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Coronavirus: 24 घंटे में CRPF के टॉप कमांडर, दो पूर्व डीजी समेत 200 स्टाफ हुए क्वारंटीन

Mon, 06 Apr 2020 04:28 PM IST
Harendra Chaudhary जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली
जितेंद्र भारद्वाज, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 06 Apr 2020 04:28 PM IST
सार

  • 24 घंटे में टॉप कमांडर, दो पूर्व डीजी सहित 200 स्टाफ को किया क्वारंटीन  
  • 23 से 30 मार्च के बीच सीआरपीएफ अस्पताल में आए जवानों-अफसरों की सूची बनाई

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CoronaVirus: CRPF DG, IG, DIG and more than 200 jawans and officers under quarantine
CRPF DG AP Maheshwari - फोटो : CRPF (File)

विस्तार

देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' ने कोरोना के खिलाफ बड़े परिणाम वाली एक छोटी सी लड़ाई लड़ी। टारगेट था कोरोना वायरस को फैलने से रोकना। सबसे पहले सीआरपीएफ के एक सीएमओ को कोरोना होने की पुष्टि हुई। जैसे ही यह खबर बल के टॉप कमांडर तक पहुंची, वे तुरंत एक्शन में आ गए।
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बिना देरी किए 23 से 30 मार्च के बीच आरके पुरम स्थित सीआरपीएफ अस्पताल में पहुंचे जवानों और अधिकारियों की सूची तैयार कर ली गई। ऐसे संदिग्धों का भी पता लगाया गया, जिनसे वायरस आगे जा सकता है। एक सीएमओ, एक एसएमओ और इनके दो ड्राइवर सामने आए।

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इनसे मिलने वालों की 24 घंटों में एक सूची तैयार की गई, जिसके बाद हड़कंप मच गया। इसमें सीआरपीएफ के टॉप कमांडर यानी डीजी, दो पूर्व डीजी, संयुक्त सचिव के परिवार का सदस्य, आईजी, डीआईजी, कमांडेंट और निचले स्तर के करीब 200 अफसरों व जवानों के नाम शामिल थे। सुरक्षा के लिहाज से इन सभी को क्वारंटीन में भेजा गया है।
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एडीजी मेडिकल के साथ काम कर रहे सीआरपीएफ में सीएमओ डॉ. दीपक कुमार साकेत स्थित ऑफ़िसर मेस में ठहरे हुए थे। पिछले सप्ताह मालूम हुआ कि उनकी कोरोना टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। उन्हें हरियाणा के झज्जर स्थित एम्स की शाखा में भर्ती करा दिया गया।


ये पता लगाया गया कि कौन से लोग उनके संपर्क में आए हैं। इसके लिए सीआरपीएफ ने दिल्ली और उसके आसपास के सेंटरों पर संदेश भेजा। सभी कमांडेंट को सूचित कर दिया गया कि कोई भी अधिकारी या जवान अगर उनके सेंटर से आरके पुरम के अस्पताल में आया है तो उसकी जानकारी दें।

अस्पताल के तमाम दूसरे स्टाफ को भी सूचित कर दिया गया कि सात आठ दिन में वे कितने लोगों के संपर्क में आए हैं, यह सूची दे दें। इस बीच मालूम पड़ा कि अस्पताल के एसएमओ डॉ. मनीष और चार दूसरे अधिकारी डॉ. दीपक के संपर्क में रहे हैं।

इनके साथ कई दूसरे लोग भी थे, जिन्हें नरेला क्वारंटीन में भेजा गया। डॉ. मनीष ने तो ओपीडी में अनेक मरीज देखे थे। उनकी जानकारी जुटाई गई।

दोनों डॉक्टरों के ड्राइवर सबसे पहले सामने आए

दोनों डॉक्टरों के ड्राइवर सबसे पहले सामने आए। उन्होंने बताया कि कौन लोग उनके संपर्क में आए हैं। इनके साथ ही सिपाही राजकुमार और सहायक कमांडेंट पी.राजा सहित मेडिकल एवं सामान्य स्टाफ से जुड़े लोग भी खुद आगे आए।

अब दिल्ली की सभी यूनिटों को सूचित कर दिया कि वे 24 घंटे के भीतर यह जानकारी दें कि किसके यहां से कितने लोग अस्पताल पहुंचे हैं। डीआईजीपी पीके नायक सामने आए। उन्होंने बताया कि वे 24 मार्च को अस्पताल की ओपीडी में गए थे। उनके साथ ड्राइवर भी था।

23 से 25 मार्च के बीच डॉ. रेखा, दूसरे सीएमओ डॉ. रविंद्र, पूर्व डीजी विक्रम श्रीवास्तव, 26 मार्च को कमांडेंट बीएस रावत, 27 मार्च को डिप्टी सीओ विवेक कुमार, डीआईजी रविंद्र शर्मा, डिप्टी कमांडेंट सिंह ए, संयुक्त सचिव डीएस मिश्रा के परिवार का सदस्य और दूसरे जवानों व अफसरों को मिलाकर कुल 107 लोग ओपीडी में पहुंचे थे।

अस्पताल में 16 लोग पहले से ही भर्ती थे। ड्राइवर ईशम सिंह ने बताया कि 12 लोग उनके सीधे संपर्क में आए हैं। इसके बाद दूसरे ड्राइवर राजेश ने भी 18 लोगों की सूची दे दी। साकेत के मेस में कार्यरत राजकुमार पासवान ने 8 लोगों का नाम देकर बताया कि ये सब उनके संपर्क में रह रहे हैं।

डीजी, आईजी, डीआईजी और एसओ भी हुए क्वारंटीन

अस्पताल की ओपीडी और डॉक्टरों के साथ प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष संबंधों के चलते सीआरपीएफ के डीजी डॉ. एपी महेश्वरी, पूर्व डीजी के.विजय कुमार, विक्रम श्रीवास्तव, आईजी (ऑपरेशन), सुकमा के डीआईजी और डीजी के एसओ आदि अधिकारी क्वारंटीन में चले गए हैं।



इनके साथ अस्पताल के स्टाफ से दूसरे 13 लोगों को भी क्वारंटीन में भेजा गया है। मोटर ट्रांसपोर्ट शाखा के 18 कर्मी भी आगे आ गए। सीआरपीएफ के एक अधिकारी के अनुसार, अब अस्पताल परिसर में स्थित पेट्रोप पंप पर भी पूछताछ हो रही है। बल की अधिकांश गाड़ियां यहीं से पेट्रोल डीजल लेती हैं।

ऐसे में पेट्रोल कर्मियों में भी संक्रमण होने का खतरा है। इस बाबत जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उधर, डीजी महेश्वरी का कहना है कि उनकी पहली टेस्ट की रिपोर्ट नेगेटिव आई है, हालांकि वे क्वारंटीन के नियमों का पालन करेंगे।

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