Coronavirus in india: देश में दस लाख मरीजों के साथ जुलाई में कोरोना होगा अपने चरम पर
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देश में दस लाख मरीजों के साथ जुलाई में कोरोना अपने चरम पर होगा। इसकी पुष्टि गणितीय आकलन से हुई है। विशेषज्ञों का दावा है कि जुलाई के पहले दो सप्ताह में तीन लाख मरीज मिल सकते हैं।डाटा समीक्षक जेम्स विल्सन का मानना है कि 2 जुलाई तक मरीजों की कुल संख्या छह और आठ जुलाई तक सात लाख हो सकती है।
हालांकि उनका कहना है कि इन आंकड़ों में एक या दो दिन का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। संक्रमण की मौजूदा दोगुनी दर और संक्रमित सैंपल मिलने के क्रम में जुलाई अंत तक मरीजों की संख्या 10 लाख से अधिक हो सकती है।
दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया भी आशंका जता चुके हैं कि देश में कोरोना वायरस का पीक जुलाई तक देखने को मिल सकता है। दिल्ली के ही महामारी विशेषज्ञ डॉ. विनीत पॉल का कहना है कि देश में पांच लाख मरीजों की संख्या अगले दो दिन में पूरी हो जाएगी। इसके बाद जुलाई के आखिर तक यह आंकड़ा 10 लाख से भी अधिक हो सकता है।
- राहत : लॉकडाउन के बाद का अनुमान फेल
लॉकडाउन के बाद की स्थिति को लेकर केंद्र सरकार के विशेषज्ञों के अनुमान विफल रहे हैं। हालांकि यह बड़ी राहत है। मई में टास्क फोर्स की बैठक में 30 जून तक मरीजों की संख्या 11 लाख से अधिक होने का अनुमान था। 10 दिन में दर दोगुनी होने के साथ रोजाना 75 हजार मिलने की आशंका थी। 15 अगस्त तक संख्या 2 करोड़ होने की आशंका भी जताई गई थी, लेकिन फिलहाल विशेषज्ञ इस स्थिति में आने से इंकार कर रहे हैं।
- दूसरे चरण की आशंका कायम...
दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि पीक आने के बाद अगस्त तक रफ्तार में कमी हो सकती हैं। क्या इसका मतलब कोरोना से मुक्ति माना जाए? इस पर उन्होंने कहा कि जुलाई में कुछ समय संख्या बढ़ने के बाद कमी आएगी। इसका मतलब यह नहीं है कि हमें कोरोना से आजादी से मिल गई है। हो सकता है कि हमें संक्रमण के दूसरे चरण का सामना करना पड़े। चूंकि अब तक कोरोना वायरस को समझने में काफी मदद मिली है। ऐसे में दूसरे चरण से बचने के लिए हम पहले से ही सतर्कता पर ध्यान दे सकते हैं।
- संक्रमित मिलने की दर 9% पहुंची
विशेषज्ञों के अनुसार एक से 23 जून के बीच देश में कोरोना जांच का आंकड़ा 1,00,180 से बढ़कर 2,15,195 हुआ। वहीं संक्रमित सैंपल की दर भी 9 फीसदी हुई है। दिल्ली में दर 23 फीसदी तक है। जबकि तेलंगाना में 18 और पश्चिम बंगाल में 3.5 फीसदी है। स्पष्ट है कि अलग-अलग राज्यों में कोरोना का पीक अलग-अलग दिखाई दे सकता है लेकिन जुलाई में सबसे ज्यादा मरीज सामने आ सकते हैं। दिल्ली एम्स के डॉ. अनंतकृष्णन का मानना है कि पॉजिटिविटी रेट संक्रमण बढ़ने की ओर इशारा करता है। उनका कहना है कि कोरोना को लेकर जांच की स्थिति अब तक स्पष्ट नहीं है।
- रेमडेसिविर दवा की पांच राज्यों में सप्लाई शुरू
घरेलू दवा निर्माता कंपनी हेटरो ने पहले बैच में दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, गुजरात और तमिलनाडु के अलावा महाराष्ट्र के अन्य शहरों में रेमडेसिविर दवा की 20 हजार शीशियां भेज दी हैं। 100 मिलीग्राम की शीशी की कीमत 5,400 रुपये है। अमेरिकी कंपनी गिलियड से भारत की हेटरो और सिप्ला को दवा का लाइसेंस मिला है। हेटरो की दवा बाजार में कोविफोर और सिप्ला की सिप्रेमी नाम से बाजार में आई है।