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कोरोना टीका: विशेषज्ञों ने कहा- थक्के का डर न बढ़ाएं, बारी आने पर टीका जरूर लगवाएं

Fri, 11 Jun 2021 06:35 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली
अमर उजाला रिसर्च टीम, नई दिल्ली Published by: Kuldeep Singh Updated Fri, 11 Jun 2021 06:35 AM IST
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Corona experts says do not increase the fear of clots, get the vaccine when it is your turn
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कई देशों में टीके से रक्त का थक्का जमने की शिकायतों के बाद दुनियाभर में लोग इसे लेकर आशंकित हो गए हैं। खासतौर पर जिनके शरीर में पहले से थक्के जमते रहे हैं या जो रक्त पतला करने की दवाएं लेते हैं, वह अपने डॉक्टरों से यह टीका लगवाने को लेकर विशेष परामर्श ले रहे हैं।

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टीके से संभावित टीटीएस के उपचार में आई तेजी इसलिए घबराए नहीं 
लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि वैक्सीन से संभावित थक्के उन थक्कों से एकदम अलग हैं, जिनसे दिल के दौरे और आघात का खतरा रहता है। लिहाजा, थक्के के डर से यह वैक्सीन न लगवाने का जोखिम न लें वरना संक्रमण का खतरा हमेशा मंडराता रहेगा।
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रक्त के थक्के आखिर बनते कैसे हैं
रक्त हमारे शरीर की वाहिकाओं में तरल रूप में प्रवाहित होता है। वह अपने हरेक अंग तक ऑक्सीजन, पोषक तत्व, प्रोटीन और प्रतिरक्षा कोशिकाएं पहुंचाता है। शारीरिक क्षति का संकेत मिलते ही सबसे छोटी रक्त कोशिकाएं प्लेटलेट्स क्षतिग्रस्त रक्त वाहिका की दीवार से चिपक जाती हैं और वहां थक्का जमाने वाले प्रोटीन से खून का बहाव रोक देती हैं।
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वैक्सीन और टीटीएस 
एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का थ्रोम्बोसिस विथ थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (टीटीएस) के साथ एक दुर्लभ दुष्प्रभाव पाया गया है।  टीटीएस एक असामान्य प्रतिरक्षा के कारण होता है। इसमें रक्त में मौजूद प्लेटलेट्स अतिसक्रिय हो जाते हैं, जिससे शरीर में थक्के बनने लगते हैं। थक्का बनने की इस प्रक्रिया में प्लेटलेट्स की भी खपत होती है। परिणाम स्वरूप शरीर में प्लेटलेट्स की तादाद भी कम हो जाती है। रक्त में निर्धारित मात्रा से कम प्लेटलेट्स होने को थ्रोम्बोसाइटोपेनिया कहा जाता है।


टीका लगवाएं, उलट जोखिम न बढ़ाएं
रक्त रोग विशेषज्ञों का कहना है कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि जिन लोगों में पहले थक्के की समस्या रही है, उन्हें टीटीएस का अधिक जोखिम है। उलटे मधुमेह, उच्च रक्तचाप, दिल का दौरा और आघात के जोखिमकारी कारकों से कोरोना संक्त्रस्मित होने का खतरा बढ़ जाता है। लिहाजा, डॉक्टरों का कहना है कि अगर आप पात्र हैं तो जल्द से जल्द टीका लगवाएं।

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