कोरोना ने पकड़ी रफ्तार : देश में पहली बार 12 जून को दर्ज हुए थे 10 हजार से अधिक मामले, फिर घरों में कैद हो सकते हैं लोग!
दुनिया भर में बीते एक साल से कोरोना वायरस का कहर जारी है। भारत भी करीब एक साल से इस महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहा है। देश में एक बार फिर संक्रमण के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। जहां पिछले साल देश में वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लागू लॉकडाउन के बीच पहली बार 12 जून, 2020 को 10 हजार से अधिक मामले दर्ज किए गए थे। वहीं अब जिंदगी पटरी पर लौटने के बाद एक बार फिर घरों में कैद होती दिखाई दे रही है। महाराष्ट्र और केरल समेत कई राज्यों में हालत भयावह हो गए हैं। संक्रमण के दैनिक मामले एक बार फिर बढ़कर 10 हजार के पार पहुंच गए हैं। आइए बताते हैं कि कोरोना वायरस को लेकर राज्यों की स्थिति और महामारी से निपटने के लिए उठाए गए कदम...
हाल ही में दर्ज किए गए कोरोना संक्रमण के 86 फीसदी नए मामले महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और पंजाब में हैं कोरोना संक्रमण में तेजी को देखते हुए सख्त पाबंदियों का सिलसिला एकबार फिर शुरू हो गया है। कई राज्यों ने पाबंदियां लगाईं हैं।
महाराष्ट्र के कई जिलों में लॉकडाउन
कोरोना मामलों में वृद्धि को देखते हुए महाराष्ट्र के अमरावती जिले में एक हफ्ते के लिए लॉकडाउन लगा दिया गया है। वहीं नागपुर में सात मार्च तक के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। पुणे में भी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान को बंद करने के आदेश दिए गए हैं। रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक जरूरी सेवाओं से जुड़े लोगों को छोड़कर बाकी लोगों के घर से निकलने पर रोक है। महाराष्ट्र के चार अन्य जिलों अकोला, वाशिम, बुलढाणा और यवतमाल में भी पाबंदियां लगाई गई हैं।बता दें कि महाराष्ट्र में बुधवार को कोरोना के 8,807 नए केस दर्ज किए गए थे। वहीं 80 लोगों की संक्रमण से जान चली गई। देश में कोरोना से सबसे अधिक लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई है।
महाराष्ट्र: केरल समेत इन राज्यों से आने वालों के लिए नियम
महाराष्ट्र सरकार की ओर से जानी नई मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के अनुसार, केरल, गोवा, गुजरात, दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान से आने वाले सभी यात्रियों को आरटी-पीसीआर निगेटिव जांच रिपोर्ट देनी जरूरी होगी। सैंपल लेने का समय प्रवेश के निर्धारित समय से 96 घंटे से अधिक नहीं होना चाहिए। ऐसे यात्रियों को प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिनमें कोरोना महामारी के लक्षण नहीं होंगे। पूर्व में जारी मानक संचालन प्रक्रिया में कहा गया है कि जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर व्यक्ति को कोविड केयर सेंटर भेजा जाएगा। यहां आने वाला खर्च व्यक्ति को ही वहन करना होगा।
दिल्ली: इन पांच राज्यों से आ रहे हैं, तो दिखानी होगी रिपोर्ट
दिल्ली सरकार ने महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश और पंजाब से आने वाले लोगों के लिए कोविड-19 की निगेटिव जांच रिपोर्ट साथ लाना अनिवार्य कर दिया है। दिल्ली सरकार के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार यह आदेश 26 फरवरी से 15 मार्च तक लागू रहेगा। हालांकि, यह आदेश केवल उन यात्रियों पर लागू होगा, जो यहां विमान, ट्रेन या बस से आ रहे हैं। कार से आने वालों को इससे छूट रहेगी।
कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए गुजरात सरकार ने महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश की सीमाओं पर चेक पोस्ट स्थापित किए हैं। ऐसा इस वजह से किया गया है ताकि इन राज्यों से आने वाले लोगों की कोविड-19 लक्षणों को लेकर स्क्रीनिंग की जा सके।
मध्यप्रदेश के इन जिलों में लगा रात्रि कर्फ्यू
कोरोना के मामलों में तेजी को देखते हुए मध्यप्रदेश सरकार भी सख्ती बरत रही है। महाराष्ट्र से सटे दो जिलों बालाघाट और छिंदवाड़ा में रात्रि कर्फ्यू लगा दिया है। रात्रि कर्फ्यू रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लागू रहेगा। साथ ही राज्य में आगामी मेलों के आयोजन पर रोक लगा दी गई है। राज्य में मास्क पहनने समेत कोरोना बचाव संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। कोरोना बचाव संबंधी नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई होगी। आदेश के मुताबिक, सार्वजनिक कार्यक्रम आदि के लिए प्रशासन से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।
कर्नाटक में भी सख्ती, मार्शल तैनात, रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य
कर्नाटक में संक्रमण के मामलों में वृद्धि को देखते हुए पाबंदियां लगाईं जा रही हैं। कर्नाटक सरकार ने बयान जारी कर बताया कि कोरोना से बचाव के लिए जारी दिशानिर्देशों का पालन कराने के लिए मैरिज हॉल में मार्शलों की तैनाती की है। एक सभा में 50 से ज्यादा लोगों को जाने की अनुमति नहीं है। सभी के लिए फेस मास्क अनिवार्य किया गया है। कर्नाटक सरकार ने महाराष्ट्र से आने वाले सभी यात्रियों के लिए कोविड-19 की निगेटिव आरटी-पीसीआर जांच रिपोर्ट दिखाना अनिवार्य कर दिया है। यह रिपोर्ट 72 घंटे से ज्यादा पुरानी नहीं होनी चाहिए।
उत्तराखंड: पांच राज्यों से आने वालों को करानी होगी जांच
उत्तराखंड सरकार ने मंगलवार को एक आदेश जारी किया था, जिसके अनुसार पांच राज्यों से आने वाले यात्रियों के लिए कोविड जांच करवाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अनुसार महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़, इन पांच राज्यों से आने वाले लोगों के लिए उत्तराखंड में प्रवेश के समय सीमाओं पर, रेलवे स्टेशनों और देहरादून एयरपोर्ट पर कोविड-19 की जांच करवाना अनिवार्य होगा।
जम्मू-कश्मीर: बिना रिपोर्ट एयरपोर्ट छोड़ने की अनुमति नहीं
केंद्र शासित प्रदेश के अधिकारियों ने 20 फरवरी को आदेश जारी किया था कि यहां के यात्रियों को तब तक एयरपोर्ट छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी, जब तक उनकी कोविड जांच रिपोर्ट नहीं मिल जाती। एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा था कि यात्रियों को जाने देने से पहले वहीं उनकी जांच रिपोर्ट जारी की जाएगी। इसके अलावा श्रीनगर एयरपोर्ट पर उन लोगों की जांच नहीं की जाएगी, जिनकी निगेटिव रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर जारी हुई होगी।
इन राज्यों में हर यात्री के लिए निगेटिव रिपोर्ट लाना अनिवार्य
मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा और लद्दाख की सरकारों ने सभी यात्रियों के लिए कोविड-19 की निगेटिव जांच रिपोर्ट लाना अनिवार्य कर दिया है। इन राज्यों में प्रवेश के लिए आपको कोविड की निगेटिव रिपोर्ट दिखानी ही होगी, भले ही आप किसी भी माध्यम से आ रहे हों। जिन लोगों के पास जांच रिपोर्ट नहीं होगी उन्हें राज्य में प्रवेश बिंदु पर जांच करवानी होगी।
केंद्र ने कई राज्यों में भेजे उच्च स्तरीय दल
केंद्र सरकार ने संक्रमण के मामलों में उछाल देखते हुए महाराष्ट्र, केरल, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में स्थिति से निपटने में मदद के लिए अपने उच्च स्तरीय दल भेजे हैं। इन तीन सदस्यीय बहु-विशेषज्ञता वाले दलों का नेतृत्व स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारी कर रहे हैं। ये दल राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में हाल ही में बढ़े कोविड-19 के मामलों के कारण का पता लगाने के लिए प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे।
केंद्र ने इन राज्यों को जांच बढ़ाने के निर्देश दिए
केंद्र ने महाराष्ट्र, केरल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब और जम्मू-कश्मीर को पत्र लिखा है। पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने इन राज्यों को संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने के लिए कड़े उपायों उठाने पर ध्यान देने और आरटी-पीसीआर परीक्षण बढ़ाकर संक्रमित लोगों की पहचान करने को कहा है।