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Coronavirus India: लगातार तीसरे दिन एक लाख से अधिक नए मरीज, बीते 24 घंटे में ही 1.31 लाख केस, 780 मौतें
Fri, 09 Apr 2021 12:21 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Tanuja Yadav
Updated Fri, 09 Apr 2021 12:21 PM IST
सार
- देश में बढ़ रहा कोरोना का कहर, लगातार तीसरे दिन दर्ज हुए एक लाख से ज्यादा मामले
- शुक्रवार को देश में 1.31 लाख से ज्यादा मामले हुए दर्ज, 780 मौतें
- सक्रिय मामलों की संख्या पहुंची 9,79,608
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भारत में कोरोना के 1.31 लाख से ज्यादा मामले
- फोटो : PTI
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विस्तार
देश में कोरोना वायरस संक्रमण से लगातार बिगड़ते हालात के बीच पिछले 24 घंटे में रिकॉर्ड 1.31 लाख नए मामले सामने आए हैं। भारत में कोरोना महामारी की शुरुआत के बाद एक दिन में यह संक्रमित लोगों की सबसे बड़ी संख्या है।
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वहीं, 18 अक्तूबर के बाद पहली बार इस महामारी के कारण एक दिन में सबसे ज्यादा 780 लोगों की मौत भी दर्ज की गई है। अब देश में मृतकों की कुल संख्या बढ़कर 1,67,642 हो गई है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में लगातार 30 दिनों से नए मामलों में तेज बढ़ोतरी हुई है। देश में सक्रिय मरीज बढ़कर 9,79,608 हो गई है। वहीं सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र में एक दिन में सर्वाधिक 376 मौत हुई है।
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मंत्रालय का कहना है कि केवल पांच राज्यों में ही देश के 73 फीसदी सक्रिय मरीज हैं। इनमें महाराष्ट्र के साथ साथ छत्तीसगढ़, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और केरल शामिल हैं।
देश में लगातार दूसरे दिन 1.25 लाख से ज्यादा संक्रमित मिलने के बाद विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस रफ्तार से अप्रैल माह के अंत तक रोजाना संक्रमित मरीज मिलने की गति दो लाख का आंकड़ा छू सकती है।
लखनऊ सहित चार शहरों में 50 फीसदी कर्मियों के साथ ही काम करेंगे कार्यालय
कोरोना के बढ़ते मामले के बीच यूपी सरकार ने लखनऊ सहित चार शहरों में 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ सरकारी व निजी कार्यालयों को संचालित करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी तथा कानपुर नगर के दफ्तरों में 50 फीसदी कर्मियों की ही उपस्थिति रहेगी। बाकी 50 फीसदी वर्क फ्रॉम होम के तहत घर से ड्यूटी करेंगे। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें ऑफिस बुलाया जा सकेगा।
उधर, मुरादाबाद में भी जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने नगर निगम क्षेत्र में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लगाने का आदेश जारी कर दिया है। यह व्यवस्था 16 अप्रैल तक रहेगी। करीब 11 जिलों में बृहस्पतिवार को ही नाइट कर्फ्यू घोषित कर दिया गया था।
तीन राज्यों में हैं सबसे ज्यादा मौतें
देश के तीन राज्यों में कोरोना वायरस सबसे अधिक जानलेवा बना हुआ है। पिछले एक दिन में महाराष्ट्र में 376 लोगों की मौत हुई है। पिछले महीने तक यह आंकड़ा राष्ट्रीय स्तर पर देखने को मिलता था। वहीं छत्तीसगढ़ में 94 और पंजाब में 56 लोगों की मौत हुई है। 50 फीसदी मौतें इन तीनों राज्य में हुई हैं जिसे लेकर केंद्र सरकार ने भी चिंता जताई है। छत्तीसगढ़ में संक्रमण सबसे तेजी से फैल रहा है।
वैक्सीन की कमी से कई राज्यों में टीकाकरण बंद
वैक्सीन को लेकर राज्य व केंद्र सरकार में आरोप-प्रत्यारोप के बीच देश के कई स्थानों पर टीकाकरण बंद हो चुका है। शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर के अलावा महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड सहित कई राज्यों में टीकाकरण केंद्रों पर वैक्सीन नहीं दी गई और लोगों को वापस भेज दिया गया।
हालांकि केंद्र सरकार ने वैक्सीन की कमी न होने का हवाला देते हुए राज्यों को जिम्मेदार ठहराया है। वैक्सीन न मिलने के कारण महाराष्ट्र सहित कई जगहों पर लोगों ने हंगामा भी किया।
वैक्सीन की कमी के आरोप के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एक दिन में 36 लाख लोगों को टीका लगाया गया। देश में अब तक 9.43 करोड़ लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है, जिनमें सात करोड़ पहली डोज है।
वैक्सीन की कमी नहीं : शाह
कई राज्यों में कोरोना वैक्सीन की कमी की खबरों को खारिज करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, सभी राज्यों को वैक्सीन की पर्याप्त खुराक उपलब्ध कराई गई हैं। वैक्सीन की कमी की खबरें सही नहीं है।
एम्स के 50 कर्मचारी कोरोना संक्रमित, ऑपरेशन थिएटर बंद
वहीं दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में 50 से ज्यादा कर्मचारियों के कोरोना संक्रमित होने का खुलासा हुआ है। पिछले एक सप्ताह में 50 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार अस्पताल के मेडिसिन विभाग में कुछ डॉक्टर संक्रमित हुए हैं। वहीं सर्जरी विभाग के कई डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित हुए हैं। डॉक्टरों के अनुसार कर्मचारियों के लगातार संक्रमित होने की वजह से ही एम्स प्रबंधन ने ऑपरेशन थिएटर बंद करने का फैसला लिया है। यहां सिर्फ इमरजेंसी मामलों में ही सर्जरी की जाएगी।
पीएम ने रात्रिकालीन कर्फ्यू के बताए मायने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात्रिकालीन कर्फ्यू की वकालत करते हुए कहा कि इसे कोरोना कर्फ्यू का नाम देने से जागरूकता बढ़ेगी। पीएम ने कहा कि दुनियाभर में रात्रि कर्फ्यू को स्वीकार किया गया है। कुछ बुद्धिजीवी चर्चा करते हैं क्या कोरोना रात में आता है। हकीकत में दुनिया ने रात्रि कर्फ्यू के प्रयोग को स्वीकार किया है, क्योंकि हर व्यक्ति को कर्फ्यू टाइम में ख्याल रहता है कि मैं कोरोना काल में जी रहा हूं और बाकी जीवन की व्यवस्थाओं पर कम से कम प्रभाव होता है। अच्छा होगा, हम कर्फ्यू रात्रि 9-10 बजे से सुबह 5-6 बजे तक चलाएं ताकि बाकी व्यवस्था प्रभावित न हो।
जानकारी के अनुसार अस्पताल के मेडिसिन विभाग में कुछ डॉक्टर संक्रमित हुए हैं। वहीं सर्जरी विभाग के कई डॉक्टर भी कोरोना संक्रमित हुए हैं। डॉक्टरों के अनुसार कर्मचारियों के लगातार संक्रमित होने की वजह से ही एम्स प्रबंधन ने ऑपरेशन थिएटर बंद करने का फैसला लिया है। यहां सिर्फ इमरजेंसी मामलों में ही सर्जरी की जाएगी।
पीएम ने रात्रिकालीन कर्फ्यू के बताए मायने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रात्रिकालीन कर्फ्यू की वकालत करते हुए कहा कि इसे कोरोना कर्फ्यू का नाम देने से जागरूकता बढ़ेगी। पीएम ने कहा कि दुनियाभर में रात्रि कर्फ्यू को स्वीकार किया गया है। कुछ बुद्धिजीवी चर्चा करते हैं क्या कोरोना रात में आता है। हकीकत में दुनिया ने रात्रि कर्फ्यू के प्रयोग को स्वीकार किया है, क्योंकि हर व्यक्ति को कर्फ्यू टाइम में ख्याल रहता है कि मैं कोरोना काल में जी रहा हूं और बाकी जीवन की व्यवस्थाओं पर कम से कम प्रभाव होता है। अच्छा होगा, हम कर्फ्यू रात्रि 9-10 बजे से सुबह 5-6 बजे तक चलाएं ताकि बाकी व्यवस्था प्रभावित न हो।