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कोरोना वायरस: 21 हजार से अधिक राहत शिविरों में करीब 6.6 लाख लोगों ने ली है शरण
Tue, 31 Mar 2020 10:45 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 31 Mar 2020 10:45 PM IST
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कोरोना वायरस से लॉकडाउन
- फोटो : PTI
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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि देश में चल रहे 21 हजार से अधिक राहत शिविरों में 6.6 लाख से अधिक निराश्रित लोग और कोरोना वायरस के कारण फंसे लोग शरण लिए हुए हैं। मंत्रालय में संयुक्त सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने कोरोना वायरस और लॉकडाउन पर नियमित संवाददाता सम्मेलन के दौरान पत्रकारों को बताया कि इन शिविरों और अन्य स्थानों पर 23 लाख से अधिक लोगों को भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय देश में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के समन्वय से देश में लॉकडाउन को लागू कराने पर लगातार नजर रख रहा है और अब तक स्थिति संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा गृह मंत्रालय को उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार लगभग 21,064 राहत शिविर बनाए गए हैं और इनमें 6.66 लाख से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं। 23 लाख से अधिक लोगों को भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
अधिकारी ने कहा कि ये सुविधा गरीब, बेसहारा लोगों, फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों के लिए हैं, जिन्हें केवल भोजन की जरूरत है। यह सुविधा उन लोगों के लिए भी है जो अपने स्थान पर पहुंच चुके हैं, लेकिन मानकों के अनुसार उन्हें पृथक किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों की स्थिति भी नियंत्रण में है।
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उन्होंने कहा कि देशभर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की व्यवस्था भी संतोषजनक ढंग से चल रही है। हमें उम्मीद है कि लॉकडाउन प्रभावी रहेगा, हम सामूहिक रूप से कोविड-19 की चुनौती से निपटेंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किए गए तीन सप्ताह के लॉकडाउन को कड़ाई से लागू कराने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की योजना बना रही है तो उन्होंने कहा कि अगर कोई राज्य गृह मंत्रालय से इस तरह की मदद मांगता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय देश में राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के समन्वय से देश में लॉकडाउन को लागू कराने पर लगातार नजर रख रहा है और अब तक स्थिति संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों द्वारा गृह मंत्रालय को उपलब्ध कराई गई सूचना के अनुसार लगभग 21,064 राहत शिविर बनाए गए हैं और इनमें 6.66 लाख से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं। 23 लाख से अधिक लोगों को भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
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अधिकारी ने कहा कि ये सुविधा गरीब, बेसहारा लोगों, फंसे हुए प्रवासी श्रमिकों के लिए हैं, जिन्हें केवल भोजन की जरूरत है। यह सुविधा उन लोगों के लिए भी है जो अपने स्थान पर पहुंच चुके हैं, लेकिन मानकों के अनुसार उन्हें पृथक किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रवासी श्रमिकों की स्थिति भी नियंत्रण में है।
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उन्होंने कहा कि देशभर में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की व्यवस्था भी संतोषजनक ढंग से चल रही है। हमें उम्मीद है कि लॉकडाउन प्रभावी रहेगा, हम सामूहिक रूप से कोविड-19 की चुनौती से निपटेंगे।
जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित किए गए तीन सप्ताह के लॉकडाउन को कड़ाई से लागू कराने के लिए केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की तैनाती की योजना बना रही है तो उन्होंने कहा कि अगर कोई राज्य गृह मंत्रालय से इस तरह की मदद मांगता है तो कार्रवाई की जाएगी।