{"_id":"607e888d8fc36f38c14de790","slug":"corona-cases-in-maharashtra-mumbai-has-87000-active-covid-19-cases-many-cases-are-fro-high-buildings","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुंबई: ऊंची इमारतों में 90 फीसदी संक्रमण, पिछली लहर में प्रभावित झुग्गियों में ऐसे हैं हालात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मुंबई: ऊंची इमारतों में 90 फीसदी संक्रमण, पिछली लहर में प्रभावित झुग्गियों में ऐसे हैं हालात
Tue, 20 Apr 2021 01:28 PM IST
Tanuja Yadav
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: Tanuja Yadav
Updated Tue, 20 Apr 2021 01:28 PM IST
सार
कोरोना की दूसरी लहर ने मुंबई में कहर बरपाया हुआ है। मुंबई में मौजूदा समय में 87 हजार सक्रिय मामले हैं, जिनमें से 90 फीसदी मामले ऊंची इमारतों में से हैं और 10 फीसदी झुग्गी-झोपड़ियों में से।
विज्ञापन
कोरोना वायरस (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक तरीके से देश में अपने पैर पसार चुकी है। देश में महाराष्ट्र एक मात्र ऐसा राज्य है जो कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित है। वहीं महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में कोरोना के मामले बहुत ज्यादा तेजी से फैल रहे हैं। मौजूदा समय में मुंबई में करीब 87 हजार सक्रिय मामले हैं।
विज्ञापन
हालांकि कोरोना की दूसरी लहर में सामने आ रहे मामलों में दिलचस्प बात यह है कि पहली लहर के मुकाबले इस बार 90 फीसदी कोविड-19 के मामले ऊंची-ऊंची इमारतों से आ रहे हैं और सिर्फ दस फीसदी मामले झुग्गी-झोपड़ियों से आ रहे हैं। बीएमसी की ओर से जारी आंकड़ों की माने तो मुंबई की बड़ी इमारतों से ही बड़ी संख्या कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं।
विज्ञापन
एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीएमसी का डाटा जानकारी देता है कि मुंबई की सोसाइटीज और इमारतों में 79,032 सक्रिय मामले थे, जबकि झुग्गी-झोपड़ियों में 8,411 सक्रिय मामले थे। बीएमसी के मुताबिक, ये डाटा 16 अप्रैल तक का ही है। बता दें कि कोरोना की पहली लहर के दौरान मुंबई के कुल संक्रमित मामलों के दो-तिहाई झुग्गी-झोपड़ियों और चॉल से आए थे। ऐसा बताया गया था कि यहां पॉपुलेशन डेंसिटी ज्यादा है।
विज्ञापन
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले 42 लाख लोग कंटेनमेंट जोन में थे। जबकि इमारतों में रहने वाले सिर्फ आठ लाख लोग ही कंटेनमेंट जोन में थे। कोविड -19 की दूसरी लहर के बाद बीएमसी ने अपनी एसओपी में थोड़ा बदलाव किया है।
पांच अप्रैल को बीएमसी कमिश्नर आई एस चाहल ने नई एसओपी जारी करते हुए कहा कि ऐसा हाउसिंग सोसाइटीज को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर देना चाहिए, जहां पांच से ज्यादा सक्रिय कोरोना मरीज हो। उन्होंने आगे कहा कि इन सोसाइटीज के पदाधिकारियों को कोविड गाइडलाइंस का पालन कराने का काम दिया जाएगा। बीएमसी का डाटा बताता है कि अंधेरी-जोगेश्वरी में सबसे ज्यादा 273 इमारतों को सील किया गया है।