कोरोना का असर: विदेश से आने वाली उड़ानों पर 22 मार्च से पूरी तरह रोक, बच्चे-बुजुर्ग घर में ही रहें
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कोरोना वायरस से निपटने के लिए सख्त कदम उठाते हुए भारत सरकार ने विदेश से आने वाली उड़ानों पर 22 मार्च से पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके तहत नियत तिथि से लेकर एक सप्ताह तक किसी अंतरराष्ट्रीय उड़ान को भारत में उतरने की अनुमति दी जाएगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी गई। मंत्रालय ने कहा कि राज्य सरकारों को उचित दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए। जिसमें 65 से ऊपर के सभी नागरिकों (चिकित्सा सहायता के अलावा) को घर पर ही रहने की सलाह दी जाए, चाहे वे जनप्रतिनिधि/सरकारी कर्मचारी या चिकित्सा पेशेवर ही क्यों ना हों।
इसके अलावा 10 साल से कम उम्र के सभी बच्चे भी घर पर रहें और बाहर ना घूमें। रेलवे और नागरिक उड्डयन भी छात्रों, रोगियों ओर दिव्यांग श्रेणी को छोड़कर सभी यात्रा को रोक देंगे।
राज्य सरकारों से अनुरोध किया जा रहा है कि वे आपातकालीन/आवश्यक सेवाओं में काम करने वालों को छोड़कर निजी क्षेत्र के कर्मचारियों के घर से ही काम करने की व्यवस्था लागू करें।
उड्डयन मंत्रालय की ओर से रूबीना अली ने बताया कि एयर इंडिया 21 मार्च को एक 787-ड्रीमलाइनर विमान रोम भेजेगी ताकि इटली में फंसे भारतीय छात्रों और अन्य यात्रियों को निकाला जा सके। हम इसके लिए लगातार संपर्क बनाए हुए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोरोना वायरस का देश में अभी सामुदायिक प्रसार नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस महामारी से निपटने के लिए हमारे पास पर्याप्त विशेषज्ञता है। उधर, विस्तारा एयरलाइन्स ने 23 मार्च से 15 अप्रैल तक अपनी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी है।
अग्रवाल ने कहा कि हालांकि लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है कि वह इससे बचने के उपायों को अपनाएं। लोगों के राशन से लेकर जरूरी चीजों को खरीदकर रखने के सवाल पर उन्होंने कहा कि घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है। लोगों से अनुरोध है कि वह स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर जाएं और क्या करें या क्या ना करें की जानकारी लें। उन्होंने कहा कि देश में एन-95 मास्क पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।