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Hindi News ›   India News ›   PM Modi Coronavirus Lockdown Latest Announcement News in Hindi: PM Modi appealed to all countrymen to lit a diya on april 5 at 9 PM

PM Modi: पांच अप्रैल को दीया जलाने की अपील कर प्रधानमंत्री मोदी ने किया विरोधियों को परास्त

Fri, 03 Apr 2020 06:40 PM IST
Harendra Chaudhary शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Fri, 03 Apr 2020 06:40 PM IST
सार

  • तमसो मा ज्योर्तिगमय एक आशा, कांग्रेस न करे राजनीति- नलिन कोहली
  • पीएम का दीया जलाना चिराग तले अंधेरा, समाधान नहीं तो भटका रहे- सुष्मिता देव
  • लॉकडाउन से ऊबे लोगों में नई उर्जा का संचार- डा. अश्विन चौबे
  • सबका साथ, सबका विकास और सबके साथ कोविड-19 से जंग का संदेश, दुनिया भी मानेगी लोहा
  • चिकित्सीय संसाधन जुटाने में लगी है सरकार और एजेंसियां

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PM Modi Coronavirus Lockdown Latest Announcement News in Hindi: PM Modi appealed to all countrymen to lit a diya on april 5 at 9 PM
पीएम मोदी की आज घोषणा - फोटो : PTI

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोविड-19 संक्रमण से मुकाबले के लिए कमर कसकर तैयार हैं। प्रधानमंत्री ने शुक्रवार सुबह नौ बजे प्रसारित अपने 12 मिनट लंबे वीडियो संदेश में पांच अप्रैल को रात्रि नौ बजे नौ मिनट के लिए घर लाइट्स बंद करके एक दीया, मोमबत्ती या मोबाइल फ्लैश लाइट जलाने की अपील की है। प्रधानमंत्री मोदी की टीम इसे कोविड-19 से लड़ने  की संजीवनी के रूप में देख रही है। कूटनीति के जानकार इस मुहिम को सबका साथ, सबका विकास से जोड़ रहे हैं, तो चिकित्सा विज्ञानी इसे बड़ी दवा मान रहे हैं।
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दीया नहीं प्रधानमंत्री देश की जनता को दवा दे रहे हैं- डा. चौबे

डा. अश्विन चौबे का कहना है कि प्रधानमंत्री पांच अप्रैल को दीया नहीं जलवा रहे हैं, बल्कि देश की जनता को दवा दे रहे हैं। डा. चौबे का कहना है कि दिल्ली में तमाम लोग फोन करके सांस फूलने, घबराहट होने की शिकायत बताकर दवा पूछ रहे हैं। लोगों को भ्रम है कि कहीं वह कोविड-19 के संक्रमित तो नहीं हैं। डा. अश्विन का कहना है कि लॉकडाउन, दुनिया में संक्रमण से हो रही मौतों, अमेरिका जैसे देश की खस्ता हालत और टीवी पर कोविड-19 जुड़ी खबरों के कारण अधिकांश लोग मानसिक दबाव में हैं।

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प्रधानमंत्री का यह कदम इन सभी लोगों का मूड चेंज कराएगा। लोगों में एक नई तरह की ऊर्जा का संचार करेगा। डा. सद्गुरु सरन का कहना है कि लोग घर में अंधेरा करके दीया जलाएंगे, तो इसमें कोई नुकसान तो है नहीं। डा. सरन का मानना है कि यह एक मनोवैज्ञानिक उपाय है। इससे सरकार को भी पता चलता है कि जनता आगे उसका कितना साथ देने के लिए तैयार है।

शुरू हुई राजनीति

प्रधानमंत्री मोदी के बाद केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी पांच अप्रैल को रात बजे दीया जलाकर मुहिम को सफल बनाने की उम्मीद की है। कांग्रेस के नेताओं ने प्रधानमंत्री की इस मुहिम को कठघरे में रखना शुरू कर दिया है। महिला कांग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने इसे चिराग तले अंधेरा बताया है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन ने भी प्रधानमंत्री की अपील का स्वागत किया है। भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली ने अमर उजाला को बताया कि प्रधानमंत्री की यह अपील अंधकार से प्रकाश की ओर, नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर, निराशा से आशा की ओर ले जाने की किरण है।

कोहली ने कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा कि देश कठिन दौर से गुजर रहा है और कांग्रेस को साथ देने के बजाय राजनीति सूझ रही है।

कोरोना से हराने में लॉकडाउन बहुत कारगर

नीति आयोग, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ मिलकर कोविड-19 से लड़ने की योजना तैयार कर रहा है। नीति आयोग के सूत्रों का कहना है कि देश को कोरोना से जंग के लिए पर्याप्त संसाधन चाहिए। बड़ी संख्या में मास्क, वेंटिलेटर, फेस शील्ड, पीपीई बेस्ड किट आदि की जरूरत है। देश लगातार इन तैयारियों में युद्ध स्तर पर लगा है। ऐसे में भारत ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाऊन की नीति अपनाई है।

लाइफ केयर इंस्टीट्यूट के एमडी डा. जीपी पाठक समेत अन्य का कहना है कि लॉकडाउन की नीति अपनाने की आलोचना नहीं की जा सकती। चिकित्सकों का कहना है कि लॉकडाऊन कैसे, कब किस तरह से लागू करना है, यह तय करना सरकार का काम है, लेकिन कोरोना से हराने में लॉकडाउन बहुत कारगर है।

इसके चलते ही संक्रमण को अभी तक बड़े पैमाने पर फैलने से रोका जा सका है। इस दौरान भारत के पास जो चिकित्सीय संसाधन नहीं है, उसे जुटाने का प्रयास कर रहा है।

तमसो मा ज्योर्तिगमय का दुनिया मानेगी लोहा

विदेश मंत्रालय के अफसर प्रधानमंत्री की अपील को काफी अच्छा मान रहे हैं। अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी के अनुसार दुनिया के तमाम देशों में भारत की कोविड-19 से लड़ने के लिए अपनाई गई नीति की सराहना हो रही है। सूत्र का कहना है कि 22 मार्च को जनता के शंख बजाने, ताली बजाने की घरेलू स्तर पर चाहे जो आलोचना हो, लेकिन वैश्विक स्तर पर इसे देश के जनता की प्रधानमंत्री मोदी के साथ एकजुटता माना गया।

सूत्र का कहना है कि दुनिया के देश लॉकडाऊन के लिए सख्त कानून व्यवस्था का सहारा ले रहे हैं, जबकि भारत में प्रधानमंत्री की अपील पर लोग स्वेच्छा से इसे अमल में ला रहे हैं। इसे दुनिया में भारत की साख बढ़ रही है। प्रधानमंत्री मोदी की छवि में निखार आ रहा है और सबका साथ, सबका विकास की थीम को बल मिल रहा है।

राजनीतिक दलों में छटपटाहट

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सप्ताह भर पहले कोविड-19 से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री की सराहना की थी। गुरुवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने लॉकडाउन के तरीके पर सवाल उठाए। भाजपा के नेता इसे कांग्रेस की छटपटाहट से जोड़कर देख रहे हैं।



समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रधानमंत्री की पांच अप्रैल की अपील पर कटाक्ष किया है। कांग्रेस पार्टी के एक बड़े नेता का कहना है कि प्रधानमंत्री को ऐसे कठिन समय में राजनीति की बजाय ईमानदारी से काम करना चाहिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि हम पांच अप्रैल को दीपक भी जलाएंगे लेकिन आप भी हमें सुनिए। आप गरीबों, दिहाड़ी मजदूरों की भी सुनिए।
 

शशि थरुर ने प्रधानमंत्री को प्रधान शो मैन करार दिया और कहा कि उनके संबोधन में वित्तीय रुप से कमजोर लोगों की पीड़ा नहीं सुनाई दी। पोस्ट लाक डाऊन या भविष्य की कोई रुपरेखा भी नजर नहीं आई।

इसके जवाब में भाजपा प्रवक्ता नलिन कोहली का कहना है कि कुछ लोग हर समय राजनीति करते हैं। उन्होंने 2019 का लोकसभा चुनाव का नतीजा भी याद नहीं रहता।

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