।
आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं: पीएम
आने वाले 21 दिन हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो, कोरोना वायरस की संक्रमण सायकिल तोड़ने के लिए कम से कम 21 दिन का समय बहुत अहम है।
घर में रहें, घर में रहें और घर में रहें: पीएम
घर में रहें, घर में रहें और एक ही काम करें कि अपने घर में रहें। साथियों, आज के फैसले ने, देशव्यापी लॉकडाउन ने आपके घर के दरवाजे पर एक लक्ष्मण रेखा खींच दी है।
इसलिए एहतियात बरतिए, अपने घरों में रहिए : पीएम
आपको ये याद रखना है कि कई बार कोरोना से संक्रमित व्यक्ति शुरुआत में बिल्कुल स्वस्थ लगता है, वो संक्रमित है इसका पता ही नहीं चलता। इसलिए एहतियात बरतिए, अपने घरों में रहिए।
पीएम ने बताया कैसे फैलती गई महामारी
सोचिए, पहले एक लाख लोग संक्रमित होने में 67 दिन लगे और फिर इसे 2 लाख लोगों तक पहुंचने में सिर्फ 11 दिन लगे। ये और भी भयावह है कि दो लाख संक्रमित लोगों से तीन लाख लोगों तक ये बीमारी पहुंचने में सिर्फ चार दिन लगे।
इन देशों में हालात बेकाबू हो गए: पीएम
साथियों, यही वजह है कि चीन, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली-ईरान जैसे देशों में जब कोरोना वायरस ने फैलना शुरू किया, तो हालात बेकाबू हो गए।
उपाय क्या है, विकल्प क्या है?
उपाय क्या है, विकल्प क्या है? साथियों, कोरोना से निपटने के लिए उम्मीद की किरण, उन देशों से मिले अनुभव हैं जो कोरोना को कुछ हद तक नियंत्रित कर पाए।
चाहे जो हो जाए, घर में ही रहना: पीएम
हमें भी ये मानकर चलना चाहिए कि हमारे सामने यही एक मार्ग है- हमें घर से बाहर नहीं निकलना है। चाहे जो हो जाए, घर में ही रहना है।
ये समय हमारे संकल्प को बार-बार मजबूत करने का है: पीएम मोदी
भारत आज उस स्टेज पर है जहां हमारे आज के एक्शन तय करेंगे कि इस बड़ी आपदा के प्रभाव को हम कितना कम कर सकते हैं। ये समय हमारे संकल्प को बार-बार मजबूत करने का है।
ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है: पीएम
साथियों, ये धैर्य और अनुशासन की घड़ी है। जब तक देश में लॉकडाउन की स्थिति है, हमें अपना संकल्प निभाना है, अपना वचन निभाना है।
जरा इनके बारे में भी सोचिए: पीएम
उन डॉक्टर्स, उन नर्सेस, पैरा-मेडिकल स्टाफ, पैथोलॉजिस्ट के बारे में सोचिए, जो इस महामारी से एक-एक जीवन को बचाने के लिए, दिन रात अस्पताल में काम कर रहे हैं।
उन लोगों के लिए प्रार्थना करिए: पीएम
आप उन लोगों के लिए प्रार्थना करिए जो आपकी सोसायटी, आपके मोहल्लों, आपकी सड़कों, सार्वजनिक स्थानों को सैनिटाइज करने के काम में जुटे हैं, जिससे इस वायरस का नामो-निशान न रहे।
असुविधा ना हो इसकी कोशिश जारी: पीएम
कोरोना वैश्विक महामारी से बनी स्थितियों के बीच, केंद्र और देशभर की राज्य सरकारें तेजी से काम कर रही है। रोजमर्रा की जिंदगी में लोगों को असुविधा न हो, इसके लिए निरंतर कोशिश कर रही हैं।
15 हजार करोड़ का प्रावधान किया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
अब कोरोना के मरीजों के इलाज के लिए, देश के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार ने आज 15 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
जरूरी साधनों की संख्या बढ़ाई
इससे कोरोना से जुड़ी टेस्टिंग फेसिलिटीज,पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्वीपमेंट्स, आइसोलेशन बेड्स, आईसीयू बेड्स, वैंटिलेटर्स और अन्य जरूरी साधनों की संख्या तेजी से बढ़ाई जाएगी।
ऐसी बातों से बचें: पीएम
मैंने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि इस समय उनकी पहली प्राथमिकता, सिर्फ और सिर्फ स्वास्थ्य सेवाएं ही होनी चाहिए, हेल्थ केयर ही प्राथमिकता होनी चाहिए।
अफवाहों से बचें: पीएम
लेकिन साथियों, ये भी ध्यान रखिए कि ऐसे समय में जाने-अनजाने कई बार अफवाहें भी फैलती हैं। मेरा आपसे आग्रह है कि किसी भी तरह की अफवाह और अंधविश्वास से बचें। मेरी आपसे प्रार्थना है कि इस बीमारी के लक्षणों के दौरान, बिना डॉक्टरों की सलाह के, कोई भी दवा न लें।
निर्देशों का पालन करें: पीएम
किसी भी तरह का खिलवाड़, आपके जीवन को और खतरे में डाल सकता है। मुझे विश्वास है हर भारतीय संकट की इस घड़ी में सरकार के, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करेगा।
21 दिन का लॉकडाउन, लंबा समय है, लेकिन आपके जीवन की रक्षा के लिए, आपके परिवार की रक्षा के लिए, उतना ही महत्वपूर्ण है।