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अहमदाबाद में कोरोना से मौत का आंकड़ा सबसे ज्यादा, आबादी मुंबई और दिल्ली से भी आधी
Sat, 06 Jun 2020 08:10 AM IST
Tanuja Yadav
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 06 Jun 2020 08:10 AM IST
सार
- मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में कोरोना के मामले ज्यादा
- कोविड-19 से होने वाली मौतों में अहमदाबाद का स्थान ऊपर
- अहमदाबाद में कोरोना से होने वाली मृत्यु दर 6.9 है
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दुनिया में कोरोना (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : PTI
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विस्तार
कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा मामले मुंबई और दिल्ली जैसे महानगरों में है और यहां हर दिन मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है लेकिन इन दोनों शहरों से आधी आबादी वाले शहर अहमदाबाद के आंकड़े कुछ और ही कह रहे हैं। प्रति दस लाख की आबादी पर अहमदाबाद में कोविड-19 से मरने वालों की संख्या तुलनात्मक ज्यादा है।
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50 लाख से ज्यादा आबादी वाले नौ शहरों की तुलना में अहमदाबाद में हर 100 मामलों पर मृत्यु दर भी ज्यादा है। अहमदाबाद में हर दस लाख लोगों पर 115 कोविड-19 मौतें हो रही है, यह आंकड़ा मुंबई के 80 मौतों से काफी ज्यादा है। इसलिए अहमदाबाद कोविड-19 से होने वाली मौतों में पहला स्थान रखता है।
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महानगरों की बात करें तो बंगलूरू में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा कम है और ये शहर काफी अच्छा काम कर रहा है। बंगलूरू में हर दस लाख की आबादी पर मरने वालों की संख्या केवल एक है, जो अबतक का सबसे कम आंकड़ा है। किसी जगह की मृत्यु दर कम होने का मतलब है कि वहां टेस्टिंग धड़ल्ले से हो रही है और कोरोना के मामले ज्यादा है।
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अहमदाबाद की सीएफआर (केस फेटिलिटी रेट) 6.9 है इसलिए है क्योंकि यहां अनुचित ढंग से कोरोना की टेस्टिंग हो रही है और यही वजह है कि अहमदाबाद जैसे बड़े शहर में कोरोना से ज्यादा मौतें हो रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना जैसे वायरस में 90 फीसदी मरीजों के ठीक होने की उम्मीद है लेकिन ठीक होने वाले लोगों का भाग समय के साथ बढ़ सकता है। इसलिए कोरोना के खिलाफ लड़ाई रिकवरी दर को देखना एक भ्रामक तरीका हो सकता है। भारत में कोरोना पॉजिटिव मामलों की संख्या 2 लाख 26 हजार से अधिक हो गई है। इनमें से एक लाख 10 हजार से अधिक सक्रिय मामले हैं। देश में एक लाख नौ हजार से अधिक लोग ठीक हुए हैं, जबकि छह हजार से ज्यादा की मौत हो चुकी है।