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विवाद: महिला नेताओं ने डासना मंदिर के पुजारी के बयान को बताया तालिबानी मानसिकता, यति ने लगाया वीडियो से छेड़छाड़ का आरोप
Sun, 29 Aug 2021 06:57 PM IST
सुरेंद्र जोशी
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
अमित शर्मा, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Sun, 29 Aug 2021 06:57 PM IST
सार
डासना मंदिर के पुजारी स्वामी यति नरसिंहानंद ने सोशल मीडिया में वायरल वीडियो में महिला नेताओं पर की अभद्र टिप्पणी। महिला नेताओं ने कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं, डासना मंदिर के पुजारी स्वामी यति ने कहा-मुसलमानों ने उन्हें बदनाम करने के लिए वीडियो से की छेड़छाड़। वीडियो को बताया पुराना।
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यति नरसिंहानंद सरस्वती
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
डासना मंदिर के पुजारी स्वामी यति नरसिंहानंद के एक और बयान पर विवाद छिड़ गया है। सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में उन्होंने हर राजनीतिक दल में महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए समझौता करने के लिए 'मजबूर' होने की बात कही है। स्वामी का यह वीडियो सामने आने के बाद हर राजनीतिक दल की महिला नेताओं ने आगे आकर उनका विरोध किया है और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, स्वामी यति नरसिंहानंद ने कहा है कि उन्हें बदनाम करने की नीयत से 'मुसलमानों' ने इस वीडियो से छेड़छाड़ कर इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। उन्होंने इस वीडियो को पुराना बताया है।
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कांग्रेस नेता ऋतु चौधरी ने 'अमर उजाला' से कहा कि यह एक बीमार मानसिकता है, जो बताती है कि कुछ पुरूष 21वीं सदी में भी 'तालिबानी मानसिकता' से ग्रस्त हैं और महिलाओं के आगे बढ़ने को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। एक मंदिर के पुजारी स्वामी यति का इस तरह का बयान शर्मनाक है और देश की करोड़ों बेटियों का अपमान है। उन्होंने कहा कि जिस समय बेटियां घर के चूल्हे-चौके से आगे बढ़कर पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन कर रही हैं, मिलिट्री, नेवी, वायुसेना, स्वास्थ्य से लेकर ओलंपिक तक हर क्षेत्र में देश को गौरवान्वित कर रही हैं, उस समय में भी कुछ लोगों की इस तरह की सोच देश और पूरे समाज को शर्मसार करने वाली है। उन्होंने कहा कि पुलिस को इस वीडियो की सत्यता की जांच कर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
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बीजेपी महिला नेता डिंपल शर्मा ने कहा कि जिस समय देश के प्रधानमंत्री बेटियों को पढ़ाने, उन्हें आगे बढ़ाने और उनका सशक्तीकरण करने की बात करते हैं, उस समय में भी कुछ लोगों की इस तरह की सोच दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को अपने घर की बेटियों के बारे में भी सोचना चाहिए और समझना चाहिए कि देश अब बदल गया है और बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। ऐेसे बयानों से नकारात्मक माहौल बनता है जिसे रोकने के लिए ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।
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भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने स्वामी यति के इस बयान को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और महिला विरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि एक कुंठित मानसिकता के शिकार व्यक्ति के द्वारा ही इस तरह का बयान दिया जा सकता है। यूपी पुलिस और संबंधित एजेंसियों को इस पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। कपिल मिश्रा का यह बयान इस अर्थ में महत्त्वपूर्ण है कि इसके पूर्व वे स्वामी यति के समर्थन में रहे हैं और उन्हें हिंदुत्व का बड़ा चेहरा बताते रहे हैं।
स्वामी यति ने वीडियो को बताया पुराना
स्वामी यति नरसिंहानंद ने अमर उजाला से कहा कि यह वीडियो बहुत पुराना है। इस समय इसे 'एडिट' कर सोशल मीडिया में वायरल कर उन्हें बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदूवादी मुद्दों पर प्रखरता से बोलने के कारण कुछ 'मुसलमानों' ने उन्हें बदनाम करने के लिए इस पुराने वीडियो से छेड़छाड़ कर इसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है।
स्वामी यति ने कहा कि वे जिस मंदिर में रहते हैं, वहां देवी की पूजा की जाती है। उनके यहां हजारों की संख्या में महिलाएं, बहू-बेटियां दर्शन करने के लिए आती हैं। उनकी सुरक्षा को लेकर यहां कई बार विवाद हो चुका है जो कई बार सांप्रदायिक रंग तक धारण कर चुका है। पूरी दुनिया की तरह वे स्वयं भी एक महिला से पैदा हुए हैं और उनकी पत्नी भी हैं। वे पूरी महिला जाति का सम्मान करते हैं। लेकिन हिंदूवादी मुद्दों को लगातार उजागर करने के कारण उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है और यह वीडियो उसी कड़ी में जारी किया गया है।
हालांकि, अमर उजाला से बातचीत में स्वामी यति ने यह स्वीकार किया है कि वे उस मौके पर विभिन्न दलों में महिलाओं की समस्याओं पर बात कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वीडियो में वे महिलाओं के खिलाफ नहीं, बल्कि उन नेताओं के खिलाफ बोल रहे थे जिनके कारण महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर नहीं मिल पाता और उन्हें अपना काम कराने के लिए पुरूष नेताओं के सामने मजबूर होना पड़ता है।