{"_id":"5ec3453a96c32513976eb950","slug":"coronavirus-disease-cases-in-india-crossed-one-lakh-but-situation-may-be-less-serious-than-global-scenario","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना संकट: अमेरिका और चीन से भारत में मृत्यु दर कम, उम्मीदें बरकरार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
कोरोना संकट: अमेरिका और चीन से भारत में मृत्यु दर कम, उम्मीदें बरकरार
Tue, 19 May 2020 08:02 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Tue, 19 May 2020 08:02 AM IST
सार
- भारत में महामारी शुरू होने के 78 दिन बाद सोमवार तक कुल संक्रमितों की संख्या 100,311 और मृतकों की संख्या 3,081 हो गई।
- डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा, 'हमने ठीक समय पर लॉकडाउन और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को लागू करके इसे शिखर पर पहुंचने से रोक दिया।'
- अमेरिका में मृत्यु दर छह प्रतिशत और चीन में 5.56 प्रतिशत है।
विज्ञापन
थर्मल स्क्रीनिंग करते स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में कोरोना वायरस के मामलों की संख्या सोमवार को एक लाख के पार पहुंच गई। ऐसा देश में महामारी के शुरू होने के ढाई महीने बाद हुआ है। इसके बाद देश में लॉकडाउन लागू किया गया था ताकि इसकी चेन को तोड़ा जा सके। हालांकि बढ़ते मामले भारत के सामने चुनौती खड़ी कर रहे हैं। लेकिन कम मृत्यु दर से उम्मीद की एक किरण नजर आ रही है।
विज्ञापन
महामारी शुरू होने के 78 दिन बाद सोमवार तक कुल संक्रमितों की संख्या 100,311 और मृतकों की संख्या 3,081 हो गई। हालांकि ट्रेंड दिखाते हैं कि हमारे यहां की परिस्थिति वैश्विक स्तर से कम गंभीर है। जहां वायरस के कारण होने वाली मौत दोगुनी है।
विज्ञापन
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा, 'हमने ठीक समय पर लॉकडाउन और अन्य सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को लागू करके इसे शिखर पर पहुंचने से रोक दिया। कई मॉडल हैं जो भारत में महामारी को लेकर भविष्यवाणी कर रहे हैं लेकिन अब तक हमारे यहां संक्रमितों की संख्या उतनी नहीं हुई है जितनी की कई मॉडलों में बताई गई है।'
विज्ञापन
उन्होंने कहा, 'संख्याओं की भविष्यवाणी करना मुश्किल है क्योंकि वे विभिन्न क्षेत्रों में लोगों द्वारा गतिशीलता और आपस में मिलने, व्यक्तिगत स्वच्छता और संक्रमण के जोखिम को रोकने के प्रतिबंधों के पालन पर निर्भर करते हैं। इसके अतिरिक्त यह प्रवासियों और यात्रियों के बीच संक्रमित लोगों के अनुपात पर भी निर्भर करती है।'
देश की राजधानी दिल्ली में 299 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद यहां संक्रमितों की संख्या 10,000 के पार पहुंच गई है। सोमवार तक दिल्ली में 10,054 मामले और 160 की मौत हो गई थी। यानि यहां मृत्यु दर 1.6 प्रतिशत है, जो लगभग पूरे देश (3.09 प्रतिशत) की तुलना में आधी है।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के अनुसार दिल्ली में परीक्षण की दर सबसे ज्यादा है। यहां प्रति दस लाख लोगों में से 6,919 की जांच की गई है। वहीं देशभर में प्रति दस लाख लोगों में 1,540 का परीक्षण किया गया है। सोमवार शाम तक के आंकड़ों के आधार पर भारत की मृत्यु दर 3.07 प्रतिशत है। वहीं अमेरिका में मृत्यु दर छह प्रतिशत और चीन में 5.56 प्रतिशत है।