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कोरोना: चौथी लहर के डर के बीच स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी का चढ़ने लगा प्रीमियम, नई और पुराने रेट में 15 फीसदी का इजाफा 

Sat, 16 Apr 2022 05:17 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Sat, 16 Apr 2022 05:17 PM IST
सार

बीमा कंपनियों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि बीमा कंपनियां हर तीन वर्ष बाद पॉलिसियां महंगी कर सकती हैं मगर इससे पहले नियामक की अनुमति अनिवार्य है। पिछले दो वर्षों से अधिकांश बीमा कंपनियों ने स्वास्थ्य सेवाएं महंगी होने के बावजूद प्रीमियम नहीं बढ़ाया था।

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Corona Alert Amidst the fear of fourth wave health insurance policy premium started climbing new and old rates increased by 15 percent Latest Update
कोरोना अलर्ट। - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

कोविड 19 की तीन लहर बीतने के बाद एक बार फिर देश में चौथी लहर का खतरा मंडराने लगा है। बढ़ते संक्रमण के डर से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के प्रीमियम भी चढ़ने लगे है। कई नई और पुरानी पॉलिसियों के प्रीमियम में 10 से 15 प्रतिशत का इजाफा देखा जा रहा है जिसके पॉलिसी रिन्यूअल की अवधि नजदीक आने वाली है। वहीं, कई गैर जीवन बीमा कंपनियां पहले ही स्वास्थ्य पॉलिसियों पर प्रीमियम बढ़ा चुकी हैं। 

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जानकारों का कहना है कि कोविड 19 की पहली, दूसरी और तीसरी लहर के दौरान बीमा कंपनियों को कई भारी भरकम दावे निपटाने पड़े हैं। इसके अलावा पहले की तुलना में स्वास्थ्य सुविधाएं भी महंगी हुई हैं। इन्हीं सभी बातों को ध्यान में रखते हुए बीमा कंपनियां अपने प्रीमियम में इजाफा कर रही है, जबकि कई पॉलिसियां उस चरण में पहुंच चुकी हैं जहां प्रीमियम बढ़ाना बहुत जरूरी हो गया था।
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सामान्य बीमा परिषद के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि वित्त वर्ष 2022 तक बीमा कंपनियों ने कोविड संबंधित स्वास्थ्य बीमा दावों के मद में 25 हजार करोड़ की रकम का भुगतान किया है। वित्त वर्ष 2021 की तुलना में यह रकम तीन गुना ज्यादा है। दरअसल, बीमा कंपनियां तब प्रीमियम बढ़ाती हैं, जब उनकी स्वास्थ्य पॉलिसियों पर नुकसान का अनुपात अधिकतम सीमा पार कर जाता है। कोविड महामारी की वजह से कई बीमा कंपनियों का हानि अनुपात अधिक हो गया था।
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कंपनियों ने कुछ पॉलिसियों पर बढ़ाए प्रीमियम
बीमा कंपनियों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों का कहना है कि बीमा कंपनियां हर तीन वर्ष बाद पॉलिसियां महंगी कर सकती हैं मगर इससे पहले नियामक की अनुमति अनिवार्य है। पिछले दो वर्षों से अधिकांश बीमा कंपनियों ने स्वास्थ्य सेवाएं महंगी होने के बावजूद प्रीमियम नहीं बढ़ाया था। अस्पतालों को स्वास्थ्य सेवाएं महंगी करने के लिए किसी नियामक की मंजूरी नहीं लेनी पड़ती है। कई अस्पतालों ने कोविड के दौरान इलाज महंगा कर दिया था, जिससे बीमा कंपनियों के पास भारी भरकम दावे आने लगे। हालात जब बिगड़ने लगे तो आईआरडीए को बीमा दावों के लिए एक मानक तय करना पड़ा।

विशेषज्ञों का आगे यह भी कहना है कि कोविड महामारी की वजह से बीमा कंपनियों को बहुत नुकसान हुआ है। स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र की कई कंपनियां अस्पताल में भर्ती होने पर आए खर्च के दावों की समीक्षा कर रही हैं और अपने प्रीमियम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। इधर केयर हेल्थ इंश्योरेंस अपनी कुछ पॉलिसियों पर प्रीमियम 8 से 10 प्रतिशत बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। वहीं मनिपाल सिग्ना भी प्रीमियम में 10-15 प्रतिशत तक इजाफा करने के बारे में सोच रही है। बीमा कंपनी एचडीएफसी अर्गो ने भी प्रीमियम बढ़ा दिया है, जबकि नीवा बूपा हेल्थ इंश्योरेंस को भी प्रीमियम बढ़ाने की मंजूरी बीमा विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (आईआरडीए) से मिल गई है। स्वास्थ्य बीमा क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी स्टार हेल्थ इंश्योरेंस भी कुछ पॉलिसियां महंगा करने पर विचार कर रही है।

फिर बढ़ने लगे हैं कोविड के मामले

  • इधर, देश के कई राज्यों में कोरोना संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।  केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के एक हजार से कम नए मामले दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में 975 नए कोविड -19 मामले दर्ज किए गए हैं। नए आंकड़ों के साथ ही देश में अब तक कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,30,40,947 हो गई है।
  • वहीं इस संक्रमण के कारण चार लोगों की मौत हुई है। नए मरने वालों के साथ ही मृतक संख्या बढ़कर 5,21,747 हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान में 11,366 एक्टिव मामले हैं और कुल संक्रमणों का 0.03 प्रतिशत है। वहीं इस बीमारी से ठीक होने वाले की दर 98.76 प्रतिशत है और शुक्रवार को 796 लोग ठीक भी हुए।
  • वहीं दूसरी तरफ देश की राजधानी में एक बार फिर कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं। दिल्ली में शुक्रवार को 24 घंटे में कोरोना के 366 नए मामले दर्ज किए गए थे जबकि कोरोना पॉजिटिविटी रेट 3.95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद के स्कूलों में बच्चे कोरोना की चपेट में आने लगे हैं।
  • इस बीच दिल्ली में कोविड-19 के बढ़ते मामले को देखते हुए अरविंद केजरीवाल सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए कमर कस ली है और सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रहने को कहा है। राष्ट्रीय राजधानी में पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी देखी जा रही है। इसके साथ ही दिल्ली का कोविड -19 के मरीजों का आंकड़ा बढ़कर 18,67,572 हो गया है, जबकि मरने वालों की संख्या 26,158 है।
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