देख तेरे संसार की हालत...: ऑक्सीजन के बदले आबरू, संक्रमित से दुष्कर्म, दवा के नाम पर पानी
कोरोना संकट के बीच देश के हर हिस्से से ऐसी अनगिनत घटनाएं आ रही हैं, जो इस भयावह स्थिति के बीच भी मानवता को शर्मसार करती हैं। ये घटनाएं इस बीमार व्यवस्था का आईना हैं और बताती हैं कि लोगों का जमीर और संवेदनाएं अब कहां पर हैं।
विस्तार
देश में हर रोज कोरोना वायरस हजारों जिंदगियां निगल रहा है और लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। वहीं दूसरी ओर कोरोना संकट के बीच लोगों में इंसानियत मरती जा रही है। कोरोना संक्रमित महिलाओं की इज्जत लूटी जा रही है, तो कहीं लाचारी और बेबसी का फायदा उठाया जा रहा है। दवा के नाम पर नकली दवा तो कहीं दवा के लिए मोटी रकम वसूली जा रही है। कहीं शवों को दफनाने वाले ही नहीं हैं, तो कहीं कफन तक चोरी कर लिए जा रहे हैं। सैकड़ों मरीजों की ऑक्सीजन के बिना सांसों की डोर टूट गई तो वहीं कुछ इस अवसर को भुनाकर अमीर बन गए। कोरोना संकट के बीच देश के हर हिस्से से ऐसी अनगिनत घटनाएं आ रही हैं, जो मानवता को शर्मसार करती हैं, इस बीमार सिस्टम की पोल खोलती हैं और लोगों के जमींर पर सवाल उठाती हैं। यहां पढ़िए ऐसी ही कुछ दिल को दहला देने वाली घटनाएं और पूछिए खुद से सवाल कि क्या आपने अपने हिस्से की जिम्मेदारी निभाई... ?
कोरोना संक्रमित युवती से चाकू की नोंक पर किया गैंगरेप
मध्यप्रदेश के शहर इंदौर से एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई। इंदौर में चोरी की नीयत से आधी रात में एक घर में घुसे तीन बदमाशों ने चाकू की नोक पर युवती से गैंगरेप किया। युवती कोरोना संक्रमित होने के बाद होम क्वारंटीन थी। कोरोना से कमजोरी के कारण युवती उनका विरोध नहीं कर पाई। बदमाश 50 हजार नकद और दो मोबाइल भी ले गए। इस मामले में पुलिस ने शनिवार को सीसीटीवी की मदद से तीन आरोपियों में दो को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अभी भी फरार है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी नाबालिग हैं।
ऑक्सीजन के बदले पड़ोसी ने रखी घिनौनी शर्त
कोरोना महामारी ने मानवता का भी गला घोंट दिया है। सोशल मीडिया के जरिए ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां एक युवती को अपने पिता के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी तो उसके पड़ोसी ने उसे यौन संबंध बनाने की घिनौनी शर्त पर मदद की पेशकश की। भावरीन कंधारी नाम की एक ट्विटर यूजर इस घटना को सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया। उन्होंने लिखा, ''मेरी एक दोस्त की बहन को अपने पिता के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत थी। उसके पड़ोसी ने सिलेंडर के बदले अपने साथ सोने को कहा है। इस पर क्या कार्रवाई की जा सकती है, जबकि वो मना कर देगा कि उसने नहीं बोला है।''
महाराष्ट्र: डॉक्टर ने ही महिला की अस्मत से की छेड़छाड़
महाराष्ट्र के औरंगाबाद के एक कोविड अस्पताल में भर्ती एक महिला के साथ कथित तौर पर डॉक्टर ने छेड़छाड़ की। डॉक्टर की इस हरकत पर महिला ने जमकर हंगामा किया और विरोध जताया। इस मामले की जानकारी प्रशासन तक पहुंचने के बाद डॉक्टर और इस पूरे मामले की छानबीन शुरू हो गई। बाद में आरोपी डॉक्टर को निलंबित कर दिया गया। इसको लेकर महाराष्ट्र विधानसभा में पूर्व सीएम देवेंद्र फडणवीस ने अस्पतालों में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे।
बिहार: सांसत में थीं पति की सांसें, आंखों के सामने लुट रही थी पत्नी की इज्जत
हाल ही में बिहार से एक रोंगेटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। कोरोना संक्रमित पति का अस्पताल में इलाज करा रही एक महिला के साथ छेड़खानी की गई। मधुबनी के रौशन चंद्र दास की पत्नी रुचि ने पटना स्थित राजेश्वर अस्पताल के एक डॉक्टर पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। पति की मौत के बाद महिला फूट-फूटकर रोई और अपनी आपबीती सबको सुनाई।
रोती बिलखती महिला ने आरोप लगाया कि मेरे पति के सामने मेरे साथ छेड़खानी की गई, उस वक्त वे खुद को बहुत लाचार और बेबस महसूस कर रहे थे। मैं अब तक सिर्फ इसलिए चुप थी क्योंकि मेरे पति और मेरी मां की जान उनकी मुट्ठी में थी। महिला ने कहा कि ये डॉक्टर नहीं जल्लाद हैं सारे, मेरे बाबू को मार डाला। इनके भरोसे मरीज को नहीं छोड़ा जा सकता। बता दें कि महिला के आरोप के बाद जांच टीम गठित की गई है। साथ ही वार्ड ब्वॉय ज्योति कुमार गिरफ्तार किया गया।
मप्र: क्वारंटीन के शौचालय में संक्रमित युवती से की जबरदस्ती
मध्यप्रदेश के झांसी स्थित पैरामेडिकल कॉलेज में कोरोना संक्रमितों के लिए बने क्वारंटीन सेंटर में हाल ही में एक युवती के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। युवती देर रात युवती शौचालय गई थी। वार्ड में भर्ती युवक भी युवती के पीछे-पीछे पहुंच गया। वहां उसने अकेला पाकर युवती के साथ छेड़खानी कर दी। युवती ने जब शोर मचाया तो वार्ड में भर्ती मरीज मौके पर पहुंचे। सारा माजरा जानने के बाद युवक को जमकर पीटा गया। वहां मौजूद लोगों ने आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया।
मप्र: जिंदगी बचाने को लिए लगाए 'मौत के इंजेक्शन'
कोरोना संक्रमण के कहर से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। लेकिन कइयों के लिए यह संकट ‘अवसर’ बन गया है। चंद रुपयों के लालच के लिए सूरत की एक फर्म में बनाए गए नमक और ग्लूकोस के नकली इंजेक्शन को मध्यप्रदेश के इंदौर और जबलपुर के अस्पताल में मरीजों को लगवा दिए गए, जो कई मरीजों के लिए जानलेवा भी साबित हुए। हालांकि, बाद में पुलिस अस्पताल संचालकों समेत दर्जन भर से ज्यादा लोगों पर रासुका के तहत कार्रवाई की।
दिल्ली: पैसों के लिए हजारों की जान से किया खिलावाड़
कोरोना संकट में दवाओं के नाम पर ठगी करने वालों की बड़ी फौज सामने आई, जिन्होंने चंद रुपयों के लालच के लिए हजारों लोगों की जान जोखिम में डाल दी। दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिला के नंद नगरी थाना पुलिस ने एक ऐसे गैंग का पर्दाफाश किया है, जो महज 50 रुपये के मोनोसेफ एंटी बायोटिक इंजेक्शन पर रेमडेसिविर का लेबल लगाकर उनकी कालाबाजारी कर रहे थे और नकली दवा देकर मरीजों की जान से खिलवाड़ भी कर रहे थे। पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों अमित और धनेश को दबोचा है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।
जालसाजी: काले कोट के पीछे करता था काली करतूत
कोरोना काल के दौरान रेमडेसिविर दवा की कालाबाजारी जमकर हो रही है। असली इंजेक्शन के साथ-साथ नकली इंजेक्शन की भी कालाबाजारी हो रही है। मध्यप्रदेश के सिवनी में कोरोना की अहम दवा रेमडेसिविर की कालाबाजारी करने के मामले में पेशे से वकील मुख्य आरोपी कमलेश्वर प्रसाद दीक्षित को ग्वालियर स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी के पास से रेमडेिसिविर के पांच इंजेक्शन मिले, जिनकी वो सोशल मीडिया के माध्यम से कालाबाजारी करता था। वर्ष 2018 में सिवनी विधानसभा सीट से विधायक का चुनाव भी लड़ चुका है। पुलिस ने आरोपी पर धोखाधड़ी, आवश्यक वस्तु अधिनियम और महामारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया।
शर्मसार: जितनी गंभीर मरीज की हालत, उतना ही ज्यादा एंबुलेंस का किराया
कोरोना संकट में जब लोग अपनों को बचाने के लिए गहने और घर तक बेच दे रहे थे। इस मुश्किल दौर में कुछ मुनाफाखोर लोग कालाबाजारी और मनमानी पर उतर आए हैं। कुछ एंबुलेंस चालकों के मरीज की हालत देखकर किराया वसूलने के मामले सामने आए हैं। जितना ज्यादा गंभीर मरीज, उतना ही किराया ज्यादा। दिल्ली के सरिता विहार थाना पुलिस ने कोविड मरीज को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने के एवज में 10 गुना अधिक रुपये वसूलने के मामले में एंबुलेंस चालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपोलो अस्पताल से होली फैमिली अस्पताल (महज दो किलोमीटर) में कोविड मरीज शिफ्ट कराने के 8500 रुपये वसूले थे। आरोपी की पहचान शिव मंदिर कालोनी, गाजियाबाद निवासी प्रमोद कुमार (30) के रूप में हुई। आरोपी ने बताया कि आपदा में पैसे कमाने का अच्छा मौका मिला। मरीज जितना गंभीर होता, उससे उतने ही अधिक पैसे मिल जाते थे।
इंसानियत ने तोड़ दिया दम, जब चोरी होते देखा शव से कफन
उत्तर प्रदेश के बागपत में एक गिरोह ने जिंदा लोगों को तो लूटा ही, लेकिन मुर्दाओं को भी नहीं बख्सा। इंसानियत ने भी उस वक्त दम तोड़ दिया, जब मृतकों के कपड़े और कफन चोरी करते पत्थर दिल लोगों को देखा। बागपत पुलिस ने हाल ही में ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश किया, जो श्मशान में शव के ऊपर रहने वाले कफन को चोरी करते थे। इसके बाद उसको साफ कर नया जैसा बनाकर पैक कर देते। फिर ग्वालियर कंपनी का मार्क लगाकर महंगे दाम पर बेचते। कफन के अलावा ये गिरोह मृतकों के कपड़ों पर भी हाथ साफ कर देता था। ऐसे में पुलिस की छापेमारी के दौरान उनके पास से 520 बेडसीट, 127 कुर्ता, 52 सफेद साड़ी समेत कई अन्य तरह के कपड़े बरामद हुए हैं। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
...ऐसी लूट: ऑक्सीजन सिलेंडर बता बेचे आग बुझाने वाले सिलेंडर
कोरोना संकट में लोग अपनों की सांसों की डोर बचाए रखने के लिए ऑक्सीजन रूपी संजीवनी के लिए यहां से वहां भटकते रहे हैं। इस बीच धोखाधड़ी करने वालों का जमीर भी सो गया। दिल्ली के उत्तम नगर में दो आरोपी ऑक्सीजन सिलेंडर बताकार आग बुझाने वाले सिलेंडर बेच रहे थे। द्वारका जिले के स्पेशल स्टाफ और उत्तम नगर थाने की टीम ने जॉइंट ऑपरेशन में इन्हें पकड़ा। इनके पास से 5 फायर एक्सटिंग्यूशर बरामद हुए हैं, जिसमें से एक यह पीड़ित को बेच चुके थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लोगों को ऑक्सीजन सिलेंडर की जरूरत है। अधिकतर लोग ऑक्सीजन और अग्निशामक सिलेंडर में फर्क नहीं कर पा रहे हैं। इसका लाभ उठाते हुए उन्होंने इस वारदात को अंजाम दिया।
प्रेमिका ने दिए चोरी किए हुए रेमडेसिविर इंजेक्शन, प्रेमी ने की कमाई
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के एक प्रेमी जोड़े की कारगुजारी जान हर कोई हैरान रह गया। प्रेम में नहीं लालच में पागल एक नर्स मरीजों को नॉर्मल इंजेक्शन लगाकर रेमडेसिविर चुरा लेती थी और उन इंजेक्शन को अपने प्रेमी को दे देती थी। प्रेमी इन इंजेक्शन को लेकर जाकर कालाबाजारी करता था। जब इस मामले का खुलासा हुआ, तो पुलिस भी हैरान रह गई। पुलिस ने प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन उसकी क्राइम पार्टनर नर्स अभी भी फरार है। दरअसल, कोलार पुलिस को सूचना मिली थी कि एक लड़का रेमडेसिविर ब्लैक में बेच रहा है। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी गिरधर कॉम्प्लेक्स, दानिशकुंज निवासी झलकन सिंह की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे मामले का खुलासा हुआ, जिसके बाद हड़कंप मच गया।