फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Corona Vaccination: Priority group being left behind in giving the vaccine to everyone

अमर उजाला विशेष: सबको टीका देने के चक्कर में छूट रहा प्राथमिकता समूह

Mon, 05 Jul 2021 07:44 AM IST
Kuldeep Singh परीक्षिय निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षिय निर्भय, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Mon, 05 Jul 2021 07:44 AM IST
सार

  • 2.96 करोड़ मुख्य कार्यकर्ता हैं देश में ( इनमें स्वास्थ्यकर्मी 96 लाख, 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर हैं)
  • 8.73 करोड़ पहले से बीमार लोगों को है उच्च रक्तचाप, मधुमेह व अन्य बीमारियां
  • 13.8 करोड़ की आबादी है 60 या उससे अधिक आयु वर्ग वाले लोगों की

विज्ञापन
Corona Vaccination: Priority group being left behind in giving the vaccine to everyone
कोरोना योद्धा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सबको वैक्सीन देने की चक्कर में प्राथमिकता समूह छूट रहा है। जिन लोगों का सबसे पहले टीकाकरण पूरा होना चाहिए था उन्हें वैक्सीन के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। ज्यादातर राज्य हर किसी को वैक्सीन लगाने में जुटे हुए हैं। वह भी तब जब देश में टीके की आपूर्ति सीमित है।

विज्ञापन


कोरोना योद्धाओं 60 से अधिक आयु वालों व पुराने मरीजों का टीकाकरण पिछड़ा 
मेडिकल जर्नल बीएमजे में प्रकाशित आईसीएमआर के अध्ययन के अनुसार, महामारी को रोकने के लिए प्राथमिकता समूह का टीकाकरण पूरा करना होगा, जो आबादी का 18 फ़ीसदी है। इस समूह में 60 या उससे अधिक आयु के लोग स्वास्थ्यकर्मी फ्रंटलाइन वर्कर्स पुराने रोगी हैं। एक अनुमान के मुताबिक, इस समूह के लोगों की संख्या देश में 30 से 32 करोड़ तक हो सकती है। गणितीय मॉडल अनुमानों के अनुसार, सबसे ज्यादा जरूरत वाले वर्गों को ही वैक्सीन सबसे पहले देना चाहिए।

विज्ञापन


टीकाकरण से तीसरी लहर का असर घटेगा

अध्ययन से स्पष्ट है कि प्राथमिकता समूह का टीकाकरण समय पर पूरा हो जाएगा, तो तीसरी लहर का गंभीर असर नहीं होगा। 20 फ़ीसदी से अधिक नए मामले कम देखने को मिलेंगे और संक्रमण से मरने वालों की संख्या में 29 फ़ीसदी से भी अधिक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, लेकिन यह तभी मुमकिन है, जब योजनाबद्ध तरीके से टीकाकरण को आगे बढ़ाया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन


तो मौतों में आ सकती है 30 प्रतिशत की कमी
आईसीएमआर के मुख्य संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर समीरन पांडा ने बताया प्राथमिकता समूह के पूरे टीकाकरण के बाद वैक्सीन का 60 फीसदी असर भी हो तो नए मामलों में 20.6 फ़ीसदी और मृत्यु में 29.7 फीसदी की कमी आ सकती है। लक्षण वाले मरीजों में 10.4 फीसदी मौतों में 32.9 फ़ीसदी तक कमी संभव है। पर्याप्त मात्रा में टीके मिलने पर युवाओं को शामिल किया जा सकता है।


ऐसे हुआ नुकसान
1 मार्च से बुजुर्गों का टीकाकरण शुरू हुआ। अप्रैल तक 45 या उससे अधिक आयु के लोगों का टीकाकरणट ठीक से चला, लेकिन 1 मई से 18 से 45 वर्ष की आयु वर्ग को शामिल करने पर प्राथमिकता समूह पिछड़ गया। 45 से अधिक आयु वालों में से 45.4 फ़ीसदी, 18 से 44 वर्ष में 15 फ़ीसदी को एक खुराक मिल चुकी है। 18 या अधिक आयुवालों की देशों में आबादी 94.40 करोड़ के आसपास है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed