Coronavirus: लॉकडाउन से घर में 'कैद' हुए बच्चे हो रहे तनाव का शिकार, विशेषज्ञों ने बताए ये उपाय
- लॉकडाउन का असर कम करने के लिए बच्चों से खेलें रचनातमक खेल, बढ़ाएं भावनात्मक मजबूती
- बच्चों को कराएं हल्का व्यायाम, साथ में खुद भी करें
- प्रतिदिन नाश्ते में कुछ बदलाव करने की कोशिश करें
- रूटीन पढ़ाई के बाद उनके साथ मिलकर कोई रचनात्मक खेल खेलें
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इस समय स्कूल, पार्क, चिड़ियाघर और म्यूजियम जैसी हर वे जगहें बंद हैं, जहां बच्चों को अपनी ऊर्जा और रचनात्मक कौशल दिखाने का मौका मिलता है। वे अपने दोस्तों के घर भी नहीं जा पा रहे। ऐसे में उनका तनाव बढ़ रहा है। इस तनाव से उनमें चिड़चिड़ाहट और उग्रता बढ़ती देखी जा रही है।
किस तरह का दिख रहा असर
बीएलके अस्पताल के वरिष्ठ मनोचिकित्सक मनीष जैन के मुताबिक बच्चे सबसे ज्यादा ऊर्जावान होते हैं। उनकी यही ऊर्जा हमेशा उन्हें कुछ करने के लिए प्रेरित करती रहती है। लेकिन लॉकडाउन के कारण अब वे एक-दो कमरों में सिमट कर रह गये हैं।
उन्हें अपनी शारीरिक और मानसिक ऊर्जा निकालने का अवसर नहीं मिल रहा है, इसीलिए उनमें तनाव बढ़ रहा है। इसका असर उनमें ज्यादा क्रोध और झुंझलाहट के रूप में दिखाई पड़ रहा है। बच्चों की यह ऊर्जा सकारात्मक दिशा में मोड़ने की आवश्यकता है।
क्या कर सकते हैं
डॉक्टर मनीष जैन के मुताबिक बच्चों की सबसे बड़ी समस्या उनका रूटीन गड़बड़ा जाने की वजह से होती है। इसलिए इस लॉकडाउन की स्थिति में भी एक रूटीन बनाने की बहुत अधिक आवश्यकता है। उनके सोने-जागने के समय में थोड़ा-बहुत बदलाव के साथ बाकी के कार्यों के लिए समय निश्चित करने से बच्चे पूरे दिन व्यस्त रखे जा सकते हैं।
इसके लिए केवल एक दिन पहले सोने के समय अगले एक दिन का कार्यक्रम तय किया जा सकता है। लेकिन यह कार्यक्रम एक बार में ही एक हफ्ते के लिए न बनाया जाए क्योंकि इससे एकरूपता आने से बोरियत बढ़ सकती है। बच्चों को व्यस्त रखने के लिए निम्न उपाय अपनाए जा सकते हैं-
- घर के माहौल में किया जा सकने वाला हल्का व्यायाम दिनचर्या में शामिल करें। इससे बच्चों के साथ ही बड़ों में तनाव कम होगा।
- प्रतिदिन नाश्ते में कुछ बदलाव करने की कोशिश करें। इससे पौष्टिक खाने के प्रति उनका रुझान बना रहेगा।
- व्यायाम और नाश्ते के बाद बच्चों की औपचारिक शिक्षा से जुड़ा उनके सिलेबस से जुड़ा कुछ पाठ अध्धय्यन के लिए अवश्य रखें। इससे बाद में स्कूल जाने पर उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- रूटीन पढ़ाई के बाद उनके साथ मिलकर कोई रचनात्मक खेल खेलें। कोशिश कर इनमें शारीरिक और मानसिक खेल जोड़ें। खेलों में प्रतिदिन बदलाव करते रहें। शतरंज, लूडो और कैरम के अलावा खुद भी कोई नया खेल डिजाइन कर सकते हैं। गेम बनाने में खुद बच्चों का ही सहयोग लें।
- इंटरनेट को ज्ञान के खजाने की तरह इस्तेमाल करें। बच्चे की रूचि के अनुसार उसके विषय के प्रिय पात्रों के विषय में नई-नई जानकारी मिलकर खोजें। फिर बाद में एक क्विज आयोजित कर उन्हें ज्यादा से ज्यादा अंक पाने के लिए प्रेरित करें। जीतने पर उन्हें उनके मन मुताबिक पारितोषिक दें।
- बच्चों के लिए आने वाली कहानी, चित्रकथा या विज्ञान की पत्रिकाओं से उनका मनोरंजन भी होगा और उनका ज्ञानवर्धन भी होगा।
इन उपायों से बच्चों में रचनातमक कौशल बढ़ेगा और लॉकडाउन का तनाव उन पर भारी नहीं पड़ेगा। इस दौरान आपका साथ उनको भावनात्मक मजबूती देगा।