कोरोना: पिछले 24 घंटे में सामने आए 11,929 मामले, एक दिन में 311 की हुई मौत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। इसी बीच रविवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने वायरस के ताजा आंकड़े बताए हैं। इसके अनुसार पिछले 24 घंटे में संक्रमण के 11,929 मामले सामने आए हैं। यह एक दिन में सामने आए मामलों की अधिकतम संख्या है। वहीं 311 लोगों की मौत हुई है। देश में अब कोरोना वायरस के मामलों की संख्या 3,20,922 हो गई है। जिसमें 1,49,348 सक्रिय मामले हैं और 1,62,379 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है या वे ठीक हो गए हैं। जबकि 9195 लोगों की मौत हो गई है।
311 deaths and highest single-day spike of 11,929 new #COVID19 cases reported in the last 24 hours. Total number of cases in the country now at 3,20,922 including 1,49,348 active cases, 1,62,379 cured/discharged/migrated and 9195 deaths: Ministry of Health and Family Welfare pic.twitter.com/fMJWr5vPMk
— ANI (@ANI) June 14, 2020विज्ञापन
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों से पता चलता है कि 13 जून की सुबह 9 बजे तक 55 लाख से अधिक कोरोना वायरस के परीक्षण किए जा चुके हैं। 24 घंटों में, कोरोना वायरस का पता लगाने के लिए लगभग 1.43 लाख नमूनों का परीक्षण किया गया।
यह भी पढ़ें-कोरोना संक्रमण की वृद्धि दर को 40 फीसदी तक कम कर सकता है मास्क: अध्ययन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उन क्षेत्रों में महामारी को रोकने के लिए कदमों की समीक्षा की जहां बड़ी संख्या में मामले सामने आ रहे हैं। वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कोविड-19 परीक्षण को बढ़ाने के साथ-साथ दैनिक मामलों की बढ़ती संख्या को प्रभावी ढंग से संभालने के लिए आवश्यक बेड और सेवाओं की संख्या बढ़ाने को लेकर चर्चा की।
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक बैठक में प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सहित अपने प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, स्वास्थ्य सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक से वायरस से जुड़े सभी पहलुओं पर बातचीत की। बैठक में अगले दो महीने के अनुमान, रोज मामलों में हो रही बढ़ोत्तरी के अनुरूप जांच और अस्पतालों में बेड संख्या पर भी चर्चा हुई। कोरोना के दो-तिहाई मामले उन्हीं राज्यों और शहरों में है जिनके लिए सरकार अलग रणनीति बनाने जा रही है।