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Coronavirus in india: निजी लैब भी कर सकेंगी कोरोना की एंटीजन जांच, राज्यों को सौंपी जिम्मेदारी
Sat, 18 Jul 2020 08:14 AM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 18 Jul 2020 08:14 AM IST
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Antigen test
- फोटो : पीटीआई
कोरोना की जांच संख्या बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने अब एंटीजन किट्स पर ध्यान देने की सलाह राज्यों को दी है। आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने प्रदेशों को लिखे पत्र में कहा है कि जांच को बढ़ाने के लिए ज्यादा से ज्यादा एंटीजन किट्स का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
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इसमें सरकारी और निजी दोनों ही तरह की लैब की भागीदारी बढ़ाने और राज्य की ओर से एक नोडल अधिकारी तय करने की सलाह दी है, जिसके जरिए आईसीएमआर की टीम उक्त राज्य में जांच की स्थिति पर निगरानी रख सके। इसके अलावा सभी राज्य को डिजिटल रिकॉर्ड के लिए अलग से खाता खोलना होगा, जिसमें प्रतिदिन सैंपल की जानकारी दी जाएगी।
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एंटीजन जांच में बढ़ोतरी का बड़ा असर
डॉ. बलराम भार्गव ने कहा कि त्वरित एंटीजन जांच को लेकर आईसीएमआर को सार्वजनिक क्षेत्र की विभिन्न इकाइयों से लगातार अनुरोध मिल रहे हैं। साथ ही दिल्ली में एंटीजन किट्स के जरिए तीन गुना जांच में वृद्धि का बड़ा असर भी देखने को मिला है।
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ऐसे में जरूरी है कि अन्य राज्य इस पर काम करें। एंटीजन किट्स की जांच में अगर कोई पॉजिटिव आता है तो उसे पॉजिटिव ही माना जाता है लेकिन अगर कोई नेगेटिव है और उसमें लक्षण हैं तो उसके सैंपल की आरटी पीसीआर जांच करना जरूरी है। बगैर लक्षण वाले व्यक्ति की रिपोर्ट निगेटिव आने पर दोबारा जांच की जरूरत नहीं है।
सभी मान्यता प्राप्त निजी अस्पतालों-लैब को अनुमति
उन्होंने पत्र में लिखा कि सुरक्षित स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए सभी सरकारी अस्पताल, प्रयोगशाला और एनएबीएच या एनएबीएल मान्यताप्राप्त सभी निजी अस्पताल व प्रयोगशालाएं एंटीजन जांच शुरू कर सकते हैं। हालांकि आईसीएमआर पोर्टल पर डाटा एंट्री लॉगिन के लिए आवेदन करना होगा।
पत्र में कहा गया है कि एंटीजन जांच के सभी केंद्र आरटी-पीसीआर जांच केंद्र से जुड़े होने चाहिए। डॉ. भार्गव ने सुनिश्चित करने को कहा है कि जांच बढ़ाई जाए और इस बारे में सूचना भी मुहैया कराई जाए। ताकि आइसोलेशन या उपचार के लिए संक्रमण के मामलों के बारे में प्रशासन अवगत रहे।