स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेसवार्ता: ठीक होने की दर 93.1 फीसदी, सतर्क रहना बहुत जरूरी
कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर का सामना कर रहे देश में इस महामारी की स्थिति की जानकारी देने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को एक प्रेसवार्ता की। इस दौरान देश में कोरोना से ठीक होने की दर, संक्रमण की रफ्तार, टीकाकरण समेत अन्य मुद्दों पर जानकारी दी गई। मंत्रालय ने कहा कि देश में हालात ठीक हो रहे हैं लेकिन स्थिति फिर बिगड़ने न पाए, इसके लिए हमें सतर्क रहना होगा और नियमों का पालन करते रहना होगा।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में कोरोना से ठीक होने की दर (रिकवरी रेट) में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेसवार्ता में बताया कि इस समय देश में रिकवरी रेट 93.1 फीसदी है। उन्होंने कहा कि ऐसे जिलों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है जहां रोजाना औसतन सौ नए मामले सामने आ रहे हैं। इस समय देश के 257 जिले ऐसे हैं जहां कोरोना वायरस संक्रमण के रोज 100 से अधिक नए मामले सामने आ रहे हैं।
ढिलाई बरती तो फिर बिगड़ सकते हैं हालात
मंत्रालय ने कहा कि अगर कंटेनमेंट मानकों, कोविड के अनुरूप व्यवहार या टीकाकरण की रफ्तार में कमी आई या ढिलाई बरती गई तो मामले फिर बढ़ सकते हैं। हमें यह सुनिश्चित करने के लिए समय की जरूरत है कि कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण की हाई कवरेज पा ली गई है। मंत्रालय ने कहा कि देश में 60 फीसदी से अधिक बुजुर्गों को कोरोना वायरस वैक्सीन की कम से कम एक खुराक लगाई जा चुकी है।
बड़ा लक्ष्य प्राप्त करने के लिए समय की जरूरत
मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 रोधी टीकाकरण का बड़ा लक्ष्य प्राप्त करने के लिये भारत को समय हासिल करना होगा। उसने कहा कि सात मई को संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले सामने आने के बाद से नए मामलों में करीब 68 प्रतिशत की कमी आई है। मंत्रालय ने कहा कि 10 मई को कोविड-19 के उपचाराधीन रोगियों की संख्या चरम पर पहुंचने के बाद से अब तक इनकी तादाद में 21 लाख से अधिक की कमी दर्ज की गई है।
पहली खुराक देने में अमेरिका को पीछे किया
प्रेसवार्ता में मौजूद नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने कहा कि 'ऑवर वर्ल्ड इन डाटा' के अनुसार भारत में ऐसे लोगों की संख्या 17.2 करोड़ है जिन्हें टीके की कम से कम एक खुराक दी जा चुकी है। हमने अपने देश में वैक्सीन की पहली खुराक पाने वाले लोगों की संख्या के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। डॉ. वीके पॉल ने कहा कि कोवाक्सीन और जायडस के टीकों को पहले ही बच्चों पर परीक्षण हो रहा है। हमें करीब 25 करोड़ टीकों की जरूरत होगी। कोवाक्सीन के लिए आपातकालीन उपयोग सूची में देरी पर डॉ. पॉल ने कहा कि हम भारत बायोटेक और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के साथ काम कर रहे हैं। डाटा साझा किया जा रहा है, हम चाहते हैं कि यह मील का पत्थर जल्द ही हासिल कर लिया जाए। हम इस ओर लगातार काम कर रहे हैं।
As per Our World in Data, the number of people who have received at least one dose of vaccine in India is 17.2 crore. We have overtaken the US in terms of the number of people in our country who have received the first dose of vaccine: Dr. VK Paul, Member-Health, Niti Aayog pic.twitter.com/6fWoqv3iEF
— ANI (@ANI) June 4, 2021