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कोरोना पर बड़ा खुलासा! चीनी वैज्ञानिकों ने स्वीकार की चमगादड़ों के काटने की बात

Sun, 17 Jan 2021 03:02 PM IST
दीप्ति मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: दीप्ति मिश्रा Updated Sun, 17 Jan 2021 03:02 PM IST
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Coronavirus news: china wuhan lab scientists admit being bitten by covid infected bats who team
Wuhan - फोटो : Social Media

दुनिया भर में तबाही मचाने वाली वैश्विक महामारी कोरोना वायरस की शुरुआत पिछले साल चीन के वुहान शहर से हुई थी। एक साल बाद चीन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की टीम को कोरोना वायरस के स्रोत का पता लगाने के लिए वुहान आने दिया है। डब्ल्यूएचओं की टीम के वुहान दौरे के बीच कोरोना वायरस पर एक बड़ा खुलासा किया है। वुहान लैब के वैज्ञानिकों ने माना है कि रहस्यमय गुफाओं से चमगादड़ के नमूने लेते समय उन्हें कुछ चमगादड़ों ने काट लिया था। चीनी वैज्ञानिकों की लापरवाही का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें यह खुलासा हुआ है।

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 चीन के सरकारी टीवी चैनल सीसीटीवी पर करीब दो साल पहले दिखाए वीडियो में चीनी वैज्ञानिकों ने चमगादड़ के काटने की बात को स्वीकार की है। इस वीडियो में यह भी नजर आ रहा है कि वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के वैज्ञानिकों ने चमगादड़ के नमूने लेते समय लापरवाही बरती, जिससे वे चमगादड़ के शिकार बने। जिन गुफाओं से चीनी वैज्ञानिक नमूने लेने गए थे, वे गुफाएं कोरोना वायरस से संक्रमित चमगादड़ों का घर कही जाती हैं।
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चीनी वैज्ञानिकों की लापरवाही दुनिया को पड़ी भारी

ताइवान न्यूज के मुताबिक, 29 दिसंबर 2017 को चीन के एक सरकारी टीवी चैनल ने वीडियो जारी किया था, जिसमें चीन की बैट वुमन कही जाने वाली शी झेंगली और उनकी टीम सार्स की उत्पत्ति का पता लगाने निकले थे। यह जानते हुए कि गुफा में मौजूद चमगादड़ खतरनाक और संक्रामक साबित हो सकते हैं। वीडियो में वैज्ञानिकों को सुरक्षा मानको को ताक पर रखकर काम करते देखा जा सकता है। बॉयोसेफ्टी लेवल 4 की लैब कही जाने वाली वुहान लैब के वैज्ञानिकों ने में से कुछ ने टीशर्ट पहनी थी, तो कुछ बेफिक्र होकर चमगादड़ों को पकड़े दिख रहे हैं। इसका परिणाम यह हुआ कि टीम में मौजूद एक सदस्य को चमगादड़ ने काट लिया। 

वैज्ञानिकों ने नहीं पहनी थी पीपीई किट

खुद शोधकर्ता ने वीडियो में इस बात को कबूल किया है और अपने हाथ को भी दिखाया है। वीडियो में नजर आ रहा है कि टीम के सदस्य चमगादड़ के बेहद संक्रामक मल को शॉर्ट्स और टीशर्ट पहनकर इकट्ठा कर रहे हैं। उस दौरान किसी ने पीपीई किट नहीं पहना है।यही नहीं वुहान लैब के अंदर स्टाफ बिना ग्लव्स के काम करता दिखा। ये लोग 'जिंदा वायरस' पर काम कर रहे थे और मास्क तक नहीं पहन रखा था। वह भी तब जब विश्व स्वास्थ्य संगठन ने सुरक्षा के लिहाज से ऐसी लैब के अंदर पीपीई किट को अनिवार्य किया है। 



चमगाादड़ के काटने की बात स्वीकार की 
वुहान लैब के शोधकर्ता ने अपना अनुभव बताते हुए कहा कि चमगादड़ के जहरीले दांत मेरे रबर के दस्ताने में घुस गए और ऐसा लगा जैसे मेरे हाथ में सूई घुस रही हो। इसके बाद वीडियो में एक शख्स के हाथ दिखाए जाते हैं जो चमगादड़ के काटने से सूज गए हैं। इसके बाद वीडियो में यह भी बताया जा रहा है कि इन चमगादड़ों में कई वायरस होने का खतरा है। वीडियो में कई बार रिसर्चरों को चमगादड़ों को नंगे हाथों पकड़े देखा जा सकता है। 

 यह खुलासा ऐसे समय पर हुआ है, जब डब्ल्यूएचओ की टीम कोरोना के स्रोत की जांच के लिए चीन में मौजूद है। चीन ने काफी टालमटोल के बाद जांच दल को अपने यहां आने और वुहान में जांच करने की अनुमति दी है। 

चीन ने वीडियो को कर दिया सेंसर
यह वीडियो सबसे पहले चाइना सांइस एक्सप्लोरेशन सेंटर ने पोस्ट किया था, लेकिन बाद में उसे चीन ने सेंसर कर दिया। चीन की बैट वूमन वीडियो में कहती सुनाई पड़ रही हैं कि यह काम इतना खतरनाक नहीं है जितना लोग सोचते हैं। उन्होंने कहा कि यह सही है कि चमगादड़ में कई खतरनाक वायरस होते हैं, लेकिन इनके सीधे इंसान को संक्रमित करने का खतरा बहुत कम होता है।

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