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Hindi News ›   India News ›   Corona: More cases of infection will come in Maharashtra and Kerala, experts told this reason

कोरोना: अभी और आएंगे महाराष्ट्र व केरल में संक्रमण के नए मामले, विशेषज्ञों ने बताई यह वजह 

Sun, 25 Jul 2021 09:09 PM IST
सुरेंद्र जोशी आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली
आशीष तिवारी, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 25 Jul 2021 09:09 PM IST
सार

केरल में अब भी सर्वाधिक नए कोरोना संक्रमित मिल रहे हैं। इसके बाद महाराष्ट्र का नंबर आता है। 
 

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विस्तार

पूरे देश में अब केरल ही एक ऐसा राज्य है जहां पर कोरोना के सबसे ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। उसके बाद महाराष्ट्र का नंबर है। विशेषज्ञों का मानना है अभी इन दोनों राज्यों में कोरोना के मामले फिलहाल कम नहीं होंगे। उनका कहना है कि दोनों राज्यों में अभी भी संक्रमण पूरे देश की तुलना में बहुत कम है। यही वजह है कि यहां वायरस ज्यादा से ज्यादा लोगों को संक्रमित कर रहा है।

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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की नेशनल कोविड टास्क फोर्स टीम के सदस्य डॉ. एनके अरोड़ा का कहना है दरअसल केरल में अभी भी लोगों में संक्रमण का प्रसार नहीं हुआ है। यही वजह है कि ज्यादातर लोगों में अब संक्रमण फैल रहा है। उन्होंने बताया कि सीरो सर्वे की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक केरल में तकरीबन 40 से 45 फीसदी लोगों में ही अभी संक्रमण का प्रसार हुआ है। यही वजह है कि अब ज्यादातर लोग धीरे-धीरे संक्रमित हो रहे हैं। डॉ. अरोड़ा का कहना है या तो ज्यादातर लोगों में संक्रमण फैलकर उनके अंदर एंटीबॉडी बननी शुरू हो जाएगी या फिर ज्यादा से ज्यादा लोग वैक्सीन लगवा कर खुद को सुरक्षित कर सकेंगे। यही वजह है कि केरल में अब संक्रमित लोगों की संख्या सबसे ज्यादा है। 
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अरोड़ा का कहना है महाराष्ट्र का भी यही हाल है। वो कहते हैं महाराष्ट्र और केरल में देश के अन्य राज्यों की तुलना में संक्रमण का प्रतिशत कम रहा और यही वजह है कि इन दोनों राज्यों में अब संक्रमण की रफ्तार या तो बढ़ रही है या एक जगह पर स्थित है। महाराष्ट्र के कुछ विशेष जिलों में खासतौर से कुछ इलाकों में संक्रमण का प्रसार उस तेजी से नहीं हुआ, जिस तेजी से पूरे देश में डेल्टा वैरिएंट के महा प्रकोप के समय हुआ था। वह कहते हैं कि यह वायरस उन्हीं लोगों को अपनी चपेट में सबसे पहले ले रहा है, जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है या जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है। 
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उत्तर भारत के 90 फीसदी लोगों में बनी एंटीबॉडी
चौथा सीरो सर्वे कहता है उत्तर भारत के राज्यों में 80 से 90 फीसदी लोगों में इस वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी बन चुकी है। महाराष्ट्र और केरल में लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में यह जानने के लिए शोध किया था क्या इस राज्य में वायरस का कोई नया स्वरूप तो सामने नहीं आया है। इस शोध को करने वाली टीम के सदस्यों का कहना है कि वायरस के नए स्वरूप का फिलहाल कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन यह बात जरूर पता चली है कि लोगों में अभी भी संक्रमण का प्रसार उस तेजी से नहीं हुआ जिस तेजी से पूरे देश में हुआ था।


टीके के 43 करोड़ डोज लगाए जा चुके
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक उनकी पूरी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को तय वक्त में टीका लगाया जा सके। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पूरे देश में टीके की तकरीबन 43 करोड़ खुराक लगाई जा चुकी है। इसमें 34 करोड़ लोगों को पहली खुराक और 9 करोड़ से ज्यादा लोगों को दोनों डोज लग चुकी हैं। 

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