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त्रिपुरा हिंसा पर अमरावती में बवाल: भाजपा के बंद के दौरान पत्थरबाजी, इंटरनेट बंद और चार दिन के लिए कर्फ्यू

Sat, 13 Nov 2021 06:42 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sat, 13 Nov 2021 06:42 PM IST
सार

पिछले महीने त्रिपुरा में हुई हिंसा के खिलाफ महाराष्ट्र के अमरावती में शुक्रवार को कुछ मुस्लिम संगठनों के विरोध प्रदर्शन किया था, इस दौरान पत्थरबाजी के बाद हिंसा भड़क उठी थी। भाजपा ने इसी के खिलाफ आज बंद बुलाया था।

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Cops lathicharge mob as stones hurled during BJP bandh in Amravati in protest to violence in rally by Muslim Organisations news and updates
त्रिपुरा में दो हफ्ते पहले हुई हिंसा के विरोध में अमरावती में लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। - फोटो : Social Media

विस्तार

महाराष्ट्र के अमरावती सिटी में शनिवार को बुलाए गए एक बंद के दौरान हिंसा भड़क गई जिसके चलते यहां इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं और इसके साथ ही चार दिन के लिए कर्फ्यू लगाने का एलान किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह बंद कथित तौर पर भाजपा के स्थानीय नेताओं ने हाल ही में त्रिपुरा में हुई हिंसा के विरोध में मुस्लिम संगठनों की शुक्रवार को निकाली गई रैलियों में हुई हिंसा के विरोध में बुलाया था। 

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इस दौरान किसी ने एक दुकान पर पत्थरबाजी कर दी थी। शनिवार की सुबह भगवा झंडे लिए सैकड़ों व्यक्ति राजकमल चौर में सड़कों पर उतर आए थे। शहर की पुलिस कमिश्नर आरती सिंह ने बताया कि अफवाहें हिंसा को बढ़ा सकती हैं इसलिए इस स्थिति से बचने के लिए इंटरनेट सेवाओं को अगले तीन दिन तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। उन्होंने बताया कि कर्फ्यू अगले चार दिन तक प्रभाव में रहेगा।
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बंद के दौरान हिंसा भड़क उठी जब कुछ शरारती तत्वों ने पत्थरबाजी को अंजाम दिया, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर जमकर लाठियां बरसाईं। इसके बाद जिले में धारा 144 लगाने का एलान किया गया था। एक पुलिस अफसर ने बताया कि भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया गया। फिलहाल शहर की ज्यादातर जगहों पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। वहीं, पुलिस ने अब तक दंगा सहित विभिन्न आरोपों में 20 प्राथमिकी दर्ज कर 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान चार अन्य को हिरासत में भी लिया गया है। 
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गायिका वैशाली म्हाडे ने अपने गृहनगर अमरावती में शांति की अपील की
पार्श्व गायिका वैशाली म्हाडे ने शनिवार को पूर्वी महाराष्ट्र में अपने गृहनगर अमरावती में शांति और सद्भाव की अपील की। अमरावती की रहने वाले म्हाडे ने एक वीडियो क्लिप जारी की उसमें उन्होंने लोगों से सद्भाव बनाए रखने और हिंसा का सहारा नहीं लेने का आग्रह किया।

गायिका ने कहा यह बहुत दुखद है क्योंकि यह मेरा शहर है और मेरे अपने लोग आहत हो रहे हैं। कृपया किसी के बहकावे में न आएं। उन्होंने कहा कोरोना का डर अभी भी हम पर मंडरा रहा है और अगर ऐसी घटनाएं होती हैं तो शायद तीसरी या चौथी लहर आ सकती है। 

आगे कहा कि ऐसा कोई कार्य न करें जिससे हम सभी के लिए समस्या उत्पन्न हो, किसी भी प्रकार की हिंसा का समर्थन न करें। यह हमारा शहर और हमारे लोग हैं और शांति और सद्भाव बनाए रखना हमारा कर्तव्य है। 

हिंसा का उद्देश्य एमवीए सरकार को अस्थिर करना है: राउत
शिवसेना सांसद संजय राउत ने शनिवार को कहा कि अमरावती और अन्य स्थानों पर हिंसा का उद्देश्य महाविकास अघाड़ी सरकार को अस्थिर करना है। औरंगाबाद में पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने कहा कि राज्य सरकार की सब पर नजर है। हिंसा के अपराधियों के असली चेहरे जल्द ही सामने आ जाएंगे। साथ ही इस मामले पर राज्यपाल से भी मुलाकात करेंगे।

महाराष्ट्र पुलिस कमिश्नर ने की शांति की अपील
महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक संजय पांडे ने नागरिकों से शांति और सद्भाव बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से इस तरह की घटनाओं में शामिल लोगों को कोई फायदा नहीं होता है, लेकिन घटनाओं में शामिल युवा अपराधियों का भविष्य संकट में पड़ जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग भी करेगी।

त्रिपुरा के उप मुख्यमंत्री ने की हिंसा की निंदा
त्रिपुरा के उप मुख्यमंत्री जिष्णु देव वर्मा ने कहा कि महाराष्ट्र के कुछ चुनिंदा शहरों में त्रिपुरा का नाम लेकर हुई घटनाएं हमारे लिए शर्मनाक हैं। लोग अपने संकीर्ण राजनीतिक लाभ के लिए फर्जी खबरें, तस्वीरें फैलाकर त्रिपुरा की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

साथ ही उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में शांति कायम है। रचनात्मक आलोचना किसी भी सरकार के लिए अच्छी होती है लेकिन इस तरह की अफवाह फैलाना साजिश के समान है और त्रिपुरा के गौरवशाली इतिहास पर इस तरह के नृशंस हमले बर्दाश्त नहीं किए जाने चाहिए।

गृह मंत्रालय ने कहा- त्रिपुरा से जुड़ी खबरें सच नहीं

  • इस बीच गृह मंत्रालय ने भी बयान जारी किया। इसमें कहा गया कि त्रिपुरा के गोमती जिले में एक मस्जिद के क्षतिग्रस्त होने और तोड़फोड़ के बारे में सोशल मीडिया में प्रसारित समाचार फर्जी है और तथ्यों की पूरी तरह से गलत बयानी है। लोगों को शांत रहना चाहिए और ऐसी खबरों से गुमराह नहीं होना चाहिए।
  • इसमें कहा गया कि हाल के दिनों में त्रिपुरा में किसी मस्जिद के ढांचे के क्षतिग्रस्त होने का कोई मामला सामने नहीं आया है। जैसा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया गया है, इन घटनाओं में किसी व्यक्ति की साधारण या गंभीर चोट या बलात्कार या मौत की कोई रिपोर्ट नहीं है। 
  • उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र में, त्रिपुरा के बारे में फर्जी खबरों के आधार पर हिंसा और आपत्तिजनक बयानों की खबरें आई हैं, जिनका उद्देश्य शांति और सद्भाव को बिगाड़ना है। यह बहुत ही चिंताजनक है और यह आग्रह किया जाता है कि हर कीमत पर शांति बनी रहे। 


फडणवीस बोले- महाराष्ट्र में रैलियां करना गलत 
वहीं, महाराष्ट्र में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि त्रिपुरा में जो घटना कभी नहीं हुई उसके लिए राज्य में रैलियों का आयोजन करना गलत था। उन्होंने लोगों से संयम बरतने की अपील की क्योंकि अमरावती शहर से लगातार दूसरे दिन हिंसा की घटनाओं की सूचना मिली थी जिसके बाद पुलिस ने कर्फ्यू लगा दिया। 

फडणवीस ने कहा कि त्रिपुरा सरकार और स्थानीय पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अल्पसंख्यक समुदाय के किसी भी धार्मिक स्थल को नहीं जलाया गया। उन्होंने इसकी तस्वीरें भी जारी की हैं। मैं दोनों समुदायों से संयम बरतने की अपील करता हूं। 

पूर्व सीएम ने यह भी कहा कि राज्य सरकार में राजनीतिक दलों को भड़काऊ बयान नहीं देना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो त्रिपुरा में हुआ ही नहीं, उसके लिए महाराष्ट्र में रैलियां करना बिल्कुल गलत है। एक विशेष समुदाय की दुकानों पर हमला करना गलत है। 


मुस्लिमों के प्रदर्शन के दौरान भी भड़की थी हिंसा
इससे पहले शुक्रवार को हुई घटना को लेकर महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वल्से ने कहा, "त्रिपुरा में हुई हिंसा के खिलाफ राज्यभर के मुस्लिमों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान नांदेड़, मालेगांव और अमरावती समेत कई जगहों पर पत्थरबाजी हुई। मैंने हिंदू, मुस्लिमों से शांति बनाए रखने की अपील की।" उन्होंने कहा, "अब स्थिति नियंत्रण में है। मैं खुद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के जरिए इस पर नजर रख रहा हूं। अगर कोई दोषी पाया गया, तो उसे छोड़ा नहीं जाएगा।"



अमरावती की सांसद नवनीत आर राणा ने कहा कि जिले में कल जो कुछ हुआ उसकी निंदा करती हूं। मैं सभी नागरिकों और नेताओं से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं। मैं बड़े मंत्रियों से अपील करती हूं कि इसे राजनीतिक रंग देने की जगह लोगों की सुरक्षा के बारे में बात की जाए। 

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