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स्थानीय स्तर पर लड़ी जाएगी कोरोना की लड़ाई, नगर निगम को मिला जोन तय करने का अधिकार

Thu, 28 May 2020 08:17 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Harendra Chaudhary Updated Thu, 28 May 2020 08:17 PM IST
सार

गुरुवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने कोरोना केसों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के बाद यह स्पष्ट किया है कि अब यह लड़ाई स्थानीय स्तर पर लड़ी जाएगी...

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Corona fight will be fought at local level, Municipal Corporation gets right to decide zone
कैबिनेट सचिव राजीव गौबा - फोटो : ANI (File)

विस्तार

कोरोना संक्रमण के खिलाफ केंद्र सरकार से शुरू हुई लड़ाई अब स्थानीय स्तर पर लड़ी जाएगी। हालांकि केंद्र सरकार ने यह तय नहीं किया है कि 31 मई के बाद लॉकडाउन आगे बढ़ेगा या नहीं। अगर प्रतीकात्मक लॉकडाउन होगा तो उसका स्वरूप क्या रहेगा, इसे लेकर केंद्र द्वारा कोई घोषणा नहीं की गई है।
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गुरुवार को कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने कोरोना केसों की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के बाद यह स्पष्ट किया है कि अब यह लड़ाई स्थानीय स्तर पर लड़ी जाएगी।

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नगर निगम यह तय करेंगे कि आवासीय कॉलोनियों, मुहल्लों, नगरपालिका वार्डों, पुलिस-थाना क्षेत्रों या कस्बों को आवश्यकता अनुसार जोन के रूप में नामित किया जा सकता है या नहीं।
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बता दें कि इससे पहले लॉकडाउन 4.0 में केंद्र सरकार ने बहुत सी छूट दे दी थी। साथ ही जोन तय करने का अधिकार राज्यों को दे दिया था। दो नए जोन कंटेनमेंट और बफर, इन्हें लेकर जिला प्रशासन को शक्तियां प्रदान की गई थी।


कंटेनमेंट, बफर, रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन का चयन करते समय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के बताए गए मानदंडों को ध्यान में रखना होगा। संबंधित राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश या क्षेत्र रेड, ग्रीन और ऑरेंज जोन निर्धारित करेंगे।

जिला प्रशासन को रेड और ऑरेंज जोन के भीतर, कंटेनमेंट जोन और बफर जोन का सीमांकन करने के लिए अधिकृत किया गया था।

अब मुंबई, चेन्नई, दिल्ली/नई दिल्ली, अहमदाबाद, ठाणे, पुणे, हैदराबाद, कोलकाता/हावड़ा, इंदौर (मध्य प्रदेश), जयपुर, जोधपुर, चेंगलपट्टू और तिरुवल्लूर (तमिलनाडु) शहरों में नगर निगम को यह अधिकार दिया गया है कि कोरोना संक्रमण की स्थिति को ध्यान में रखकर जोन तय कर सकता है। हालांकि अब यह व्यवस्था सभी शहरों के लिए लागू की जा रही है।
 

केंद्र सरकार में गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार, अब लोकल स्तर पर कंटेनमेंट और बफर जोन में खास फोकस किया जाएगा। इन जोन में केवल आवश्यक गतिविधियों की अनुमति होगी।

जोन में लोगों की आवाजाही रोकने के लिए सख्त घेराबंदी की जाएगी। कंटेनमेंट और बफर जोन में गहन कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, हाउस टू हाउस सर्विलांस तथा आवश्यकतानुसार अन्य चिकित्सकीय हस्तक्षेप किए जाएंगे।

संभावित है कि 31 मई के बाद रात्रि कर्फ्यू को हटा लिया जाए। अभी रात्रि कर्फ्यू शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे के बीच में लगाया गया है। इस दौरान आवश्यक गतिविधियों को छोड़कर, लोगों की आवाजाही कड़ाई से निषिद्ध की गई है।



केंद्र ने जोर देकर कहा है कि कोरोना संक्रमण के मामलों और संपर्कों की मैपिंग व उनके भौगोलिक फैलाव जैसे कारकों के आधार पर कंस्ट्रक्शन जोन को भौगोलिक रूप से परिभाषित करना होगा। इससे लॉकडाउन के सख्त प्रोटोकॉल को लागू करने में मदद मिलेगी।

 

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