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डेल्टा प्लस: नए मामलों ने पार किया 60 का आंकड़ा, महाराष्ट्र में मिले 14 नए केस
Tue, 29 Jun 2021 06:27 AM IST
देव कश्यप
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 29 Jun 2021 06:27 AM IST
सार
- दिल्ली-पश्चिम बंगाल में भी डेल्टा वायरस की मौजूदगी की आंशका।
- राहत की बात यह है कि कोरोना वायरस का गामा वैरिएंट भारत से गायब हो चुका है, वैज्ञानिकों ने इसकी पुष्टि की है।
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कोरोना का डेल्टा वैरिएंट (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
अब तक देश के 12 राज्यों में मिला डेल्टा प्लस तेजी से फैल रहा है। डेलटा प्लस के नए मामले 60 का आंकड़ा पार कर चुके हैं। स्थिति यह है कि बीते एक सप्ताह में महाराष्ट्र में 14 नए मामले सामने आए हैं। वहीं दिल्ली और पश्चिम बंगाल में भी इस वैरिएंट की मौजूदगी की आशंका व्यक्त की गई है।
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पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वॉयरोलॉजी की एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि महाराष्ट्र में 14 और नए मामले डेल्टा प्लस के मिले हैं। अब तक यहां 34 मरीज डेल्टा प्लस से संक्रमित मिल चुके हैं। इसी तरह मध्यप्रदेश से जांच के लिए पहुंचे सैंपल में तीन और डेल्टा प्लस संक्रमित मिले हैं। इस तरह देश में डेल्टा प्लस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 66 हो चुकी है।
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स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अब तक मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पंजाब, केरल, कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश, ओड़िशा, राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में डेल्टा प्लस के मामले सामने आ चुके हैं। जबकि दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी इस वैरिएंट को संदिग्ध माना गया है। जानकारी मिली है कि इसी सप्ताह में इन चार राज्यों में डेल्टा प्लस की मौजूदगी का पता चल सकता है।
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गायब हुआ गामा
इसी बीच राहत की बात है कि कोरोना वायरस का गामा वैरिएंट भारत से गायब हो चुका है। वैज्ञानिकों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि गामा वैरिएंट का देश में अब कोई मामला नहीं मिल रहा है। पिछले पांच महीने से यह वैरिएंट जीनोम सीक्वेंसिंग में नहीं दिख रहा। पिछले वर्ष दिसंबर में जीनोम सीक्वेंसिंग शुरू की गई थी। इसके बाद जनवरी 2021 में एल्फा, बीटा और गामा वैरिएंट की भारत में मौजूदगी का पता चला था। उस दौरान डेल्टा वैरिएंट नहीं मिल रहा था, लेकिन फरवरी से एल्फा, बीटा और डेल्टा वैरिएंट ही सामने आने लगे।
मार्च और अप्रैल में डेल्टा से डेल्टा प्लस और एवाई 2.0 के अलावा ईटा, लोटा एवं कापा वैरिएंट भी देश में मिलने लगा। फिलहाल दूसरी लहर के गुजरने के बाद मामले कम होने लगे हैं। ऐसे में जीनोम सीक्वेंसिंग की बात करें तो 86 फीसदी तक डेल्टा वैरिएंट ही मिल रहा है। जबकि इसके अलावा एल्फा और बीटा वैरिएंट भी मिल रहे हैं। गामा वैरिएंट का अब देश में कोई भी मामला नहीं है।
नई दिल्ली स्थित आईजीआईबी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि गामा वैरिएंट केवल दो लोगों में मिला था। इसके बाद यह वैरिएंट नहीं फैला और पांच महीने बाद भी एक भी मरीज नहीं मिला है। इसलिए अब यह कहा जा सकता है कि भारत से कोरोना का गामा वैरिएंट गायब हो चुका है।
जापान में सबसे पहले मिला था गामा
दरअसल गामा वैरिएंट की सबसे पहले पहचान जापान ने की थी। ब्राजील से टोक्यो लौटे चार यात्रियों में यह वैरिएंट सबसे पहले मिला था जिसके बाद ब्राजील में यह तेजी से फैलता चला गया। यात्रियों के जरिए भारत भी यह वैरिएंट आ पहुंचा और एक बुजुर्ग व युवा मरीज को इसने संक्रमित किया था। इसके बाद यह अचानक से गायब भी हो गया जबकि अन्य देशों में इसका असर अब तक देखने को मिल रहा है।