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कोरोना वायरस: औषधि महानियंत्रक ने कोविड-19 मरीजों पर प्लाज्मा के नैदानिक परीक्षण की इजाजत दी
Sat, 18 Apr 2020 02:11 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Sat, 18 Apr 2020 02:11 PM IST
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प्लाज्मा थेरैपी
- फोटो : Social Media
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केंद्रीय औषधि नियामक ने भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है जिसमें उसने कोविड-19 के मरीजों के स्वास्थ्य के लिए लाभकारी प्लाज्मा के नैदानिक परीक्षण (क्लीनिकल ट्रायल) की इजाजत मांगी थी।
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भारत के औषधि महानियंत्रक ने कहा कि आईसीएमआर ने केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन को उन संस्थानों की सूची सौंपी थी जिन्होंने इस परीक्षण में रुचि दिखाई थी और वे स्वास्थ्य शोध निकाय के परामर्श से ऐसा कर सकते हैं।
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केंद्रीय औषधि नियामक ने एक नोटिस में कहा कि यह सूचित किया जाता है कि लोकहित में नैदानिक परीक्षण करने के आईसीएमआर के प्रस्ताव पर 13 अप्रैल को विषय विशेषज्ञों की समिति की बैठक में चर्चा की गई और कोविड-19 की मौजूदा स्थिति को देखते हुए त्वरित मंजूरी प्रक्रिया को अपनाया गया।
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इसमें कहा गया कि औषधि और नियामक परीक्षण नियम, 2019 के नियमों और मानकों में तहत कुछ मानकों और संशोधनों के साथ सीडीएससीओ ने नैदानिक परीक्षण के लिए अपनी अनापत्ति से अवगत कराया है।
नोटिस में रेखांकित किया गया कि आईसीएमआर ने स्वास्थ्य लाभकारी प्लाज्मा के साथ नियंत्रित नैदानिक परीक्षण के लिये एक प्रोटोकॉल विकसित किया है और समिति ने इसकी समीक्षा की और वही आवेदकों द्वारा भी उपयुक्त माने जा सकते हैं।
स्वास्थ्य लाभकारी प्लाज्मा थैरेपी में कोविड-19 से ठीक हो चुके मरीजों के खून से एंटीबॉडीज लेकर उनका इस्तेमाल गंभीर रूप से संक्रमित मरीजों के इलाज में किया जाएगा।
इस अध्ययन का उद्देश्य कोविड-19 के मरीजों की परेशानियों को सीमित करने में प्लाज्मा के प्रभाव का आकलन करना और कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के इलाज में एंटी एसएआरएस-सीओवी-2 प्लाज्मा से इलाज के सुरक्षित होने का आकलन करना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण अबतक 480 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि शनिवार को संक्रमण के मामलों की संख्या बढ़कर 14,378 हो चुकी है। फिलहाल कोविड-19 के लिए कोई मान्य इलाज नहीं है। आईसीएमआर ने कहा कि दुनियाभर में इलाज की विभिन्न रणनीतियों के आकलन और प्रभाव की जांच के लिए कई परीक्षण हो रहे हैं।