दुनिया के सबसे बडे़ टीकाकरण अभियान का आगाज आज, पहले दिन तीन लाख को खुराक
- पीएम मोदी करेंगे शुभारंभ, सप्ताह में चार दिन लगेगा टीका, एक ही टीके की दो खुराक जरूरी
- पीएम इस दौरान पहले 100 स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ टीकाकरण के अनुभव भी साझा कर सकते हैं
- देशभर के 2,934 केंद्रों पर टीके लगेंगे जो वर्चुअल रूप से जुड़े रहेंगे
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कोरोना वायरस के खिलाफ तकरीबन साल भर से चल रही लड़ाई में निर्णायक कदम बढ़ाते हुए भारत शनिवार को दुनिया के सबसे बडे़ टीकाकरण अभियान का आगाज करेगा। पहले दिन देश के तीन लाख स्वास्थ्य कर्मचारियों को खुराक दी जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 10:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों को संबोधित करते हुए टीकाकरण का शुभारंभ करेंगे। वह कोविन वेबसाइट और एप लॉन्च करेंगे। हालांकि, आम लोग टीकाकरण के लिए मार्च से कोविन एप पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे।
पूरे देश में एक साथ टीकाकरण अभियान की शुरुआत होगी और सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में इसके लिए कुल 3006 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं। राजस्थान में जयपुर के सवाई मान सिंह मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य सुधीर भंडारी को सबसे पहले टीके की खुराक दी जाएगी जबकि मध्य प्रदेश में एक अस्पताल के सुरक्षा गार्ड और एक सहायक समेत अन्य लोग सबसे पहले टीका लेने वालों में शामिल होंगे।
पीएम इस दौरान पहले 100 स्वास्थ्य कर्मचारियों के साथ टीकाकरण के अनुभव भी साझा कर सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, एक व्यक्ति को एक ही टीके की दो खुराक लेनी होगी। हालांकि, दूसरी खुराक 28 दिन बाद लगेगी। देश के सभी राज्यों में कोविशील्ड और कोवाक्सिन टीके की आपूर्ति की गई है। पहले चरण के तहत अभी 1.65 करोड़ खुराक भेजी गई हैं। सप्ताह में चार दिन सोम, मंगल, बृहस्पतिवार और शनिवार को देश भर में टीकाकरण किया जाएगा। इसके अनुसार एक सप्ताह में 12 लाख लोगों को टीका मिलेगा।
हर केंद्र पर 100 लाभार्थियों को टीका
देशभर के 2,934 केंद्रों पर टीके लगेंगे, जो वर्चुअल रूप से जुड़े रहेंगे। उद्घाटन के दिन प्रत्येक केंद्र पर करीब 100 लाभार्थियों को टीका लगाया जाएगा। इस दौरान सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म, टीकाकरण सत्रों के संचालन के दौरान सभी स्तरों के कार्यक्रम प्रबंधकों की सहायता करेगा।
इन्हें लगेगा
-18 वर्ष से कम आयु और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को टीका नहीं
-गर्भवती महिलाएं हैं या फिर जिन्हें अपनी गर्भावस्था के बारे में नहीं पता है, उन्हें भी टीका नहीं
-तीन माह से नियंत्रित रक्तचाप और मधुमेह रोगियों को नहीं मिलेगा टीका
इन्हें नहीं
-मधुमेह, रक्तचाप, दिल या किडनी से जुड़ी बीमारी अनियंत्रित स्थिति में है तो उन्हें टीका सबसे पहले
-प्लाज्मा लेने वालों को टीके के लिए कम से कम दो माह इंतजार जरूरी
- गंभीर रोगियों के अस्पताल से छुट्टी मिलने के एक से दो माह बाद ही टीका देना जरूरी
खून के बहने और थक्के पर खास ध्यान
जिन लोगों को खून के बहने या थक्का जमने से संबंधित परेशानी है उन्हें कोरोना का टीका देने से पहले पूरी सावधानी बरतनी होगी। इन रोगियों में टीका का असर तेजी से दिखाई देने की आशंका है। ऐसे में जरूरी है कि टीकाकरण से पहले यह पता लगा लिया जाए कि उक्त व्यक्ति को इस तरह की कोई दिक्कत तो नहीं है।
टीकाकरण के लिए चुनाव आयोग के आंकड़ों का होगा इस्तेमाल
चुनाव आयोग ने दुनिया के सबसे बडे़ कोविड-19 टीकाकरण अभियान के लिए बूथ स्तर पर लाभार्थियों की पहचान करने में सरकार की डाटा साझा करने समेत पूरी मदद का भरोसा दिया है। हालांकि, आयोग चाहता है कि टीकाकरण अभियान खत्म होने के बाद स्वास्थ्य अधिकारी ये डाटा मिटा दें। आयोग के कुछ वरिष्ठ अधिकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नोडल अधिकारियों के संपर्क में रहेंगे, ताकि हर रोजाना के मुद्दों का समाधान किया जा सके। सूत्रों के मुताबिक, बीते साल 31 दिसंबर को केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि आयोग बूथ स्तर पर 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की पहचान करने में मदद करे। आयोग ने व्यापक विचार-विमर्श के बाद चार जनवरी को गृह सचिव को पत्र लिखकर टीकाकरण अभियान में पूरी सहायता करने के अपने फैसले के बारे में जानकारी दी। आयोग ने सरकार से कहा, यह सुनिश्चित किया जाए कि डाटा का इस्तेमाल पूरी तरह से केवल टीकाकरण के मकसद के लिए किया जाएगा।