कोरोना वैक्सीन भी नजदीकी समय में महामारी रोकने में नहीं होगी कारगर, बचाव ही ब्रह्मास्त्र: एमसी मिश्रा  

अमित शर्मा, नई दिल्ली  Updated Tue, 21 Jul 2020 10:49 PM IST
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कोरोना वैक्सीन
कोरोना वैक्सीन - फोटो : social media

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सार

  • विशेषज्ञ के मुताबिक, आरएनए आधारित वायरस के बदलते स्वरूप के कारण सटीक वैक्सीन विकसित करना बेहद कठिन, वैक्सीन विकसित होने के बाद भी इसकी सटीकता सामने आने में लगेगा समय          
  • दिल्ली के सीरों सर्वे का परिणाम- दिल्ली में हुआ सामुदायिक प्रसार    

विस्तार

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के पूर्व निदेशक डॉ. एमसी मिश्रा ने कहा है कि कोरोना महामारी को रोकने में वैक्सीन भी जल्द समय में कारगर नहीं रहेगी। वैक्सीन के आने में अभी भी छह महीने तक का समय लग सकता है, तब तक कोरोना संक्रमण अपने पूरे वेग में जारी रहेगा।
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वैक्सीन आने के बाद भी इसकी सटीकता आने में समय लग सकता है, इसलिए तब तक कोरोना से बचने में केवल 'बचाव' को ही अंतिम उपाय मानकर चलना चाहिए और शारीरिक दूरी बनाए रखने और मास्क पहनने के नियमों का पूरा-पूरा पालन करना चाहिए। 
डॉ. एमसी मिश्रा ने कहा कि आरएनए आधारित वायरस की वैक्सीन बनाना बहुत मुश्किल काम होता है। ये वायरस अक्सर अपना स्वरूप बदलते रहते हैं और इस कारण इस बात की संभावना हमेशा बनी रहती है कि वैक्सीन विकसित होने के बाद भी वह संक्रमण रोकने में अपेक्षा के मुताबिक़ सफल न रहे। 
वैक्सीन लगाने के बाद किसी व्यक्ति में किस मात्रा में एंटीबॉडी बनते हैं और वे शरीर के अंदर कब तक टिकते हैं, कोरोना संक्रमण पर रोक इन चीजों पर भी निर्भर करती है। इसलिए इन मानकों पर खरा उतरने के पहले वैक्सीन को अंतिम नहीं माना जा सकता। इन मानकों पर खरा उतरने के लिए वैक्सीन को परीक्षणों के कई दौर से गुजरना पड़ेगा।     

थर्ड स्टेज में पहुंचा कोरोना
दिल्ली के सीरो सर्वे में यह बात सामने आई है कि यहां की लगभग एक चौथाई आबादी कोरोना संक्रमित हो चुकी है। यह न्यूनतम 40 लाख आबादी के बराबर होता है। डॉ. एमसी मिश्रा ने कहा कि  इतने लोगों का अनजाने में ही कोरोना संक्रमित होना इस बात का प्रमाण है कि यहां संक्रमण अपने थर्ड स्टेज या कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज में पहुंच चुका है। हालांकि, सर्वे में यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि सर्वे सैंपल किस तरह की एरिया से लिए गये हैं। दिल्ली और मुंबई का अनुभव बताता है कि कोरोना झुग्गी क्लस्टर एरिया में ज्यादा आक्रामक रहा है जबकि पॉश एरिया में इसका असर कम रहा है। 

अभी कोरोना के सर्वोच्च के बारे में नहीं कह सकते
दिल्ली में जून महीने में कोरोना काफी भयावह रूप धारण कर चुका था। रोज लगभग पांच हजार केस सामने आ रहे थे और लगभग सौ लोगों की रोज मौत हो रही थी। लेकिन कई दिनों से दिल्ली में कोरोना संक्रमण के कम पॉजिटिव मामले सामने आ रहे हैं। ऐसे में क्या यह माना जा सकता है कि दिल्ली में कोरोना का सर्वोच्च समय निकल चुका है? 

डॉ. एमसी मिश्रा का कहना है कि अभी इस बात को सौ फीसदी नहीं कहा जा सकता कि कोरोना का सर्वोच्च काल निकल चुका है। इस समय कोरोना की टेस्टिंग कम कर दी गई है, यह इस कारण से भी हो सकता है। लेकिन अगर अगले 15 दिनों तक कोरोना संक्रमण के मामले इसी रफ्तार से सामने आते हैं तब यह कहा जा सकेगा कि कोरोना का सर्वोच्च बिंदु निकल चुका है। 
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