कोरोना वायरस: केंद्र सरकार के कर्मियों का नहीं होगा सालाना हेल्थ चेकअप, जून में होगी जांच
- 40 साल से ज्यादा उम्र वाले केंद्र सरकार की कर्मियों को हर साल करानी पड़ती है जांच
- वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट 'एसीआर' में शामिल किया जाता है रिकॉर्ड
- कोरोना वायरस के चलते अस्पतालों में है भीड़
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हालांकि इस जांच रिपोर्ट को उनकी एसीआर में शामिल किया जाता है। वहीं अब यह स्वास्थ्य जांच जून में कराई जाएगी। इसके अलावा देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' ने अपना स्थापना दिवस समारोह भी स्थगित कर दिया है।
साथ ही सीआरपीएफ के 51वें बैच के डीएजीओ-सीधे नियुक्त राजपत्रित अधिकारियों की पासिंग आउट परेड भी कोरोना वायरस की वजह से टाल दी गई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को बताया कि केंद्र सरकार ने फैसला किया है कि कोरोना वायरस के कारण इस बार अधिकारियों और कर्मियों की वार्षिक स्वास्थ्य जांच तय समय पर नहीं कराई जाएगी। जिन कर्मियों की आयु 40 साल से ज्यादा है, उन्हें हर साल यह जांच करानी पड़ती है।
इस जांच रिपोर्ट को संबंधित कर्मचारी या अधिकारी की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट 'एसीआर' में शामिल किया जाता है। राज्यमंत्री का कहना था कि इस बार अस्पतालों में पहले से ही भीड़ है, इसलिए वार्षिक स्वास्थ्य जांच को जून तक टाल दिया गया है। सामान्य स्थिति में यह जांच रिपोर्ट हर साल 31 मार्च से पहले जमा करानी पड़ती है।
सीआरपीएफ का स्थापना दिवस भी इसी माह आयोजित किया जाना था। इसकी तैयारियां जोरशोर से चल रही थीं। अब इसे भी स्थगित कर दिया गया है। ये समारोह कब होगा, इसकी घोषणा बाद में की जाएगी। सीआरपीएफ के 51वें बैच के डीएजीओ-सीधे नियुक्त राजपत्रित अधिकारियों की पासिंग आउट परेड भी टल गई है।
गुरुग्राम के कादरपुर में स्थित सीआरपीएफ अकादमी में इस बैच की ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। पिछले सप्ताह केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने सीजीओ कांप्लेक्स स्थित सीआरपीएफ मुख्यालय में डीएजीओ से मुलाकात की थी। इनकी पासिंग आउट परेड भी इसी माह आयोजित होनी थी।
इससे पहले सीआईएसएफ ने भी अपना स्थापना दिवस स्थगित करने का एलान किया था।