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कोलकाता में कोरोना बमः आरटी-पीसीआर टेस्ट में हर दूसरा व्यक्ति मिल रहा संक्रमित
Sun, 25 Apr 2021 08:12 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 25 Apr 2021 08:12 PM IST
सार
- कुछ क्षेत्रों में 45 से 55 फीसदी पर पहुंची संक्रमण दर
- बंगाल का हर चौथा मिल रहा पाॅजिटिव
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कोलकाता के दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पीपीई किट पहनकर जाते पुजारी।
- फोटो : PTI
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विस्तार
दूसरी कोरोना लहर देश में कहर ढा रही है। चुनावी राज्य पश्चिम बंगाल व खासकर कोलकाता में भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं। दरअसल राज्य कोरोना प्रोटोकाॅल के गंभीर उल्लंघन का खामियाजा भोग रहा है। कोलकाता में किए जा रहे आरटी-पीसीआर टेस्ट में हर दूसरा व्यक्ति संक्रमित मिल रहा है। वहीं पूरे राज्य के आंकड़े देखें तो हर चौथा व्यक्ति परीक्षण के दौरान पाॅजिटिव मिल रहा है।
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संक्रमण दर बेहद तीव्र हुई
कोलकाता और उसके आसपास के क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण दर 45 से 55 फीसदी पहुंच गई है वहीं दूसरे शहरों में यह 24 फीसदी के आसपास है। एक माह पहले यह दर मात्र पांच फीसद थी। एक अप्रैल को राज्य के 25,766 लोगों की जांच की गई थी। इसमें 1274 संक्रमित मिले थे। तब संक्रमण दर करीब पांच फीसदी थी, लेकिन 24 अप्रैल को 55,060 लोगों की जांच में 14,281 पॉजिटिव मिले। यानी संक्रमण दर 25 फीसदी से ज्यादा हो गई है।
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सोमवार को मतदान का सातवां चरण
पश्चिम बंगाल में अभी विधानसभा चुनाव चल रहे हैं। चुनाव आयोग ने आठ चरणों में चुनाव का निर्णय लिया है। सोमवार को सातवें चरण का मतदान होगा। इसमें 36 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। अंतिम चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा। मतगणना दो मई को होगी।
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चुनाव में उमड़ी भीड़, अंतिम दौर में लगी पाबंदी
एक माह से ज्यादा चले चुनाव प्रचार के दौरान रैलियों व रोड शो में जमकर भीड़ उमड़ी थी। विधानसभा चुनाव के बीच लगातार विभिन्न पार्टियों के नेता रैलियों को आयोजित करते रहे। हालांकि बड़ी संख्या में आम जनता ने चुनावी रैलियों को रद्द किए जाने की भी मांग की, लेकिन आधे से ज्यादा चरण के मतदान बीत जाने के बाद चुनाव आयोग और दलों के नेताओं ने इस पर फैसले लिए। अंतिम चरण के मतदान के पहले चुनाव आयोग ने राज्य में रोड शो और वाहन रैली पर रोक लगाई है। इससे पूर्व कलकत्ता हाई कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान कोविड-19 रोधी नियमों के क्रियान्वयन को लेकर चुनाव आयोग के प्रति नाराजगी जताई थी।